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मुआवजा मिले तो लौटे बच्चों के चेहरे की रंगत
unnao
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:02 AM IST
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होमगार्ड के परिजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एकमात्र कमाऊ मुखिया की मौत के बाद यह परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। पैसा मिलने से होमगार्ड के बच्चों का पालन पोषण हो सकेगा। पुरवा कसबा निवासी कुश कुमार होमगार्ड जवान था। 10 दिसंबर को पंचायत चुनाव में उसकी ड्यूटी लगी थी।
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फतेहपुर चौरासी से चुनाव ड्यूटी करके वह बाइक से लौट रहा था तभी माखी थानाक्षेत्र में सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद अफसरों ने निर्वाचन आयोग को क्लेम के लिए लिखा। लेकिन चार महीने से चक्कर लगा रही रीना को अबतक कोई मदद नहीं मिली।
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रीना ने बताया कि जिला कमांडेंट से लेकर लखनऊ होमगार्ड विभाग के चक्कर काटे जहां अधिकारियों ने उसे सिर्फ अश्वासन ही दिया। पीड़िता ने बताया कि पति का एक महीने की ड्यूटी का भी बकाया भुगतान अभी तक नहीं मिल पाया है।
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रीना के मुताबिक पति कुश ने प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत बीमा भी था, जिसके तहत दुर्घटना मौत होने पर दो लाख रुपये का मुआवजे का प्रावधान है। इसके लिए भी एसबीआई बैंक के तमाम चक्कर लगा चुकी है लेकिन सभी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बात कह रहे हैं।
अपने तीन बच्चों पलक (9), बरखा (7) और दो साल के बेटे अभयराज का पालन पोषण करने के लिए दूसरों के घर के काम कर रही है। जेठ लवकुमार व ससुर अशर्फीलाल ने बताया कि वह लोग बहू रीना और उसके बच्चों के पालन-पोषण में जितनी मदद कर पा रहे हैं कर रहे हैं। यदि सरकारी मुआवजा मिल जाएगा तो बच्चों का पालन पोषणा ठीक से हो सकेगा।
तीन बच्चों की परवरिश का जिम्मा
उन्नाव। चुनाव ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मरने वाले गंगाघाट में तैनात सिपाही विशेश्वर गौतम के परिवार की भी हालत खराब है। लखीमपुर खीरी के सधरियापुर गांव का मूल निवासी विशेश्वर ने लखनऊ के जानकीपुरम में अपना मकान बनवा लिया था। पत्नी कौश्या ने बताया कि गर्भावस्था के चलते वह ज्यादा भागदौड़ नहीं कर पाई। इसी के चलते अभी तक उत्तराधिकार प्रमाणपत्र तक नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि उसके दो बेटियां पहले से थीं और अभी 9 मार्च को बेटा हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है वह अपने वकील से बातकर दौड़भाग करेंगी।
मृतक आश्रित के खाते में पहुंचेगी धनराशि
उन्नाव। चुनाव ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मरने वाले होमगार्ड के खाते में पैसा जाएगा। इसके लिए कार्रवाई चल रही है। यह जानकारी जिला होमगार्ड कमांडेंट दिलीप कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि संस्तुति करते हुए निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया था। उन्होंने बताया कि अगर 22 मार्च को धनराशि जारी हुई है तो जल्द ही मृतक आश्रित के खाते में पहुंच जाएगी।