{"_id":"60f9ba128ebc3e79bb473e25","slug":"education-unnao-news-knp6418146103","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने छात्र की फीस जमा कर साल बर्बाद होने से बचाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने छात्र की फीस जमा कर साल बर्बाद होने से बचाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। फीस न चुका पाने के कारण परीक्षा न दे पाने की नौबत बनी तो बीए तृतीय वर्ष के छात्र ने डीएम से मदद की गुहार लगाई। डीएम ने अधीनस्थों के माध्यम से फीस जमा कराई। इसके बाद छात्र ने परीक्षा दी।
सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के बबुआईन खेड़ा गांव निवासी रामबाबू रावत इसी ब्लाक क्षेत्र में स्थित सरदार पटेल वंशगोपाल सनातन धर्म पीजी कालेज में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। वह पढ़ाई के साथ ही दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर आईएएस की तैयारी कर रहा है। कोरोना के चलते वह घर आ गया था। इधर रुपयों की कमी होने से वह स्कूल की फीस नहीं चुका पाया। गुरुवार को उसकी फिजिक्स की परीक्षा थी। पांच हजार रुपयों का कोई इंतजाम न होने पर रामबाबू ने डीएम रवींद्र कुमार को उनके सीयूजी नंबर पर वाट्सएप मैसेज किया और अपनी समस्या बताते हुए मदद मांगी। उसने लिखा की भविष्य बर्बाद होने से बचा लीजिए, जिंदगी भर एहसान मानेंगे। इस पर डीएम ने बीडीओ के माध्यम से स्कूल में फीस जमा कराई। इसके बाद रामबाबू को प्रवेश पत्र मिला और परीक्षा दे पाया। परीक्षा देने के बाद उसने डीएम को फिर वाट्सएप मैसेज कर मदद के लिए धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक के बबुआईन खेड़ा गांव निवासी रामबाबू रावत इसी ब्लाक क्षेत्र में स्थित सरदार पटेल वंशगोपाल सनातन धर्म पीजी कालेज में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। वह पढ़ाई के साथ ही दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर आईएएस की तैयारी कर रहा है। कोरोना के चलते वह घर आ गया था। इधर रुपयों की कमी होने से वह स्कूल की फीस नहीं चुका पाया। गुरुवार को उसकी फिजिक्स की परीक्षा थी। पांच हजार रुपयों का कोई इंतजाम न होने पर रामबाबू ने डीएम रवींद्र कुमार को उनके सीयूजी नंबर पर वाट्सएप मैसेज किया और अपनी समस्या बताते हुए मदद मांगी। उसने लिखा की भविष्य बर्बाद होने से बचा लीजिए, जिंदगी भर एहसान मानेंगे। इस पर डीएम ने बीडीओ के माध्यम से स्कूल में फीस जमा कराई। इसके बाद रामबाबू को प्रवेश पत्र मिला और परीक्षा दे पाया। परीक्षा देने के बाद उसने डीएम को फिर वाट्सएप मैसेज कर मदद के लिए धन्यवाद दिया।
विज्ञापन