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दुष्कर्म पीड़िता की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
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उन्नाव। खुद को नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी टीसी बनवाने के मुकदमे में सजायाफ्ता पूर्व विधायक प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता की अग्रिम जमानत अर्जी मंगलवार को न्यायालय ने खारिज कर दी है।
पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता, उसकी मां व चाचा पर वर्ष 2018 में हरिपाल सिंह ने कोर्ट के जरिए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दुष्कर्म पीड़िता ने उसके बेटे शुभम सिंह को दुष्कर्म के मामले में फंसाने के लिए खुद को नाबालिग साबित करने के लिए रायबरेली के एक विद्यालय की फर्जी टीसी लगाई। इसी टीसी के जरिए उसके बेटे को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा दिया था। पुलिस ने आरोपी दुष्कर्म पीड़िता, उसकी मां व चाचा के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। आरोपी चाचा को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से 25 सितंबर 2019 को जमानत मिल गई थी।
दुष्कर्म पीड़िता ने भी अपनी जमानत के लिए जिला जज न्यायालय में 20 दिसंबर 2021 को अपना अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। उसने शपथपत्र भी दिया था कि उसके पक्ष के दिवंगत अधिवक्ता व उनके कथित रिश्तेदार पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने उसकी टीसी बनवाई थी। जिस स्कूल से टीसी बनवाई गई थी वह दिवंगत वकील के एक अन्य रिश्तेदार का है। मंगलवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी की पैरवी पर जिला न्यायाधीश हरवीर सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता की ओर से रखे पक्ष को निराधार मानते हुए उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता, उसकी मां व चाचा पर वर्ष 2018 में हरिपाल सिंह ने कोर्ट के जरिए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि दुष्कर्म पीड़िता ने उसके बेटे शुभम सिंह को दुष्कर्म के मामले में फंसाने के लिए खुद को नाबालिग साबित करने के लिए रायबरेली के एक विद्यालय की फर्जी टीसी लगाई। इसी टीसी के जरिए उसके बेटे को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा दिया था। पुलिस ने आरोपी दुष्कर्म पीड़िता, उसकी मां व चाचा के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। आरोपी चाचा को अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से 25 सितंबर 2019 को जमानत मिल गई थी।
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दुष्कर्म पीड़िता ने भी अपनी जमानत के लिए जिला जज न्यायालय में 20 दिसंबर 2021 को अपना अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया था। उसने शपथपत्र भी दिया था कि उसके पक्ष के दिवंगत अधिवक्ता व उनके कथित रिश्तेदार पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने उसकी टीसी बनवाई थी। जिस स्कूल से टीसी बनवाई गई थी वह दिवंगत वकील के एक अन्य रिश्तेदार का है। मंगलवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल त्रिपाठी की पैरवी पर जिला न्यायाधीश हरवीर सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता की ओर से रखे पक्ष को निराधार मानते हुए उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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