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खांदी कटने से फसलें जलमग्न
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:41 AM IST
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हसनगंज। आसीवन ब्रांच की नहर में हसनगंज के पास खांदी कटने से आसपास के कई खेत जल मग्न हो गए। खेतों में बोई गई सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
विभागीय अधिकारियों की सुस्ती का आलम यह रहा कि 24 घंटे बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा। तबाह हुई फसलों को देखकर किसानों परेशान हैं।
हर साल शासन नहरों की सफाई इस मकसद से कराता है कि पानी टेल तक पहुंचे और किसानों को इसका लाभ मिले, लेकिन विभागीय अधिकारी नहरों की सफाई में खानापूर्ति करते हैं। हर साल नहर सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बंदरबांट हो जाता है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
सोमवार शाम को आसीवन ब्रांच की नहर की खांदी हसनगंज ग्राम पंचायत के पास कट गई। बताया जाता है कि नहर सफाई में खानापूर्ति होने पर पानी ओवर फ्लो हो गया। परिणाम स्वरूप आगे पानी न निकलने पर खांदी कट गई। कुछ ही देर में क्षेत्र में पानी ही पानी दिखाई देने लगा।
गेहूं, सरसो और मटर आदि की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। क्षेत्र के दिनेश, बंशीलाल, संतू प्रसाद, विद्यावती, लक्ष्मी नारायण आदि ने बताया कि करीब 80 बीघे खेतों में बोई गई फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है।
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विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। इससे खांदी को बंद नहीं किया जा सका। एसडीओ नहर विभाग रन सिंह को फोन मिलाया तो उन्होंने मीटिंग में कहकर फोन काट दिया।
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विभागीय अधिकारियों की सुस्ती का आलम यह रहा कि 24 घंटे बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा। तबाह हुई फसलों को देखकर किसानों परेशान हैं।
हर साल शासन नहरों की सफाई इस मकसद से कराता है कि पानी टेल तक पहुंचे और किसानों को इसका लाभ मिले, लेकिन विभागीय अधिकारी नहरों की सफाई में खानापूर्ति करते हैं। हर साल नहर सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बंदरबांट हो जाता है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
सोमवार शाम को आसीवन ब्रांच की नहर की खांदी हसनगंज ग्राम पंचायत के पास कट गई। बताया जाता है कि नहर सफाई में खानापूर्ति होने पर पानी ओवर फ्लो हो गया। परिणाम स्वरूप आगे पानी न निकलने पर खांदी कट गई। कुछ ही देर में क्षेत्र में पानी ही पानी दिखाई देने लगा।
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गेहूं, सरसो और मटर आदि की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। क्षेत्र के दिनेश, बंशीलाल, संतू प्रसाद, विद्यावती, लक्ष्मी नारायण आदि ने बताया कि करीब 80 बीघे खेतों में बोई गई फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है।
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विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई लेकिन किसी ने भी मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई। इससे खांदी को बंद नहीं किया जा सका। एसडीओ नहर विभाग रन सिंह को फोन मिलाया तो उन्होंने मीटिंग में कहकर फोन काट दिया।