{"_id":"5918a1484f1c1b231f855b08","slug":"crossing-mercury-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारा 46 के पार, जनजीवन बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारा 46 के पार, जनजीवन बेहाल
उन्नाव
Updated Sun, 14 May 2017 11:56 PM IST
विज्ञापन
तेज धूप से बचाव के लिए चेहरे को दुपट्टे से लपेटकर जाती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के छपेड़ों के बीच रविवार दोपहर पारा 46.2 पहुंच गया। रविवार का दिन होने के कारण शहर में अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम रही। दोपहर में तो सड़कों पर सन्नाटा रहा। शाम छह बजे के बाद सड़कों और बाजारों में कुछ लोग नजर आए।
धरा तवा सी तप रही, रवि अनल बरसा रहा। यह पंक्तियां सच साबित होने लगी हैं। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं। रविवार का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। तापमान का पारा 46.2 डिग्री पहुंच गया। रविवार सुबह 10 बजते ही तापमान 35 डिग्री पहुंच गया और दोपहर 2 बजे पारा 46.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को घरों से निकलना दुश्वार कर दिया।
घरों से निकलने को मजबूर लोग धूप और गर्मी से बचाव के तमाम उपाय किए नजर आए। महिलाएं चेहरे पर कपड़ा लपेटें नजर्र आइं। पुरुष भी गमछा, टोपी, चश्मा के सहारे धूप से बचाव करते नजर आए। गर्मी के चलते दोपहर में बाजारों और बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, अचलगंज तिराहे में पूरी तरह से सन्नाटा रहा।
विज्ञापन
शीतल पेय से तर किया गला
उन्नाव। गर्मी के कारण जूस, लस्सी व अन्य शीतल पेय की दुकानों पर खासी भीड़ नजर आई। बच्चे कुल्फी की ओर हाथ लपकाते दिखे। कोई गन्ने और आम का जूस पीकर हलक तर करता नजर आया तो कोई लस्सी की तासीर से तर होने की कोशिश करता दिखा। कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की भी बिक्री जोरों पर रही।
हीट स्ट्रोक से बचाव के टिप्स
फुल आस्तीन कपड़े पहनें
सर और चेहरा ढक कर चलें
पानी पीने के बाद ही घर से निकलें
एसी कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं
धूप से आकर तुरंत पानी कोल्डड्रिंक न पिएं
लू व डायरिया के लक्षण
बार बार प्यास लगना, तेज सर दर्द होना, कमजोरी लगना, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, ब्लड प्रेशर लो होना।
भारी पड़ सकती पानी की कमी
जिला अस्पताल के डा. आलोक पांडेय ने बताया कि लू, डायरिया व हीट स्ट्रोक के लक्षण नजर आते ही रोगी को जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाएं। उन्होंने बताया कि उपचार शुरू होने तक रोगी ठंडे स्थान पर रखें और कुछ देर में ओआरएस का घोल देते रहें। अगर ओआरएस न मिल पाए तो नमक चीनी की शिकंजी पिलाते रहें। शरीर में पानी की कमी जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है।
धूप से झुलस रही फसलें, किसान परेशान
गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। भीषण गर्मी और तेज धूप के आगे सिंचाई के संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। किसान लाख प्रयासों के बावजूद भी अपनी सूखती फसलें नहीं बचा पा रहा है। मार्च का महीना शुरू होते ही गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया था। मौजूदा समय में गर्मी अपने चरम पर है। मई माह में गर्मी और तेज धूप आम आदमी के साथ ही किसानों के लिए भी परेशानी का सबब बनी है।
ऐसी भीषण गर्मी और तेज धूप के आगे सिंचाई के संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसानों को अपनी तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा और हरी सब्जियों की फसलों को झुलसने से बचाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्षेत्र के सरोज कटियार, श्यामू यादव, जाहिद अंसारी, विनोद कुमार, परमेश्वर, बबलू राठौर आदि किसानों ने बताया कि भरपूर सिंचाई करने के बावजूद फसलें सूख रही हैं।
धरा तवा सी तप रही, रवि अनल बरसा रहा। यह पंक्तियां सच साबित होने लगी हैं। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं। रविवार का दिन अब तक का सबसे गर्म दिन साबित हुआ। तापमान का पारा 46.2 डिग्री पहुंच गया। रविवार सुबह 10 बजते ही तापमान 35 डिग्री पहुंच गया और दोपहर 2 बजे पारा 46.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। भीषण गर्मी और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को घरों से निकलना दुश्वार कर दिया।
विज्ञापन
घरों से निकलने को मजबूर लोग धूप और गर्मी से बचाव के तमाम उपाय किए नजर आए। महिलाएं चेहरे पर कपड़ा लपेटें नजर्र आइं। पुरुष भी गमछा, टोपी, चश्मा के सहारे धूप से बचाव करते नजर आए। गर्मी के चलते दोपहर में बाजारों और बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, अचलगंज तिराहे में पूरी तरह से सन्नाटा रहा।
विज्ञापन
शीतल पेय से तर किया गला
उन्नाव। गर्मी के कारण जूस, लस्सी व अन्य शीतल पेय की दुकानों पर खासी भीड़ नजर आई। बच्चे कुल्फी की ओर हाथ लपकाते दिखे। कोई गन्ने और आम का जूस पीकर हलक तर करता नजर आया तो कोई लस्सी की तासीर से तर होने की कोशिश करता दिखा। कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की भी बिक्री जोरों पर रही।
हीट स्ट्रोक से बचाव के टिप्स
फुल आस्तीन कपड़े पहनें
सर और चेहरा ढक कर चलें
पानी पीने के बाद ही घर से निकलें
एसी कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं
धूप से आकर तुरंत पानी कोल्डड्रिंक न पिएं
लू व डायरिया के लक्षण
बार बार प्यास लगना, तेज सर दर्द होना, कमजोरी लगना, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, ब्लड प्रेशर लो होना।
भारी पड़ सकती पानी की कमी
जिला अस्पताल के डा. आलोक पांडेय ने बताया कि लू, डायरिया व हीट स्ट्रोक के लक्षण नजर आते ही रोगी को जल्द नजदीकी अस्पताल ले जाएं। उन्होंने बताया कि उपचार शुरू होने तक रोगी ठंडे स्थान पर रखें और कुछ देर में ओआरएस का घोल देते रहें। अगर ओआरएस न मिल पाए तो नमक चीनी की शिकंजी पिलाते रहें। शरीर में पानी की कमी जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है।
धूप से झुलस रही फसलें, किसान परेशान
गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। भीषण गर्मी और तेज धूप के आगे सिंचाई के संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। किसान लाख प्रयासों के बावजूद भी अपनी सूखती फसलें नहीं बचा पा रहा है। मार्च का महीना शुरू होते ही गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया था। मौजूदा समय में गर्मी अपने चरम पर है। मई माह में गर्मी और तेज धूप आम आदमी के साथ ही किसानों के लिए भी परेशानी का सबब बनी है।
ऐसी भीषण गर्मी और तेज धूप के आगे सिंचाई के संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में किसानों को अपनी तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा और हरी सब्जियों की फसलों को झुलसने से बचाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। क्षेत्र के सरोज कटियार, श्यामू यादव, जाहिद अंसारी, विनोद कुमार, परमेश्वर, बबलू राठौर आदि किसानों ने बताया कि भरपूर सिंचाई करने के बावजूद फसलें सूख रही हैं।