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Unnao News: कॉलेज और डीआईओएस कार्यालय के लिपिक 2.93 लाख की हेराफेरी का आरोप
Sun, 26 Apr 2026 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:54 PM IST
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पुरवा। एमआरएस इंटर कॉलेज में वरिष्ठ लिपिक और डीआईओएस कार्यालय के बाबू की मिलीभगत से लाखों रुपये की घपले का मामला सामने आया है। कॉलेज के सहायक लिपिक के खाते में ट्रेजरी से 2.93 लाख रुपये आने के बाद उसने डीआईओएस से उसकी शिकायत की है। अन्य बाबुओं का भी कहना है कि उनके खाते में लाखों रुपये आए और स्कूल के वरिष्ठ लिपिक ने यह कहकर निकलवाए कि यह रुपये मेरे जीजा के हैं।
एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम की ओर से डीआईओएस से की गई शिकायत में कहा है कि एक सहायक लिपिक के बैंक खाते में ट्रेजरी से 2,93,913 रुपये भेजे गए हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए बैंक स्टेटमेंट की जांच के दौरान यह लेन-देन उजागर हुआ है। राधेश्याम ने बताया कि यह धनराशि उनके खाते में वरिष्ठ लिपिक के कहने पर आई थी, जिसे उन्होंने उनके रिश्तेदार का पैसा समझकर नकद वापस कर दिया है। कर्मचारी का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि राशि ट्रेजरी से आई है। राधेश्याम ने इसे अपनी अज्ञानता में हुई गलती बताते हुए किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से मानवीय आधार पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की अपील की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। यही नहीं स्कूल के अन्य लिपिकों के खातों में भी रुपये आए हैं। लिपिकों ने बताया कि वरिष्ठ लिपिक के कहने पर उन्हें रुपये निकलवाकर दे दिए हैं। लिपिकों ने बताया कि बाबू ने एचडीएफसी बैंक, पीएनबी, एसबीआई खातों की चेक बाबू ने दी, उससे भी रुपये निकालकर उन्हें दिए गए हैं।
डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि बाबुओं ने प्रार्थनापत्र दिए हैं, रुपये कैसे खाते में पहुंचे, इसकी जांच कराई जा रही है।
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एमआरआरएस इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक राधेश्याम की ओर से डीआईओएस से की गई शिकायत में कहा है कि एक सहायक लिपिक के बैंक खाते में ट्रेजरी से 2,93,913 रुपये भेजे गए हैं। विद्यालय प्रशासन द्वारा मांगे गए बैंक स्टेटमेंट की जांच के दौरान यह लेन-देन उजागर हुआ है। राधेश्याम ने बताया कि यह धनराशि उनके खाते में वरिष्ठ लिपिक के कहने पर आई थी, जिसे उन्होंने उनके रिश्तेदार का पैसा समझकर नकद वापस कर दिया है। कर्मचारी का कहना है कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि राशि ट्रेजरी से आई है। राधेश्याम ने इसे अपनी अज्ञानता में हुई गलती बताते हुए किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से मानवीय आधार पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की अपील की है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। यही नहीं स्कूल के अन्य लिपिकों के खातों में भी रुपये आए हैं। लिपिकों ने बताया कि वरिष्ठ लिपिक के कहने पर उन्हें रुपये निकलवाकर दे दिए हैं। लिपिकों ने बताया कि बाबू ने एचडीएफसी बैंक, पीएनबी, एसबीआई खातों की चेक बाबू ने दी, उससे भी रुपये निकालकर उन्हें दिए गए हैं।
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डीआईओएस सुनीलदत्त ने बताया कि बाबुओं ने प्रार्थनापत्र दिए हैं, रुपये कैसे खाते में पहुंचे, इसकी जांच कराई जा रही है।