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संतों ने बताई सत्संग की महिमा
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सनातन धर्म सत्संग समारोह में बोलते संत। संवाद
- फोटो : UNNAO
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सफीपुर। बाबू भगवतीचरण वर्मा पार्क में तीन दिवसीय 69वें सनातन धर्म सत्संग समारोह का शुभारंभ हुआ। इसमें विभिन्न जिलों से आए साधु व संतों ने सनातन धर्म व सत्संग की महिमा बताई।
अध्यक्षता करते हुए संत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि हमारा ईश्वर सभी का कल्याण करने वाला है। जिसने आत्म भाव से पुकारा उसकी रक्षा हुई। बांगरमऊ से आए सतीश त्रिपाठी ने रामचरित मानस को नैतिकता और आदर्शों से संपन्न ग्रंथ बताया। कहा कि इस ग्रंथ में हमारी संस्कृति को उच्च मानदंडों को स्थापित किया गया है।
कानपुर के कथावाचक पुरुषोत्तम त्रिवेदी ने कहा कि संतों की वाणी मनुष्य के विवेक को जागृत करती है। उसे सतमार्ग पर ले जाकर भक्ति मार्ग पर प्रशस्त करती है। ईश्वर सभी को आनंद प्रदान करने के लिए प्रकट होता है। ज्ञान क्रिया व उपासना की भक्ति अर्जित करने पर ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार प्रहलाद अवस्थी, राकेश पांडे, राजन त्रिवेदी व अभिषेक मिश्र ने श्रोताओं को सदाचरण की ओर प्रेरित किया। सत्संग के बीच में भजनों के जरिए संतों ने भगवान की महिमा बताई। समारोह में दंडी स्वामी देव आश्रम महाराज बलानंद ब्रह्मचारी मौजूद रहे।
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अध्यक्षता करते हुए संत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि हमारा ईश्वर सभी का कल्याण करने वाला है। जिसने आत्म भाव से पुकारा उसकी रक्षा हुई। बांगरमऊ से आए सतीश त्रिपाठी ने रामचरित मानस को नैतिकता और आदर्शों से संपन्न ग्रंथ बताया। कहा कि इस ग्रंथ में हमारी संस्कृति को उच्च मानदंडों को स्थापित किया गया है।
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कानपुर के कथावाचक पुरुषोत्तम त्रिवेदी ने कहा कि संतों की वाणी मनुष्य के विवेक को जागृत करती है। उसे सतमार्ग पर ले जाकर भक्ति मार्ग पर प्रशस्त करती है। ईश्वर सभी को आनंद प्रदान करने के लिए प्रकट होता है। ज्ञान क्रिया व उपासना की भक्ति अर्जित करने पर ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार प्रहलाद अवस्थी, राकेश पांडे, राजन त्रिवेदी व अभिषेक मिश्र ने श्रोताओं को सदाचरण की ओर प्रेरित किया। सत्संग के बीच में भजनों के जरिए संतों ने भगवान की महिमा बताई। समारोह में दंडी स्वामी देव आश्रम महाराज बलानंद ब्रह्मचारी मौजूद रहे।
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