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लापता मां और बेटी के शव नहर में मिले
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नहर में क्षमा का शव मिलने की जानकारी पर लगी ग्रामीणों की भीड़। संवाद
- फोटो : UNNAO
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गंजमुरादाबाद। बेटी को दवा दिलाने घर से तीन दिन पहले हरदोई के मल्लावां स्थित क्लीनिक जाने के लिए निकली लापता मां-बेटी का शव शारदा नहर में मिला है। मां का शव हरदोई जिले की सीमा में और बेटी का शव बेहटामुजावर थाना क्षेत्र में मिला है। बेटे की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर दोनों की तलाश में लगी पुलिस ने बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मां के शव का हरदोई पुलिस पोस्टमार्टम करा रही है। पुलिस ने नहर में कूदकर मां-बेटी के जान देने की संभावना जताई है। परिजनों का रोकर बुरा हाल रहा।
ग्राम भिक्खनपुर गोपालपुर के मजरा मंगूखेड़ा निवासी गोपालकृष्ण चतुर्वेदी की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसकी 55 वर्षीय पत्नी सुषमा अपने बेटे प्रसून, प्रदीप, विष्णुकांत, शांति मोहन, शिवम व 14 वर्षीय बेटी क्षमा के साथ रहती थी। बेटी क्षमा को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। 15 अक्तूबर को सुषमा बेटी को साथ लेकर दवा दिलाने मल्लावां के नसीरपुर स्थित एक क्लीनिक जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद से दोनों लापता हो गईं। खोजबीन के बाद भी दोनों का पता न चलने पर बड़े बेटे प्रसून ने 17 अक्तूबर को थाना बेहटामुजावर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच कर रही पुलिस को हरदोई के थाना मल्लावां के ग्राम बरौना के पास शारदा नहर के पास रविवार शाम मां व बेटी की चप्पलें मिलीं। मल्लावां और थाना बेहटामुजावर की पुलिस ने शारदा नहर में दोनों की खोजबीन शुरू की।
सोमवार दोपहर हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के ग्राम कटिया भिखारीपुर के निकट शारदा नहर में सुषमा का शव पुलिस को मिला। खोजबीन के दौरान यहां से 10 किमी दूर बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव के पास बेटी क्षमा का शव स्थानीय पुलिस ने शारदा नहर से बरामद किया। हरदोई के मल्लावां थाना पुलिस से मां के शव मिलने की जानकारी बेहटामुजावर थाना पुलिस को मिली। मां-बेटी के शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। बड़े बेटे प्रसून चतुर्वेदी ने बताया कि घर में सभी लोग शांतिपूर्वक रहते थे। उसने मां व बहन द्वारा आत्महत्या की आशंका जताई है। एसओ अमरनाथ यादव ने भी मल्लावां में नहर के किनारे चप्पले मिलने से वहीं मां-बेटी के कूदकर जान देने की संभावना जता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
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पांच भाइयों में क्षमा इकलौती थी। दो बड़े भाई दिल्ली में रहकर एक फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। अन्य तीन छोटे भाई दो बिसुआ खेती कर गुजारा चलाते हैं। मां व बहन की असमय हुई मौत से सभी भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीण भी इस घटना से अचंभित हैं। परिजन आत्महत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं ला सके।
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ग्राम भिक्खनपुर गोपालपुर के मजरा मंगूखेड़ा निवासी गोपालकृष्ण चतुर्वेदी की दस साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उसकी 55 वर्षीय पत्नी सुषमा अपने बेटे प्रसून, प्रदीप, विष्णुकांत, शांति मोहन, शिवम व 14 वर्षीय बेटी क्षमा के साथ रहती थी। बेटी क्षमा को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। 15 अक्तूबर को सुषमा बेटी को साथ लेकर दवा दिलाने मल्लावां के नसीरपुर स्थित एक क्लीनिक जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद से दोनों लापता हो गईं। खोजबीन के बाद भी दोनों का पता न चलने पर बड़े बेटे प्रसून ने 17 अक्तूबर को थाना बेहटामुजावर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच कर रही पुलिस को हरदोई के थाना मल्लावां के ग्राम बरौना के पास शारदा नहर के पास रविवार शाम मां व बेटी की चप्पलें मिलीं। मल्लावां और थाना बेहटामुजावर की पुलिस ने शारदा नहर में दोनों की खोजबीन शुरू की।
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सोमवार दोपहर हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के ग्राम कटिया भिखारीपुर के निकट शारदा नहर में सुषमा का शव पुलिस को मिला। खोजबीन के दौरान यहां से 10 किमी दूर बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव के पास बेटी क्षमा का शव स्थानीय पुलिस ने शारदा नहर से बरामद किया। हरदोई के मल्लावां थाना पुलिस से मां के शव मिलने की जानकारी बेहटामुजावर थाना पुलिस को मिली। मां-बेटी के शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। बड़े बेटे प्रसून चतुर्वेदी ने बताया कि घर में सभी लोग शांतिपूर्वक रहते थे। उसने मां व बहन द्वारा आत्महत्या की आशंका जताई है। एसओ अमरनाथ यादव ने भी मल्लावां में नहर के किनारे चप्पले मिलने से वहीं मां-बेटी के कूदकर जान देने की संभावना जता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
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पांच भाइयों में क्षमा इकलौती थी। दो बड़े भाई दिल्ली में रहकर एक फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। अन्य तीन छोटे भाई दो बिसुआ खेती कर गुजारा चलाते हैं। मां व बहन की असमय हुई मौत से सभी भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीण भी इस घटना से अचंभित हैं। परिजन आत्महत्या की कोई ठोस वजह सामने नहीं ला सके।