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करार टूटा, डायल 100 की सेवा खत्म, मैनुअली हो रहा काम
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 27 Aug 2016 12:47 AM IST
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पुलिस आफसि
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तीन साल पहले पुलिस लाइन में बना मॉडल कंट्रोल रूम वर्तमान में पूरी तरह कंडम हो चुका है। यूपीडेस्को (उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम कारपोरेशन) से काल ट्रैकिंग सिस्टम का करार समाप्त होने के बाद अब पहले की तरह 100 नंबर की सूचनाएं रजिस्टर पर दर्ज की जा रही हैं। कंट्रोल रूम में लगे कंप्यूटर व अन्य सिस्टम करीब दो माह से धूल फांक रहे हैं। हालात यह हैं कि 100 पर घंटी बजने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया जाता है। सूत्रों की माने तो बकाया भुगतान जमा करने पर यूपी डेस्को ने व्यस्था से किनारा कर लिया है। हालांकि भुगतान जमा न होने की बात से पुलिस अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं।
वर्ष 2013/14 में जिले की कप्तान सोनिया सिंह के कार्यकाल में कंट्रोल रूम को मॉडल कंट्रोल रूम बनाया गया था। पहले 100 नंबर पर आने वाली शिकायतें रजिस्टर पर दर्ज होतीं थी। शिकायत दर्ज करने के बाद वहां तैनात कर्मी वायरलेस से सूचना को पास करता था। सोनिया सिंह के समय में पुलिस का यूपीडेस्को से करार हुआ। करारनामे के बाद कंट्रोल रूम में कालट्रैकिंग व्यवस्था व कंम्यूटराइज्ड शिकायत दर्ज होना शुरू हो गया। व्यवस्था के तहत कंप्यूटर में दर्ज हुई सूचना तुंरत अपडेट होकर सभी पुलिस अधिकारियों तक पहुंच जाती थी। दो माह से काल ट्रैकिंग व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। 100 नंबर पर आने वाली शिकायतें अब पहले की तरह रजिस्टर में दर्ज हो रही हैं। सूत्रों की माने तो बकाया लाखों रुपये भुगतान जमा न होने से यूपीडेस्को ने अपना हाथ खींच लिया है। हालांकि एसपी नेहा पांडेय ने कांट्रैक्ट समाप्त होने पर व्यवस्था ठप होने की बात कही है।
इंसेट।
बीएसएनएल ने सिर्फ दे रखी है इनकमिंग
100 नंबर के लिए पुलिस बीएसएनएल के लगे दो रिसीवर से काम चला रही है। बीएसएनएल ने सिर्फ इंनकमिंग दे रखी है। शिकायत की प्रगति के बारे में पता करने के लिए 100 नंबर पर तैनात कर्मी फोन में आउटगोइंग सुविधा न होने से कोना ताकते हैं। हालांकि खुद की गर्दन बचाने के लिए वहां के जिम्मेदारों ने सरकारी फोन इस्तेमाल करने की बात कही है।
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इंसेट।
मनमाने ढंग से हो रहा काम
यूपीडेस्को के हाथ खींचने व नेट सुविधा बंद होने से 100 नंबर पर तैनात कर्मी पशोपेश में है। नेट व्यवस्था से जुड़े होने के दौरान यह पुलिस कर्मी अपना समय काट लेते थे। व्यवस्था ठप होने के बाद झुल्लाहट में 100 नंबर पर आने वाली कॉल भी रिसीव नहीं की जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर गुरुवार शाम शहर के मोहल्ला पीडीनगर स्थित जिम से शुभम नाम के युवक की बाइक चोरी हो जाती है। सूचना देने के लिए शुभम कई बार 100 नंबर मिलाता है पर फोन नहीं उठता। थक हारकर उसने 0515-2820368 पर घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही उसने सदर कोतवाली प्रभारी के सीयूजी नंबर पर भी सूचना की। पुलिस जब तक बाइक की तलाश को निकलती चोर बाइक लेकर कहां चला चला किसी को पता नहीं चला। पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद 100 नंबर उठ जाता तो शायद चोर को पकड़ा जा सकता था।
