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मिनी सचिवालय में बंद किए छुट्टा मवेशी
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सधीरा के मिनी सचिवालय में बंद मवेशियों के लिए पुआल डालता बच्चा। संवाद
- फोटो : UNNAO
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नवाबगंज। छुट्टा मवेशियों की धमाचौकड़ी से परेशान ग्राम पंचायत सधीरा के किसानों का धैर्य जवाब दे गया। किसानों ने छुट्टा मवेशियों को मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) में बंद कर दिया।
सधीरा में दो सैकड़ा छुट्टा मवेशी किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। किसान पूस की कड़ाके की रात में खेत में फसल की रखवाली कर रहे थे। रात-दिन फसलों की निगहबानी में ही बीत रहा था। इसके बाद भी मौका मिलते ही मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। इससे किसानों में गुस्सा पनप रहा था। दो दिन पहले किसानों का धैर्य जवाब दे गया था और एकजुट होकर सभी ने मवेशियों को खदेड़कर परिषदीय विद्यालय में बंद कर दिया था। हालांकि किसानों ने पुआल व पानी की व्यवस्था करा दी थी। स्कूल खुलने पर समस्याएं बढ़ने की सोचकर किसान बुधवार को मवेशियों को विद्यालय से निकालकर मिनी सचिवालय ले गए और वहीं पर बंद कर दिया। यहां भी बंद मवेशियों के लिए चारा, पानी की व्यवस्था कराई है।
निराश्रित गोवंश को आश्रयस्थलों में संरक्षित किए जाने की समयावधि 10 से बढ़ाकर 17 जनवरी कर दी गई है। अभियान चलाकर सभी मवेशियों को नजदीक की गोशालाओं में भेजा जाएगा। सभी अधिकारियों से गांव, निकायों को छुट्टा मवेशी मुक्त करने का प्रमाणपत्र 18 जनवरी को लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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-डॉ. पीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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सधीरा में दो सैकड़ा छुट्टा मवेशी किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए थे। किसान पूस की कड़ाके की रात में खेत में फसल की रखवाली कर रहे थे। रात-दिन फसलों की निगहबानी में ही बीत रहा था। इसके बाद भी मौका मिलते ही मवेशी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। इससे किसानों में गुस्सा पनप रहा था। दो दिन पहले किसानों का धैर्य जवाब दे गया था और एकजुट होकर सभी ने मवेशियों को खदेड़कर परिषदीय विद्यालय में बंद कर दिया था। हालांकि किसानों ने पुआल व पानी की व्यवस्था करा दी थी। स्कूल खुलने पर समस्याएं बढ़ने की सोचकर किसान बुधवार को मवेशियों को विद्यालय से निकालकर मिनी सचिवालय ले गए और वहीं पर बंद कर दिया। यहां भी बंद मवेशियों के लिए चारा, पानी की व्यवस्था कराई है।
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निराश्रित गोवंश को आश्रयस्थलों में संरक्षित किए जाने की समयावधि 10 से बढ़ाकर 17 जनवरी कर दी गई है। अभियान चलाकर सभी मवेशियों को नजदीक की गोशालाओं में भेजा जाएगा। सभी अधिकारियों से गांव, निकायों को छुट्टा मवेशी मुक्त करने का प्रमाणपत्र 18 जनवरी को लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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-डॉ. पीके सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी