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युवा प्रधान ने खोला पुस्तकालय
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ग्राम प्रधान नरेंद्र उर्फ सुनील साहू। संवाद
- फोटो : UNNAO
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सोनिक। प्रधान ने पंचायत भवन में निजी खर्च पर पुस्तकालय खोला है। जरूरत के अनुसार फर्नीचर और पुस्तकें खरीदी हैं। यहां रोजाना काफी संख्या में युवा पुस्तकें और अखबार पढ़ते हैं।
बिछिया ब्लाक के गांव सराय कटियान के 38 वर्षीय प्रधान नरेंद्र उर्फ सुनील साहू हाईस्कूल तक पढ़े हैं। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह ज्यादा नहीं पढ़ सके। इसलिए शिक्षा की अहमियत समझते हुए गांव के युवाओं को आगे बढ़ाने की सोची। उनके मन में पुस्तकालय खोलने का विचार आया। पंचायत भवन में एक कक्ष खाली था। उन्होंने अधिकारियों से पुस्तकालय खोलने की अनुमति मांगी। अफसरों की रजामंदी के बाद अपने निजी खर्च से नरेंद्र ने किताबें रखने के लिए जरूरी फर्नीचर व अलमारी बनवाई। फिर साहित्य, प्रतियोगी सहित अन्य पुस्तकें खरीदीं। इस पर 75 हजार का खर्च आया। वह पुस्तकालय में रोजाना अखबार भी मंगवाते हैं।
पुस्तकालय खुलने के बाद रोजाना काफी संख्या में गांव के युवा यहां आकर विभिन्न प्रकार की किताबें पढ़ते हैं। इसमें युवतियों की संख्या भी काफी है। युवा अखबार के माध्यम से देश, विदेश की घटनाओं की जानकारी करके खुद को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। भविष्य में नरेंद्र की योजना गांव में एक व्यायामशाला खोलने की है। इससे खेलकूद में भविष्य बनाने का सपना देख रहे युवाओं को काफी फायदा मिलेगा।
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बिछिया ब्लाक के गांव सराय कटियान के 38 वर्षीय प्रधान नरेंद्र उर्फ सुनील साहू हाईस्कूल तक पढ़े हैं। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह ज्यादा नहीं पढ़ सके। इसलिए शिक्षा की अहमियत समझते हुए गांव के युवाओं को आगे बढ़ाने की सोची। उनके मन में पुस्तकालय खोलने का विचार आया। पंचायत भवन में एक कक्ष खाली था। उन्होंने अधिकारियों से पुस्तकालय खोलने की अनुमति मांगी। अफसरों की रजामंदी के बाद अपने निजी खर्च से नरेंद्र ने किताबें रखने के लिए जरूरी फर्नीचर व अलमारी बनवाई। फिर साहित्य, प्रतियोगी सहित अन्य पुस्तकें खरीदीं। इस पर 75 हजार का खर्च आया। वह पुस्तकालय में रोजाना अखबार भी मंगवाते हैं।
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पुस्तकालय खुलने के बाद रोजाना काफी संख्या में गांव के युवा यहां आकर विभिन्न प्रकार की किताबें पढ़ते हैं। इसमें युवतियों की संख्या भी काफी है। युवा अखबार के माध्यम से देश, विदेश की घटनाओं की जानकारी करके खुद को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करते हैं। भविष्य में नरेंद्र की योजना गांव में एक व्यायामशाला खोलने की है। इससे खेलकूद में भविष्य बनाने का सपना देख रहे युवाओं को काफी फायदा मिलेगा।
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