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कैडेट्स ने सीखे आग से बचाव के गुर
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डीएसएन कालेज में एनसीसी कैडेट्स को आग से बचाव का प्रशिक्षण देते अग्निशमन अधिकारी शिवदरश प्रसाद।
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। डीएसएन महाविद्यालय में चल रहे एनसीसी कैंप के पांचवें दिन अग्निशमन विभाग ने कैडेट्स को आग से बचाव के गुर सिखाए। बताया कि प्राकृतिक आपदाओं को रोकना संभव नहीं है। इनके बचाव के तौर-तरीकों को सीखकर इनसे होने वाले नुकसान काफी हद तक कम किए जा सकते हैं।
अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि आग की घटनाएं पांच प्रकार से होती हैं। पहली आग जो घास-फूस से लगती है। दूसरी तरल पदार्थ से, तीसरी गैस, चौथी धातु और पांचवीं बिजली की आग शामिल है। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अलग-अलग तरह के तौर-तरीके अपनाए जाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं पर काबू पाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय मनुष्य का मनोबल और साहस है। इसमें वह बिना घबराए उस प्राकृतिक आपदाओं पर काबू पाने के लिए प्रयास करता है।
कैंप संयोजक डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि प्राकृतिक मानवीय आपदाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय आपदाएं प्रबंधन प्राधिकरण योजनाएं बनाती है। सभी प्रकार की आपदाओं पर पूरी तरह से काबू पाना मुमकिन नहीं है। आपदा प्रबंधन के उचित तौर-तरीकों के प्रशिक्षण से इनसे होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस दौरान 57 बटालियन के प्रशिक्षक जेसीओ अमृत गुरुंग व पीआई स्टाफ श्याम, ईमान मौजूद रहे ।
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अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि आग की घटनाएं पांच प्रकार से होती हैं। पहली आग जो घास-फूस से लगती है। दूसरी तरल पदार्थ से, तीसरी गैस, चौथी धातु और पांचवीं बिजली की आग शामिल है। आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए अलग-अलग तरह के तौर-तरीके अपनाए जाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं पर काबू पाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय मनुष्य का मनोबल और साहस है। इसमें वह बिना घबराए उस प्राकृतिक आपदाओं पर काबू पाने के लिए प्रयास करता है।
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कैंप संयोजक डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि प्राकृतिक मानवीय आपदाओं को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय आपदाएं प्रबंधन प्राधिकरण योजनाएं बनाती है। सभी प्रकार की आपदाओं पर पूरी तरह से काबू पाना मुमकिन नहीं है। आपदा प्रबंधन के उचित तौर-तरीकों के प्रशिक्षण से इनसे होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस दौरान 57 बटालियन के प्रशिक्षक जेसीओ अमृत गुरुंग व पीआई स्टाफ श्याम, ईमान मौजूद रहे ।
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