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फंदे से लटका मिला मजदूर का शव
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पाटन। मानसिक रूप से बीमार 30 वर्षीय युवक का शव घर में फंदे से लटका मिला। घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को घटना की जानकारी हुई। पांच दिन पहले मायके गई मां सूचना पर घर पहुंची। उसने बताया कि बेटा मानसिक बीमार था।
बिहार थाना क्षेत्र के बसंतखेड़ा मजरे केदारखेड़ा निवासी दीपक कुमार लोध (30) का शव मंगलवार को घर के कमरे में छत के कुंडे से लटका मिला। 10 वर्ष पहले दीपक के पिता सज्जन की चंडीगढ़ में मजदूरी के दौरान मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद दीपक अपनी मां रामादेवी के साथ घर पर रहता था। मजदूरी कर अपना व मां का गुजारा चलाता था। पांच दिन पहले रामादेवी अपनी ननद के घर मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने सलेमपुर गई थी। दीपक घर में अकेला था। सोमवार रात घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने खिड़की से झांककर देखा तो दीपक का शव छत के कुंडे से लटक रहा था। पुलिस के साथ मृतक की मां को घटना की जानकारी दी। घर पहुंची मां बेटे का शव देख कांप गई। पुलिस ने शव चार-पांच दिन पुराना होने की संभावना जताई है।
रामादेवी ने पुलिस को बताया कि बेटा कई महीने से मानसिक बीमार चल रहा था। हो सकता है कि बीमारी के कारण फंदे से लटककर जान दे दी हो। मां के अनुसार उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी ने अपनी ससुराल जनपद रायबरेली के सरेनी में कई वर्ष पहले जहर खा लिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। दीपक का आठ वर्ष पहले विवाह हुआ था। तीन साल तक साथ रहने के बाद पत्नी दीपक को छोड़कर मायके चली गई और फिर लौटकर नहीं आई। बेटे की मौत से अकेली बची मां रामादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बिहार थाना क्षेत्र के बसंतखेड़ा मजरे केदारखेड़ा निवासी दीपक कुमार लोध (30) का शव मंगलवार को घर के कमरे में छत के कुंडे से लटका मिला। 10 वर्ष पहले दीपक के पिता सज्जन की चंडीगढ़ में मजदूरी के दौरान मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद दीपक अपनी मां रामादेवी के साथ घर पर रहता था। मजदूरी कर अपना व मां का गुजारा चलाता था। पांच दिन पहले रामादेवी अपनी ननद के घर मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने सलेमपुर गई थी। दीपक घर में अकेला था। सोमवार रात घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने खिड़की से झांककर देखा तो दीपक का शव छत के कुंडे से लटक रहा था। पुलिस के साथ मृतक की मां को घटना की जानकारी दी। घर पहुंची मां बेटे का शव देख कांप गई। पुलिस ने शव चार-पांच दिन पुराना होने की संभावना जताई है।
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रामादेवी ने पुलिस को बताया कि बेटा कई महीने से मानसिक बीमार चल रहा था। हो सकता है कि बीमारी के कारण फंदे से लटककर जान दे दी हो। मां के अनुसार उसकी बड़ी बेटी लक्ष्मी ने अपनी ससुराल जनपद रायबरेली के सरेनी में कई वर्ष पहले जहर खा लिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। दीपक का आठ वर्ष पहले विवाह हुआ था। तीन साल तक साथ रहने के बाद पत्नी दीपक को छोड़कर मायके चली गई और फिर लौटकर नहीं आई। बेटे की मौत से अकेली बची मां रामादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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