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फर्जी प्रमाणपत्र लगा पाई पंचायत सहायक की नौकरी
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उन्नाव। फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पंचायत सहायक की नौकरी पाने का खुलासा हुआ है। सीडीओ ने दोषी लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
औरास के बयारी गांव निवासी आदर्श गुप्ता ने जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देकर बताया था कि एससी वर्ग के ज्ञानेंद्र कुमार पुत्र स्व. सुखलाल ने अपने पिता की कोरोना से मौत का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पंचायत सहायक की नौकरी पाई है। डीएम ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट से कराई। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने दाखिल सर्टीफिकेट की जांच की। इस दौरान पता चला कि आवेदक द्वारा कोरोना से पिता की मौत की पुष्टि के लिए 17 अगस्त को आरटीपीसीआर पॉजिटिव का जो प्रमाणपत्र लगाया गया था उस पर जांच हुई थी। इसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम को रिपोर्ट भेजी। डीएम ने सीडीओ से आवेदक के साथ अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक यशवंत सिंह के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। टीम से कहा गया है कि पीडी की चयन समिति में शामिल प्रधान व सचिव से मामले में स्पस्टीकरण तलब करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच करके रिपोर्ट दें।
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औरास के बयारी गांव निवासी आदर्श गुप्ता ने जिला प्रशासन को शिकायती पत्र देकर बताया था कि एससी वर्ग के ज्ञानेंद्र कुमार पुत्र स्व. सुखलाल ने अपने पिता की कोरोना से मौत का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पंचायत सहायक की नौकरी पाई है। डीएम ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट से कराई। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने दाखिल सर्टीफिकेट की जांच की। इस दौरान पता चला कि आवेदक द्वारा कोरोना से पिता की मौत की पुष्टि के लिए 17 अगस्त को आरटीपीसीआर पॉजिटिव का जो प्रमाणपत्र लगाया गया था उस पर जांच हुई थी। इसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम को रिपोर्ट भेजी। डीएम ने सीडीओ से आवेदक के साथ अन्य जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक यशवंत सिंह के नेतृत्व में जांच टीम बनाई गई है। टीम से कहा गया है कि पीडी की चयन समिति में शामिल प्रधान व सचिव से मामले में स्पस्टीकरण तलब करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच करके रिपोर्ट दें।
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