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दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या में पति को उम्र कैद
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उन्नाव। दहेज के लिए पत्नी की हत्या कर और घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को गांव के बाहर फंदे से लटका देने में जनपद न्यायाधीश ने पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मृतका के सास और ससुर के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त करार दिया।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के गांव ओकरा सादुल्लानगर निवासी नरेंद्र की शादी 10 मार्च 2016 को सफीपुर कोतवाली के खानपुर मनहा गांव निवासी श्रवण कुमार की बेटी रिंकी से हुई थी। शादी के आठ महीने बाद चार नवंबर 2016 को रिंकी का शव घर से कुछ दूर पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। बेटी की मौत के बाद पिता श्रवण कुमार ने अगले ही दिन पुलिस को तहरीर देकर मृतका के पति (अपने दामाद) नरेंद्र, ससुर रामस्वरूप और सास फूलमती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप था कि शादी के बाद से नरेंद्र मोटर साइकिल, सोने की चेन व अन्य सामान देने का दबाव बना रहा था। मांग पूरी न करने पर उसकी गला दबकर हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटका दिया। मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश न्यायालय में चल रही थी। मेडिकल रिपोर्ट में रिंकी की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई।
सभी गवाहों और साक्ष्यों व दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला न्यायाधीश सैय्यद माउजबिन आसिम ने बुधवार को फैसला सुनाया। उन्होंने मृतका के पति नरेंद्र पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मृतका के सास और ससुर के खिलाफ कोई साक्ष्य न पाए जाने पर दोषमुक्त किया। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनिल त्रिपाठी ने पैरवी की।
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फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के गांव ओकरा सादुल्लानगर निवासी नरेंद्र की शादी 10 मार्च 2016 को सफीपुर कोतवाली के खानपुर मनहा गांव निवासी श्रवण कुमार की बेटी रिंकी से हुई थी। शादी के आठ महीने बाद चार नवंबर 2016 को रिंकी का शव घर से कुछ दूर पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। बेटी की मौत के बाद पिता श्रवण कुमार ने अगले ही दिन पुलिस को तहरीर देकर मृतका के पति (अपने दामाद) नरेंद्र, ससुर रामस्वरूप और सास फूलमती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप था कि शादी के बाद से नरेंद्र मोटर साइकिल, सोने की चेन व अन्य सामान देने का दबाव बना रहा था। मांग पूरी न करने पर उसकी गला दबकर हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटका दिया। मुकदमे की सुनवाई जनपद न्यायाधीश न्यायालय में चल रही थी। मेडिकल रिपोर्ट में रिंकी की मौत गला दबाने से होने की पुष्टि हुई।
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सभी गवाहों और साक्ष्यों व दोनों पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला न्यायाधीश सैय्यद माउजबिन आसिम ने बुधवार को फैसला सुनाया। उन्होंने मृतका के पति नरेंद्र पर दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मृतका के सास और ससुर के खिलाफ कोई साक्ष्य न पाए जाने पर दोषमुक्त किया। अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अनिल त्रिपाठी ने पैरवी की।
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