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Unnao News: छुट्टी के बाद खुली ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़
Mon, 07 Jul 2025 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 07 Jul 2025 11:52 PM IST
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उन्नाव। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की खचाखच भीड़ रही। पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। घंटों इंतजार के बाद मरीज डॉक्टर के पास पहुंच सके। इसके बाद दवा लेने के लिए उन्हें घंटों कतार में भी लगना पड़ा। कुल 1725 मरीजों ने पर्चा बनवाया।
रविवार की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल में सोमवार सुबह से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। पर्चा काउंटर पर ही मरीजों को लाइन में लगना पड़ा। 10 बजे के बाद भीड़ अधिक होने पर मरीज व उनके तीमारदारों में पहले पंजीकरण कराने को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। वहीं, पंजीकरण की लाइन में कई लोगों में नोकझोंक भी हुई। स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतार लगना शुरू हुई। वहां मरीजों को दो घंटे तक लाइन में खड़े होना पड़ा। इसके बाद डॉक्टर को दिखा सके।
वहीं, दवा वितरण कक्ष के बाहर भी कम स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 1725 मरीजों ने पर्चा बनाया और ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। इनमें 578 संक्रामक रोगी शामिल थे। वरिष्ठ फिजीशियन, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ आदि डॉक्टरों के कक्ष में दोपहर तक भीड़ लगी।
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फिजीशियन डॉ.अमित तिवारी ने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार, पेट और बदन दर्द से पीड़ित थे। उन्हें दवा और रोगों से बचाव की सलाह दी गई। इधर, इमरजेंसी वार्ड में बुखार, पेटदर्द और डायरिया के 14 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डेंगू और मलेरिया की आशंका पर बुखार मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
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पैथोलॉजी में सैंपल देने के लिए धक्का-मुक्की, नोकझोंक
डॉक्टर को दिखाने के बाद बुखार व पेट दर्द के मरीज जांच के लिए खून का नमूना देने पैथोलॉजी पहुंचे। यहां 10 बजे के बाद भीड़ अधिक हो गई। इससे कतार में लगे मरीज व उनके तीमारदारों में आपस में धक्कामुक्की और नोकझाेंक हुई। इसके बाद कुछ समय के सैंपलिंग बाधित रही। किसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों ने मामला शांत कराया। इसके बाद सैंपल लेना शुरू किया गया। सोमवार 195 मरीजों के सैंपल लिए गए और रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया गया।
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रविवार की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल में सोमवार सुबह से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। पर्चा काउंटर पर ही मरीजों को लाइन में लगना पड़ा। 10 बजे के बाद भीड़ अधिक होने पर मरीज व उनके तीमारदारों में पहले पंजीकरण कराने को लेकर धक्का-मुक्की होने लगी। वहीं, पंजीकरण की लाइन में कई लोगों में नोकझोंक भी हुई। स्वास्थ्यकर्मियों ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतार लगना शुरू हुई। वहां मरीजों को दो घंटे तक लाइन में खड़े होना पड़ा। इसके बाद डॉक्टर को दिखा सके।
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वहीं, दवा वितरण कक्ष के बाहर भी कम स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 1725 मरीजों ने पर्चा बनाया और ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। इनमें 578 संक्रामक रोगी शामिल थे। वरिष्ठ फिजीशियन, फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ आदि डॉक्टरों के कक्ष में दोपहर तक भीड़ लगी।
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फिजीशियन डॉ.अमित तिवारी ने बताया कि ज्यादातर मरीज बुखार, पेट और बदन दर्द से पीड़ित थे। उन्हें दवा और रोगों से बचाव की सलाह दी गई। इधर, इमरजेंसी वार्ड में बुखार, पेटदर्द और डायरिया के 14 मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डेंगू और मलेरिया की आशंका पर बुखार मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
पैथोलॉजी में सैंपल देने के लिए धक्का-मुक्की, नोकझोंक
डॉक्टर को दिखाने के बाद बुखार व पेट दर्द के मरीज जांच के लिए खून का नमूना देने पैथोलॉजी पहुंचे। यहां 10 बजे के बाद भीड़ अधिक हो गई। इससे कतार में लगे मरीज व उनके तीमारदारों में आपस में धक्कामुक्की और नोकझाेंक हुई। इसके बाद कुछ समय के सैंपलिंग बाधित रही। किसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों ने मामला शांत कराया। इसके बाद सैंपल लेना शुरू किया गया। सोमवार 195 मरीजों के सैंपल लिए गए और रिपोर्ट के लिए अगले दिन बुलाया गया।