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डीएम को कागजों पर ही संचालित मिलीं जल निगम की योजनाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:03 AM IST
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उन्नाव। डीएम सौम्या अग्रवाल ने जल निगम कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शासन की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिर्फ कागजी कार्यवाही कर कोरम पूरा न किया जाए। क्षेत्र जाकर कार्य होने चाहिए। इसकी रिपोर्ट भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियंता से ब्लाकवार पेयजल परियोजनाओं की भी जानकारी ली।
डीएम दोपहर लगभग ढाई बजे जल निगम के प्रांतीय खंड कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण किया। बाद में बिजली व सौर ऊर्जा से संचालित परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि सौर ऊर्जा की जो परियोजनाएं खराब पड़ी हुई हैं उन्हें किस ठेके दार से ठीक कराया जा रहा है उसे बुलाओ। ठेके दार का मोबाइल नंबर किसी जल निगम अधिकारी के पास न होने के कारण वह बगले झांकने लगे। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता वीएस गंगवार को फटकार लगाई।
बाद में हैंडपंपों के रिबोर की जानकारी ली तो वह भी कागजों पर ही पाया गया। धरातल पर स्थिति न के बराबर रही। गर्मी को देखते हुए निर्देश दिए कि जो हैंडपंप खराब पड़े हैं उन्हें रिबोर कराया जा। करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय में रहकर डीएम अधिकारी व कर्मचारियों से अभिलेख मंगाकर जानकारी लेती रहीं।
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डीएम दोपहर लगभग ढाई बजे जल निगम के प्रांतीय खंड कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने कार्यालय का निरीक्षण किया। बाद में बिजली व सौर ऊर्जा से संचालित परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि सौर ऊर्जा की जो परियोजनाएं खराब पड़ी हुई हैं उन्हें किस ठेके दार से ठीक कराया जा रहा है उसे बुलाओ। ठेके दार का मोबाइल नंबर किसी जल निगम अधिकारी के पास न होने के कारण वह बगले झांकने लगे। इस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता वीएस गंगवार को फटकार लगाई।
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बाद में हैंडपंपों के रिबोर की जानकारी ली तो वह भी कागजों पर ही पाया गया। धरातल पर स्थिति न के बराबर रही। गर्मी को देखते हुए निर्देश दिए कि जो हैंडपंप खराब पड़े हैं उन्हें रिबोर कराया जा। करीब डेढ़ घंटे तक कार्यालय में रहकर डीएम अधिकारी व कर्मचारियों से अभिलेख मंगाकर जानकारी लेती रहीं।
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