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संक्रामक मरीजों से इमरजेंसी फुल
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:25 AM IST
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इमरजेंसी में बेड फुल।
- फोटो : अमर उजाला
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संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी फुल हो चुकी है। यहां आने वाले मरीजों को भर्ती होने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। गुरुवार को वार्ड फुल होने से बुखार पीड़ित मरीज कई घंटे तक जमीन पर लेटा रहा। उसके साथ आए तीमारदार के काफी मिन्नत के बाद उसे एक बच्चे के साथ शिफ्ट किया गया। वहीं पैथालॉजी में जहां एक दिन में 100 से 150 मरीजों की जांच होती थी, इस समय 600 मरीजों की जांच की जा रही है।
जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी संक्रामक मरीजों से फुल है। स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर रहे हैं, लेकिन यहां भी बेड फुल होने से मरीजों को वेटिंग लिस्ट में रखा जा रहा है। गुरुवार को अचलगंज के अमरसस गांव निवासी रामकुमार (54) को तेज बुखार आने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर गए। लेकिन वहां जगह न होने से डाक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने को कहा। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए और इमरजेंसी में डाक्टर को दिखाया।
डाक्टर ने भर्ती करने के लिए कहा। लिखापढ़ी के बाद जब भर्ती करने का नंबर आया तो वहां बेड ही खाली नहीं था। इस पर रामकुमार घंटो इमरजेंसी की जमीन पर बैठा रहा। तीमारदारों ने स्टाफ नर्स से काफी मिन्नत की तब जाकर उसे पहले से भर्ती एक बच्चे के साथ शिफ्ट किया गया और उसका इलाज शुरू हुआ। इसके अलावा बुधवार रात डायरिया मरीजों में अंकुश (12) पुत्र मुकेश यादव टीकरगढ़ी, सातन निवासी राकेश कुमार का पुत्र हर्ष (11 माह), फतुल्लानगर के परमेश्वर का पुत्र कन्हैया (10) व उम्मीदों का शहर निवासी उमेश (13) पुत्र नारेंद्र को उल्टी दस्त आने पर भर्ती कराया गया है।
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डायरिया, मलेरिया के मरीज ज्यादा
जिला अस्पताल के डाक्टर आनंद स्वरूप का कहना है कि संक्रामक रोग की स्थिति यह है कि एक दिन में 600 से अधिक जांचे करनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि रूटीन जांचों के अलावा सबसे अधिक डायरिया, मलेरिया के ही मरीज आ रहे हैं। गुरुवार को 647 मरीजों की जांच की गई। इसमें 400 से अधिक जांचे बुखार व डायरिया से संबंधित हैं। उनका कहना है कि सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक सिर्फ जांच करने में ही गुजर जाता है।
सीएमओ कार्यालय में बना कंट्रोलरूम
सीएमओ डा. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि संक्रामक रोग बढ़ने की आशंका देख कार्यालय में संक्रामक रोग नियंत्रण कंट्रोलरूम बनाया गया है। जिले के किसी भी क्षेत्र में संक्रामक रोग फैलने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0515-2840512 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर बीमारों का इलाज करेंगी और रोकथाम के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। तीन डाक्टरों की 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। सीएचसी व पीएचसी में भी संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।
जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी संक्रामक मरीजों से फुल है। स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर रहे हैं, लेकिन यहां भी बेड फुल होने से मरीजों को वेटिंग लिस्ट में रखा जा रहा है। गुरुवार को अचलगंज के अमरसस गांव निवासी रामकुमार (54) को तेज बुखार आने पर परिजन उसे सीएचसी लेकर गए। लेकिन वहां जगह न होने से डाक्टर ने जिला अस्पताल ले जाने को कहा। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए और इमरजेंसी में डाक्टर को दिखाया।
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डाक्टर ने भर्ती करने के लिए कहा। लिखापढ़ी के बाद जब भर्ती करने का नंबर आया तो वहां बेड ही खाली नहीं था। इस पर रामकुमार घंटो इमरजेंसी की जमीन पर बैठा रहा। तीमारदारों ने स्टाफ नर्स से काफी मिन्नत की तब जाकर उसे पहले से भर्ती एक बच्चे के साथ शिफ्ट किया गया और उसका इलाज शुरू हुआ। इसके अलावा बुधवार रात डायरिया मरीजों में अंकुश (12) पुत्र मुकेश यादव टीकरगढ़ी, सातन निवासी राकेश कुमार का पुत्र हर्ष (11 माह), फतुल्लानगर के परमेश्वर का पुत्र कन्हैया (10) व उम्मीदों का शहर निवासी उमेश (13) पुत्र नारेंद्र को उल्टी दस्त आने पर भर्ती कराया गया है।
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डायरिया, मलेरिया के मरीज ज्यादा
जिला अस्पताल के डाक्टर आनंद स्वरूप का कहना है कि संक्रामक रोग की स्थिति यह है कि एक दिन में 600 से अधिक जांचे करनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि रूटीन जांचों के अलावा सबसे अधिक डायरिया, मलेरिया के ही मरीज आ रहे हैं। गुरुवार को 647 मरीजों की जांच की गई। इसमें 400 से अधिक जांचे बुखार व डायरिया से संबंधित हैं। उनका कहना है कि सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक सिर्फ जांच करने में ही गुजर जाता है।
सीएमओ कार्यालय में बना कंट्रोलरूम
सीएमओ डा. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी ने बताया कि संक्रामक रोग बढ़ने की आशंका देख कार्यालय में संक्रामक रोग नियंत्रण कंट्रोलरूम बनाया गया है। जिले के किसी भी क्षेत्र में संक्रामक रोग फैलने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0515-2840512 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर बीमारों का इलाज करेंगी और रोकथाम के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। तीन डाक्टरों की 8-8 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। सीएचसी व पीएचसी में भी संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं।