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परीक्ष केंद्र पर हंगामा, तोड़फोड़
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चकलवंशी। विश्वविद्यालय परीक्षाओं के पहले दिन केशव प्रसाद महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षकों की ओर से छात्रों को अलग कमरे में परीक्षा दिलाने से अन्य छात्र भड़क गए। छात्रों ने ओएमआर सीट फाड़ने के साथ खिड़की के शीशे तोड़ दिए। परीक्षा की निगरानी के लिए लगे सीसीटीवी के तार भी नोच डाले। स्थिति यह हो गई कि पर्यवेक्षकों ने कमरे में बंद होकर अपनी जान बचाई। प्राचार्या की सूचना पर एसडीएम व पुलिस पहुंची। एसडीएम ने छात्रों की बात सुनने के बाद पर्यवेक्षकों से बात की। पर्यवेक्षकों ने कुलपति से बात कर दोबारा परीक्षा कराए जाने का लिखित आश्वासन दिया। तब हंगामा शांत हुआ।
मिर्जापुर कला गांव में संचालित केशव प्रसाद महाविद्यालय में शिवशंकर सिंह शिवराम सिंह महाविद्यालय, अमरनाथ महाविद्यालय व राम भरोसे महाविद्यालय के 420 परीक्षार्थियों की परीक्षा थी। यहां विश्वद्यिालय से डॉ. धमेंद्र पांडेय व बीपी सिंह पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए थे। दूसरी पाली में बीए तृतीय वर्ष के छात्रों का हिंदी साहित्य का पेपर था। छात्राें का कहना था कि 11 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन पर्यवेक्षकों ने 11:15 बजे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए और निर्धारित समय पर 12:30 बजे पेपर बंद कर दिया। तभी एक पर्यवेक्षक 80 छात्रों से ओएमआरसीट न लेकर दूसरे कक्ष में बैठाकर परीक्षा दिलाने लगे और अन्य छात्रों से बाहर जाने को बोला। इससे छात्र भड़क गए। कमरे में रखीं ओएमआरसीट फाड़ डालीं। खिड़कियों में लगे शीशे तोड़ दिए और सीसीटीवी के केबल नोच डाले। छात्रों का उग्ररू प देख पर्यवेक्षकों ने अपने को कमरे में बंद कर लिया। प्राचार्या उपमा पांडेय की सूचना पर एसडीएम प्रदीप वर्मा व पुलिस कॉलेज पहुंची और हंगामा कर रहे छात्रों से वार्ता की। एसडीएम ने पर्यवेक्षकों से बात कर दोबारा परीक्षा कराए जाने की बात कही। विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारी से बात कर पर्यवेक्षकों ने दोबारा परीक्षा कराने का लिखित आश्वासान दिया।
केशव प्रसाद महाविद्यालय की प्राचार्य उपमा पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय से आए पर्यवेक्षकों ने अनियमितता बरती। परीक्षा के समय सीसीटीवी का नंबर मांगने लगे। कैमरे को हिलाया जाता तो कनेक्टिविटी गड़बड़ हो जाती। इससे परीक्षा लेट हुई। बाद में परीक्षार्थियों को समय भी नहीं दिया गया। इससे माहौल बिगड़ा।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। उस केंद्र पर दोबारा परीक्षा कराने या न कराने का फैसला पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।
-डॉ. अनिल कुमार यादव, कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज
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फोटो- 3, 4 व 5 (थर्मल चेकिंग वाली फोटो जरूरत पर रोक सकते)
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21,645 परीक्षार्थी हुए शामिल
उन्नाव। जिले में 35 परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हो रही हैं।
शुक्रवार को पहले दिन पहली पाली में सुबह 8 से 9:30 बजे तक बीए द्वितीय वर्ष के छात्रों की अंग्रेजी साहित्य व बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्रों की बॉटनी की परीक्षा थी। दूसरी पाली में सुबह 11 से 12:30 बजे तक बीए तृतीय वर्ष के छात्रों की हिंदी साहित्य व बीएससी तृतीय वर्ष के छात्रों की केमिस्ट्री की परीक्षा हुई। शाम को दोपहर 2 से शाम 3:30 बजे तक चली परीक्षा में एमससी द्वितीय वर्ष के छात्रों का जंतु विज्ञान व वनस्पति विज्ञान का पेपर था। तीनों पालियों में पंजीकृत 22 हजार छात्रों में 21,645 परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के नोडल अधिकारी विपिन सिंह ने बताया कि तीनों पालियों की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं डाकघर में जमा कराई गई हैं। रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय भेजी जाएंगी। अभी तक उत्तर पुस्तिकाएं नोडल केंद्र आती थीं। पहली बार डाकघर के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जा रही हैं। (उन्नाव)
