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प्रसूता की मौत पर हंगामा
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पुरवा। कस्बे के एक नर्सिंगहोम में प्रसव के सातवें दिन बाद डिस्चार्ज होने के बाद घर गई प्रसूता की अगले ही दिन हालत बिगड़ गई। परिजन फिर उसे नर्सिंगहोम ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पति व परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को नर्सिंगहोम के गेट पर रखकर हंगामा किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बच्चा स्वस्थ है।
रायबरेली जिले के गांव खीरो निवासी वीरेंद्र कुमार की पत्नी रामलली को प्रसव पीड़ा होने पर 12 अगस्त को पुरवा कस्बे के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। उसी दिन शाम को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। 16 अगस्त तक इलाज चलने के बाद 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे डॉक्टर ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। बुधवार सुबह अचानक महिला को घबड़ाहट शुरू हो गई। पति फिर उसे लेकर नर्सिंगहोम आया। यहां इलाज के दौरान दोपहर 2:30 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और नर्सिंगहोम गेट पर शव रखकर अन्य परिजनों को बुलाकर हंगामा करने लगा।
मौके पर कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को शांत करा शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीड़ित ने लिखित शिकायत नहीं की है। कोतवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रायबरेली जिले के गांव खीरो निवासी वीरेंद्र कुमार की पत्नी रामलली को प्रसव पीड़ा होने पर 12 अगस्त को पुरवा कस्बे के एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। उसी दिन शाम को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। 16 अगस्त तक इलाज चलने के बाद 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे डॉक्टर ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। बुधवार सुबह अचानक महिला को घबड़ाहट शुरू हो गई। पति फिर उसे लेकर नर्सिंगहोम आया। यहां इलाज के दौरान दोपहर 2:30 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और नर्सिंगहोम गेट पर शव रखकर अन्य परिजनों को बुलाकर हंगामा करने लगा।
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मौके पर कोतवाल अजय कुमार त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को शांत करा शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीड़ित ने लिखित शिकायत नहीं की है। कोतवाल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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