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स्मार्ट फोन न दिलाने पर छोड़ा पति का साथ
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दंपति को साथ बैठाकर विवाद हल करातीं प्रशिक्षु सीओ सोनम सिंह। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। पति ने मजबूरी का हवाला देकर स्मार्ट फोन नहीं दिलाया तो पत्नी ने उससे अलग रहने की ठान ली और मायके चली गई। उसे मनाने की हर कोशिश नाकाम हुई तो पति ने परिवार परामर्श केंद्र की शरण ली। पुलिस ने रविवार को दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद परामर्शदाताओं के पति की मजबूरियों को सामने रखा। इस पर पत्नी ने अपनी गलती स्वीकार की और पति के साथ जाने के लिए राजी हो गई। परिवार परामर्श केंद्र से 21 जोड़ों में सात का विवाद सुलझाकर दंपती को घर भेजा गया।
पुलिस लाइन में रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केंद्र में 21 जोड़े पहुंचे। परामर्शदाताओं के अलावा पुलिस ने पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर दोनों की बातें सुनी। असोहा से आए जोड़े में स्मार्ट फोन न दिलाने पर विवाद की स्थिति को देख बातचीत की। पति ने बताया कि वह मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाता है। 350 रुपये प्रतिदिन उसे मिलता है। ऐसे में पत्नी को स्मार्ट फोन दिलाना उसके बस से बाहर है। परामर्शदाता डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने उसकी पत्नी से वार्ता कर उसकी जिम्मेदारियों का आभास कराया। इस पर उसने पति से माफी मांगी और उसके साथ घर चली गई। अलग होने की कगार पर पहुंच चुके कुल सात जोड़ों को फिर से एक साथ रहने को राजी कर घर भेजा गया।
शहर के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने पति के दूसरी महिला से संपर्क होने और पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने की धमकी देने की शिकायत पुलिस से की थी। रविवार को दोनों पक्ष परिवार परामर्श केंद्र पहुंच। पुलिस व परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों की बातों को सुनकर दंपती को रिश्तों के बारे समझाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों के विवाद को सुलझाकर महिला को उसके पति के साथ विदा किया गया।
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पुलिस लाइन में रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केंद्र में 21 जोड़े पहुंचे। परामर्शदाताओं के अलावा पुलिस ने पति-पत्नी को आमने-सामने बैठाकर दोनों की बातें सुनी। असोहा से आए जोड़े में स्मार्ट फोन न दिलाने पर विवाद की स्थिति को देख बातचीत की। पति ने बताया कि वह मजदूरी कर किसी तरह घर का खर्च चलाता है। 350 रुपये प्रतिदिन उसे मिलता है। ऐसे में पत्नी को स्मार्ट फोन दिलाना उसके बस से बाहर है। परामर्शदाता डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने उसकी पत्नी से वार्ता कर उसकी जिम्मेदारियों का आभास कराया। इस पर उसने पति से माफी मांगी और उसके साथ घर चली गई। अलग होने की कगार पर पहुंच चुके कुल सात जोड़ों को फिर से एक साथ रहने को राजी कर घर भेजा गया।
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शहर के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने पति के दूसरी महिला से संपर्क होने और पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने की धमकी देने की शिकायत पुलिस से की थी। रविवार को दोनों पक्ष परिवार परामर्श केंद्र पहुंच। पुलिस व परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों की बातों को सुनकर दंपती को रिश्तों के बारे समझाया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों के विवाद को सुलझाकर महिला को उसके पति के साथ विदा किया गया।
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