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मिर्जापुर कला गांव में संचालित केशव प्रसाद महाविद्यालय में शिवशंकर सिंह शिवराम सिंह महाविद्यालय, अमरनाथ महाविद्यालय व राम भरोसे महाविद्यालय के 420 परीक्षार्थियों की परीक्षा थी। यहां विश्वद्यिालय से डॉ. धमेंद्र पांडेय व बीपी सिंह पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए थे। दूसरी पाली में बीए तृतीय वर्ष के छात्रों का हिंदी साहित्य का पेपर था। छात्राें का कहना था कि 11 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन पर्यवेक्षकों ने 11:15 बजे प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए और निर्धारित समय पर 12:30 बजे पेपर बंद कर दिया। तभी एक पर्यवेक्षक 80 छात्रों से ओएमआरसीट न लेकर दूसरे कक्ष में बैठाकर परीक्षा दिलाने लगे और अन्य छात्रों से बाहर जाने को बोला। इससे छात्र भड़क गए। कमरे में रखीं ओएमआरसीट फाड़ डालीं। खिड़कियों में लगे शीशे तोड़ दिए और सीसीटीवी के केबल नोच डाले। छात्रों का उग्ररू प देख पर्यवेक्षकों ने अपने को कमरे में बंद कर लिया। प्राचार्या उपमा पांडेय की सूचना पर एसडीएम प्रदीप वर्मा व पुलिस कॉलेज पहुंची और हंगामा कर रहे छात्रों से वार्ता की। एसडीएम ने पर्यवेक्षकों से बात कर दोबारा परीक्षा कराए जाने की बात कही। विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारी से बात कर पर्यवेक्षकों ने दोबारा परीक्षा कराने का लिखित आश्वासान दिया।
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केशव प्रसाद महाविद्यालय की प्राचार्य उपमा पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय से आए पर्यवेक्षकों ने अनियमितता बरती। परीक्षा के समय सीसीटीवी का नंबर मांगने लगे। कैमरे को हिलाया जाता तो कनेक्टिविटी गड़बड़ हो जाती। इससे परीक्षा लेट हुई। बाद में परीक्षार्थियों को समय भी नहीं दिया गया। इससे माहौल बिगड़ा।
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मामला मेरी जानकारी में आया है। उस केंद्र पर दोबारा परीक्षा कराने या न कराने का फैसला पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट आने के बाद लिया जाएगा।
-डॉ. अनिल कुमार यादव, कुल सचिव छत्रपति शाहू जी महाराज
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फोटो- 3, 4 व 5 (थर्मल चेकिंग वाली फोटो जरूरत पर रोक सकते)
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21,645 परीक्षार्थी हुए शामिल
उन्नाव। जिले में 35 परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हो रही हैं।
शुक्रवार को पहले दिन पहली पाली में सुबह 8 से 9:30 बजे तक बीए द्वितीय वर्ष के छात्रों की अंग्रेजी साहित्य व बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्रों की बॉटनी की परीक्षा थी। दूसरी पाली में सुबह 11 से 12:30 बजे तक बीए तृतीय वर्ष के छात्रों की हिंदी साहित्य व बीएससी तृतीय वर्ष के छात्रों की केमिस्ट्री की परीक्षा हुई। शाम को दोपहर 2 से शाम 3:30 बजे तक चली परीक्षा में एमससी द्वितीय वर्ष के छात्रों का जंतु विज्ञान व वनस्पति विज्ञान का पेपर था। तीनों पालियों में पंजीकृत 22 हजार छात्रों में 21,645 परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के नोडल अधिकारी विपिन सिंह ने बताया कि तीनों पालियों की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं डाकघर में जमा कराई गई हैं। रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय भेजी जाएंगी। अभी तक उत्तर पुस्तिकाएं नोडल केंद्र आती थीं। पहली बार डाकघर के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जा रही हैं। (उन्नाव)