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सरकार के आदेश का शिक्षा विभाग ने उड़ाया मखौल

Thu, 03 Nov 2016 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Thu, 03 Nov 2016 12:18 AM IST
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Education Department made a mockery of the government's order
किताबें लेते शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
जुलाई माह में बच्चों के बैग में पहुंचने वाली नि:शुल्क किताबें जिले के सैकड़ों बच्चों से अभी भी दूर हैं। यह हाल तब है, जब सरकार ने पाठ्य सामग्री 25 अक्टूबर तक वितरण न करने वाले  बीएसए पर सख्त कार्रवाई के आदेश निदेशक  को दिए हैं। योजना में लापरवाही बरतने वाले बीएसए की सूची सीएम ने तलब की है। इसके बाद भी बुधवार को कई बीआरसी केंद्रों पर किताबों का वितरण होता रहा।
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बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा ने बीते गुरुवार को एक पत्र बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजा था। इसमें  बीएसए से किताब वितरण का डाटा तलब किया गया था। साथ ही 25 अक्टूबर तक किताबों का वितरण न करा पाने वाले बीएसए के खिलाफ सीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिले के बीएसए खामी को छिपाने के लिए कागजी अभिलेखों को चुस्त दुरुस्त करने में जुट गए। बीईओ, एबीआरसी व संकुल प्रभारियों को दिवाली की छुट्टी के बाद बुधवार की शाम तक स्कूलों को किताबें आवंटित कर शिक्षकों को बंडल सौंपने के आदेश दिए गए।
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बुधवार को सिकंदरपुर कर्ण, बिछिया, नवाबगंज, बांगरमऊ, सुमेरपुर, हिलौली आदि केंद्रों पर किताबें लेने के लिए बीआरसी केंद्र पर शिक्षकों की चहलकदमी सुबह से शाम तक बनी रही। खामी को छिपाने के लिए बीएसए ने मीडिया को एबीआरसी व शिक्षकों को जानकारी देने से मना कर रखा था। बेसिक शिक्षा अधिकारी दीवान सिंह यादव ने गोल मोल जवाब देते हुए किताबों का वितरण समय से करा लेने का दावा किया है।
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