क्या बोलीं एसपी
यूपीडेस्को से करार समाप्त होने से कॉल ट्रैकिंग व्यवस्था बंद हो गई है। डायरेक्ट सप्लाई देकर 100 नंबर पहले की तरह चलाया जा रहा है। 100 नंबर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। यदि शिकायतकर्ता के फोन मिलाने पर 100 नंबर नहीं उठता तो वह सीधे आकर मुझसे शिकायत कर सकता है। अक्टूबर माह तक सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चालू हो जाएंगी। नेहा पांडेय, एसपी
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वर्ष 2013/14 में जिले की कप्तान सोनिया सिंह के कार्यकाल में कंट्रोल रूम को मॉडल कंट्रोल रूम बनाया गया था। पहले 100 नंबर पर आने वाली शिकायतें रजिस्टर पर दर्ज होतीं थी। शिकायत दर्ज करने के बाद वहां तैनात कर्मी वायरलेस से सूचना को पास करता था। सोनिया सिंह के समय में पुलिस का यूपीडेस्को से करार हुआ। करारनामे के बाद कंट्रोल रूम में कालट्रैकिंग व्यवस्था व कंम्यूटराइज्ड शिकायत दर्ज होना शुरू हो गया। व्यवस्था के तहत कंप्यूटर में दर्ज हुई सूचना तुंरत अपडेट होकर सभी पुलिस अधिकारियों तक पहुंच जाती थी। दो माह से काल ट्रैकिंग व्यवस्था पूरी तरह से ठप है। 100 नंबर पर आने वाली शिकायतें अब पहले की तरह रजिस्टर में दर्ज हो रही हैं। सूत्रों की माने तो बकाया लाखों रुपये भुगतान जमा न होने से यूपीडेस्को ने अपना हाथ खींच लिया है। हालांकि एसपी नेहा पांडेय ने कांट्रैक्ट समाप्त होने पर व्यवस्था ठप होने की बात कही है।
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बीएसएनएल ने सिर्फ दे रखी है इनकमिंग
100 नंबर के लिए पुलिस बीएसएनएल के लगे दो रिसीवर से काम चला रही है। बीएसएनएल ने सिर्फ इंनकमिंग दे रखी है। शिकायत की प्रगति के बारे में पता करने के लिए 100 नंबर पर तैनात कर्मी फोन में आउटगोइंग सुविधा न होने से कोना ताकते हैं। हालांकि खुद की गर्दन बचाने के लिए वहां के जिम्मेदारों ने सरकारी फोन इस्तेमाल करने की बात कही है।
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मनमाने ढंग से हो रहा काम
यूपीडेस्को के हाथ खींचने व नेट सुविधा बंद होने से 100 नंबर पर तैनात कर्मी पशोपेश में है। नेट व्यवस्था से जुड़े होने के दौरान यह पुलिस कर्मी अपना समय काट लेते थे। व्यवस्था ठप होने के बाद झुल्लाहट में 100 नंबर पर आने वाली कॉल भी रिसीव नहीं की जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर गुरुवार शाम शहर के मोहल्ला पीडीनगर स्थित जिम से शुभम नाम के युवक की बाइक चोरी हो जाती है। सूचना देने के लिए शुभम कई बार 100 नंबर मिलाता है पर फोन नहीं उठता। थक हारकर उसने 0515-2820368 पर घटना की जानकारी दी। इसके साथ ही उसने सदर कोतवाली प्रभारी के सीयूजी नंबर पर भी सूचना की। पुलिस जब तक बाइक की तलाश को निकलती चोर बाइक लेकर कहां चला चला किसी को पता नहीं चला। पीड़ित का कहना है कि घटना के तुरंत बाद 100 नंबर उठ जाता तो शायद चोर को पकड़ा जा सकता था।
क्या बोलीं एसपी
यूपीडेस्को से करार समाप्त होने से कॉल ट्रैकिंग व्यवस्था बंद हो गई है। डायरेक्ट सप्लाई देकर 100 नंबर पहले की तरह चलाया जा रहा है। 100 नंबर पर आने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। यदि शिकायतकर्ता के फोन मिलाने पर 100 नंबर नहीं उठता तो वह सीधे आकर मुझसे शिकायत कर सकता है। अक्टूबर माह तक सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चालू हो जाएंगी। नेहा पांडेय, एसपी