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विभागों ने नहीं सुनी तो किसानों ने बांधी खंदी
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चकलवंशी। सफीपुर क्षेत्र में मेथीटीकुर व रामपुर माइनर में खांदी कटने से गेहूं व सरसों की 50 बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। शनिवार को तीसरे दिन किसानों ने एकजुट होकर रामपुर माइनर बांध दी। लेकिन मेथीटीकुर माइनर नहीं ठीक कर पाए। इससे पानी अभी भी फसल में भर रहा है। विभाग किसानों पर ही दोष मढ़ रहा है।
सफीपुर क्षेत्र में शारदा नहर हरदोई ब्रांच में एक सप्ताह पूर्व पानी छोड़ा गया था। नहर के दोनों ओर मेथीटीकुर व रामपुर माइनर निकली है। गुरुवार शाम दोनों नहर में खांदी कट गई थी और पानी खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल में भर गया था। किसानों ने तहसील अधिकारियों और नहर विभाग के लोगों को सूचना दी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। फसल खराब होते देख रामपुर के किसानों ने खांदी बांध दी। लेकिन मेथीटीकुर गांव के पास कटी खांदी नहीं बांध पाए। इससे फसलें जलमग्न हैं। किसानों का कहना है कि फसल खराब हो जाएगी। नहर विभाग के जेई संदीप कुमार ने बताया कि कुछ किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए खुद ही खांदी काटते हैं। बताया कि मेथीटीकुर की खांदी रविवार को ठीक कराई जाएगी। शारदा नहर विभाग के एक्सईएन शैलेश कुमार ने बताया कि खांदी कटने की जानकारी नहीं थी। रविवार को टीम को भेजकर ठीक कराया जाएगा।
रामजी द्विवेदी ने बताया कि नहरों की ठीक से सफाई न होने से पानी आते ही खांदी कट जाती है। कई बार सूचना देने के बाद भी समय पर मरम्मत नहीं की जाती। इससे नुकसान होता है। अजीत सिंह ने बताया कि खांदी कटने से पांच बीघा गेहूं की फसल में पानी भर गया है। अगर जल्द पानी न सूखा तो पैदावार प्रभावित होगी। शालू सिंह ने बताया कि अक्सर खांदी कटती है। सूचना के बावजूद कोई नहीं आता। बाद में किसानों पर ही आरोप मढ़कर कार्रवाई की घुड़की दी जाती है।
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सफीपुर क्षेत्र में शारदा नहर हरदोई ब्रांच में एक सप्ताह पूर्व पानी छोड़ा गया था। नहर के दोनों ओर मेथीटीकुर व रामपुर माइनर निकली है। गुरुवार शाम दोनों नहर में खांदी कट गई थी और पानी खेतों में खड़ी गेहूं व सरसों की फसल में भर गया था। किसानों ने तहसील अधिकारियों और नहर विभाग के लोगों को सूचना दी लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। फसल खराब होते देख रामपुर के किसानों ने खांदी बांध दी। लेकिन मेथीटीकुर गांव के पास कटी खांदी नहीं बांध पाए। इससे फसलें जलमग्न हैं। किसानों का कहना है कि फसल खराब हो जाएगी। नहर विभाग के जेई संदीप कुमार ने बताया कि कुछ किसानों ने फसलों की सिंचाई के लिए खुद ही खांदी काटते हैं। बताया कि मेथीटीकुर की खांदी रविवार को ठीक कराई जाएगी। शारदा नहर विभाग के एक्सईएन शैलेश कुमार ने बताया कि खांदी कटने की जानकारी नहीं थी। रविवार को टीम को भेजकर ठीक कराया जाएगा।
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रामजी द्विवेदी ने बताया कि नहरों की ठीक से सफाई न होने से पानी आते ही खांदी कट जाती है। कई बार सूचना देने के बाद भी समय पर मरम्मत नहीं की जाती। इससे नुकसान होता है। अजीत सिंह ने बताया कि खांदी कटने से पांच बीघा गेहूं की फसल में पानी भर गया है। अगर जल्द पानी न सूखा तो पैदावार प्रभावित होगी। शालू सिंह ने बताया कि अक्सर खांदी कटती है। सूचना के बावजूद कोई नहीं आता। बाद में किसानों पर ही आरोप मढ़कर कार्रवाई की घुड़की दी जाती है।
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