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चार दिन पहले विदेश से लौटे युवक का गांव के बाहर मिला शव
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चकलवंशी (उन्नाव)। माखी थानाक्षेत्र के टिकरा गांव में चार दिन पहले दुबई से लौटे अप्रवासी भारतीय का शव गांव के बाहर बबूल के पेड़ के पास पड़ा मिला। जूट की आधी रस्सी बबूल के पेड़ में बंधी मिली, जबकि आधी रस्सी का फंदा उसके गले में मिला। मृतक के पिता ने पत्नी समेत ससुराल के तीन लोगों के विरुद्ध बेटे की हत्या का अंदेशा जता तहरीर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
थानाक्षेत्र के माखी के मजरा टिकरा निवासी अप्रवासी भारतीय चतुरी पासी (45) पुत्र रतनू दुबई में शटरिंग का काम करता था। 1 फरवरी को वह दुबई से लौटा और घर न जाकर लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदार के घर रुका। फिर 3 फरवरी को अपनी ससुराल अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भनवाखेड़ा पहुंचा। 5 फरवरी बुधवार सुबह चतुरी का शव उसके गांव के बाहर बबूल के पेड़ के पास पड़ा मिला। गांव और ससुराल के बीच की दूरी लगभग 15 किमी है। उसके गले में जूट की रस्सी का फंदा बंधा था, जबकि जूट की आधी रस्सी बबूल के पेड़ से बंधी थी। हत्या और आत्महत्या की चर्चाओं के बीच पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता ने बताया कि उसके बेटे के विदेश में रहने के दौरान बहू किसी और के साथ चली गई। बेटे को जब इसकी भनक लगी तो वह विदेश से यहां आ गया।
मृतक के साले ने बताया कि 3 फरवरी को बहनोई चतुरी ससुराल पहुंचे और उसे साथ लेकर बहन को खोजते हुए गंगाघाट थानाक्षेत्र के गजियाखेड़ा में रहने वाले साढू के घर पहुंचे। यहां पत्नी के मिलने पर उसे साथ चलने के लिए कहा। उसने साथ आने से मना कर दिया। जिस पर बहनोई के साथ वह लौट आया। रास्ते में बहनोई चतुरी अपने घर जाने की बात कह बोलेरो से उतर गए। सुबह गांव के बाहर बबूल के पेड़ में बहनोई के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली। वहीं, मृतक के पिता ने बहू व ससुराल के तीन लोगों पर हत्या कर बेटे के शव को लटकाने का अंदेशा जता पुलिस को तहरीर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने की पुष्टि हुई है। एसओ संतोष सिंह ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मृतक अप्रवासी भारतीय चतुरी तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके तीन बेटे अजय, विजय लुधियाना में मजदूरी करते हैं, जबकि सबसे छोटा बेटा शिवा मां के साथ हैं। पिता की मौत की सूचना पर वह घर के लिए निकले हैं। वहीं, बेटे चतुरी की मौत पर मां जगदेई का रो-रोकर बुरा हाल है।
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थानाक्षेत्र के माखी के मजरा टिकरा निवासी अप्रवासी भारतीय चतुरी पासी (45) पुत्र रतनू दुबई में शटरिंग का काम करता था। 1 फरवरी को वह दुबई से लौटा और घर न जाकर लखनऊ में रहने वाले रिश्तेदार के घर रुका। फिर 3 फरवरी को अपनी ससुराल अजगैन कोतवाली क्षेत्र के भनवाखेड़ा पहुंचा। 5 फरवरी बुधवार सुबह चतुरी का शव उसके गांव के बाहर बबूल के पेड़ के पास पड़ा मिला। गांव और ससुराल के बीच की दूरी लगभग 15 किमी है। उसके गले में जूट की रस्सी का फंदा बंधा था, जबकि जूट की आधी रस्सी बबूल के पेड़ से बंधी थी। हत्या और आत्महत्या की चर्चाओं के बीच पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता ने बताया कि उसके बेटे के विदेश में रहने के दौरान बहू किसी और के साथ चली गई। बेटे को जब इसकी भनक लगी तो वह विदेश से यहां आ गया।
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मृतक के साले ने बताया कि 3 फरवरी को बहनोई चतुरी ससुराल पहुंचे और उसे साथ लेकर बहन को खोजते हुए गंगाघाट थानाक्षेत्र के गजियाखेड़ा में रहने वाले साढू के घर पहुंचे। यहां पत्नी के मिलने पर उसे साथ चलने के लिए कहा। उसने साथ आने से मना कर दिया। जिस पर बहनोई के साथ वह लौट आया। रास्ते में बहनोई चतुरी अपने घर जाने की बात कह बोलेरो से उतर गए। सुबह गांव के बाहर बबूल के पेड़ में बहनोई के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली। वहीं, मृतक के पिता ने बहू व ससुराल के तीन लोगों पर हत्या कर बेटे के शव को लटकाने का अंदेशा जता पुलिस को तहरीर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने की पुष्टि हुई है। एसओ संतोष सिंह ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मृतक अप्रवासी भारतीय चतुरी तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके तीन बेटे अजय, विजय लुधियाना में मजदूरी करते हैं, जबकि सबसे छोटा बेटा शिवा मां के साथ हैं। पिता की मौत की सूचना पर वह घर के लिए निकले हैं। वहीं, बेटे चतुरी की मौत पर मां जगदेई का रो-रोकर बुरा हाल है।