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फैक्ट्री कर्मियों का हंगामा, हाईवे पर जाम का प्रयास
उन्नाव
Updated Wed, 17 May 2017 12:30 AM IST
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नाराज फैक्ट्री कर्मियों को समझाते कोतवाल संतोष तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
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उत्पीड़न और मनमानी से नाराज फैक्ट्री के कर्मियों का मंगलवार को सब्र टूट गया। सुबह प्रोडक्शन मैनेजर ने कुछ कर्मियों से मारपीट की तो फैक्ट्री के करीब डेढ़ सैकड़ा श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रबंधन की अनसुनी से नाराज श्रमिकों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया तो कोतवाली पुलिस पहुंची। कोतवाली प्रभारी की मध्यस्थता के बाद फैक्ट्री मैनेजमेंट ने कर्मियों के सात सूत्री मांगपत्र पर हामी भरी, तब पांच घंटे बाद कर्मी काम पर लौटे।
नरी गांव के पास स्थित शदफ शू फैक्ट्री के प्रोडक्शन मैनेजर असलम व इस्माइल पर उत्पीड़न से नाराज फैक्ट्री कर्मी मंगलवार सुबह आपा खो बैठे। केसरगंज निवासी अब्दुल सलाम, लखनापुर अजगैन के बब्लू और कमल वर्मा निवासी एबी नगर समेत कुछ और श्रमिकों पर जूते में ज्यादा चमड़ा खपाने और भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाते उनसे मारपीट की गई थी।
इससे नाराज कर्मियों ने सुबह 10 बजे काम बंद कर दिया और फैक्ट्री के गेट पर जमा होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनकी समस्याएं सुनने जब कोई नहीं आया तो एक घंटे बाद सभी कर्मियों ने एकजुट होकर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर शहर कोतवाली प्रभारी संतोष तिवारी मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री कर्मियों को शांत कराते हुए उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन से मिलकर श्रमिकों की समस्याओं का हल निकालने को कहा।
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काफी देर माथापच्ची के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने किसी भी श्रमिक के साथ गलत बर्ताव न करने, गलती होने पर एक हजार रुपये का फाइन लगाने, कर्मी की मर्जी के बिना ओवर टाइम न कराने, सभी कर्मियों को आई कार्ड देने, नियमित कर्मियों को फैक्ट्री में काम उपलब्ध न होने पर भी आधा वेतन देने और फैक्ट्री परिसर में पुलिस शिकायत व सुझाव पेटिका लगाने समेत सात मांगे मान लीं। इसके बाद सभी श्रमिक काम पर लौटे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि श्रमिक गलत बर्ताव होने से नाराज थे अब सभी संतुष्ट हैं और मामला शांत है।
नरी गांव के पास स्थित शदफ शू फैक्ट्री के प्रोडक्शन मैनेजर असलम व इस्माइल पर उत्पीड़न से नाराज फैक्ट्री कर्मी मंगलवार सुबह आपा खो बैठे। केसरगंज निवासी अब्दुल सलाम, लखनापुर अजगैन के बब्लू और कमल वर्मा निवासी एबी नगर समेत कुछ और श्रमिकों पर जूते में ज्यादा चमड़ा खपाने और भुगतान में अनियमितता का आरोप लगाते उनसे मारपीट की गई थी।
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इससे नाराज कर्मियों ने सुबह 10 बजे काम बंद कर दिया और फैक्ट्री के गेट पर जमा होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनकी समस्याएं सुनने जब कोई नहीं आया तो एक घंटे बाद सभी कर्मियों ने एकजुट होकर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर शहर कोतवाली प्रभारी संतोष तिवारी मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री कर्मियों को शांत कराते हुए उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन से मिलकर श्रमिकों की समस्याओं का हल निकालने को कहा।
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काफी देर माथापच्ची के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने किसी भी श्रमिक के साथ गलत बर्ताव न करने, गलती होने पर एक हजार रुपये का फाइन लगाने, कर्मी की मर्जी के बिना ओवर टाइम न कराने, सभी कर्मियों को आई कार्ड देने, नियमित कर्मियों को फैक्ट्री में काम उपलब्ध न होने पर भी आधा वेतन देने और फैक्ट्री परिसर में पुलिस शिकायत व सुझाव पेटिका लगाने समेत सात मांगे मान लीं। इसके बाद सभी श्रमिक काम पर लौटे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि श्रमिक गलत बर्ताव होने से नाराज थे अब सभी संतुष्ट हैं और मामला शांत है।