{"_id":"e7ea6bf68d502182bfe4f1b7dd1b4313","slug":"district-hospital-bed-short-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में कम पड़ गए बेड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में कम पड़ गए बेड
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 14 May 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। कभी तपिश और भीषण गर्मी तो कभी बारिश और तेज हवा से मौसम के उतार-चढ़ाव में संक्रामक रोगों की बाढ़ आ गई है। जिला अस्पताल में रोज दस से बारह मरीज भर्ती हो रहे हैं। बुधवार को स्थिति काफी खराब रही। सुबह से दोपहर एक बजे तक डायरिया से पीड़ित दस नए मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। बेड कम पड़े तो फोल्डिंग डालकर बेड बढ़ाए गए। इसके बाद भी मरीजों की आना जारी रहा तो एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया गया।
विज्ञापन
बुधवार सुबह से दोपहर एक बजे तक जिला अस्पातल में दस नए मरीज भर्ती हुए। जबकि मंगलवार को चौबीस घंटे में पंद्रह मरीज भर्ती किए गए थे। अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिल रहे। किसी को फोल्डिंग चारपाई डालकर भर्ती किया जा रहा है तो किसी बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं।
विज्ञापन
बुधवार को डायरिया से पीड़ित जिन मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है उनमें गांधी नगर मोहल्ला की प्रिया (28), एबी नगर की गोमती (30), दर्शनखेड़ा के विजय (28), मनोहरपुर अचलगंज की रेखा शुक्ला (40), पीडी नगर की गुड्डी (35), छिपियाना की हूर आकिब (26), आवास विकास कालोनी की कीर्ति मिश्रा (21), पुरवा के तौरा गांव के राजेंद्र पाल (38), हसनगंज की शशि (8) पुत्री प्रेम कुमार, एबी नगर की प्रिया (20) पुत्री मुकेश, शिवबक्श खेड़ा के पिंटू (8) और पीडी नगर की रोशनी (9) को भर्ती कराया गया। मरीजों का आना लगातार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि सीएचसी और पीएचसी भी संक्रामक रोग पीड़ितों से पटे हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. आलोक पांडेय ने बताया कि खानपान और रहन-सहन में जरा सी लापरवाही किसी को भी बीमार कर सकती है। सावधानी बरतने की जरूरत है। रोज औसतन दर्जन भर मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।