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थाना गांव में लगेगा सामुदायिक बायोगैस प्लांट
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उन्नाव। सिकंदरपुर सरोसी के थाना गांव में संचालित गो संरक्षण केंद्र में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जिले का पहला सामुदायिक बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए दो विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यहां से प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अन्य गोशालाओं में भी इसे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सिकंदरपुर सरोसी के गांव थाना में 8 बीघा ऊसर-बंजर भूमि में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में इस केंद्र में 495 मवेशी संरक्षित हैं। अब प्रशासन गांव सभा की आबादी को बिजली व ईंधन के लिए गैस आपूर्ति किए जाने के उद्देश्य से पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में पहला मॉडल सामुदायिक बायोगैस प्लांट स्थापित कराने जा रहा है। इसके निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभाग तय किए जा चुके हैं। जिलास्तरीय गोवर्धन सेल का गठन भी किया जा चुका है। इसमें 21 सदस्य शामिल हैं।
सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि गोवंश के गोबर का प्रयोग इस बायोगैस प्लांट में किया जाएगा। इससे बनने वाली गैस का उपयोग गोशाला में बिजली, पानी व अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने में किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा बायोगैस सयंत्र व बायोस्लरी प्रबंधन का डीपीआर तैयार करके पंचायतीराज विभाग को दिया जाएगा। डीपीआरओ बजट की व्यवस्था कराएंगे। वर्तमान समय में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव कानपुर देहात के परौंख में बायोगैस प्लांट लगा है। अगस्त माह में पंचायतीराज विभाग के दो कर्मचारियों ने गांव में जाकर इसकी स्थापना और संचालन की जानकारी ली थी। अब इन्हीं कर्मचारियों की देखरेख में इसे आगे बढ़वाया जाएगा।
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सिकंदरपुर सरोसी के गांव थाना में 8 बीघा ऊसर-बंजर भूमि में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराया गया था। मौजूदा समय में इस केंद्र में 495 मवेशी संरक्षित हैं। अब प्रशासन गांव सभा की आबादी को बिजली व ईंधन के लिए गैस आपूर्ति किए जाने के उद्देश्य से पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में पहला मॉडल सामुदायिक बायोगैस प्लांट स्थापित कराने जा रहा है। इसके निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं के लिए विभाग तय किए जा चुके हैं। जिलास्तरीय गोवर्धन सेल का गठन भी किया जा चुका है। इसमें 21 सदस्य शामिल हैं।
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सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि गोवंश के गोबर का प्रयोग इस बायोगैस प्लांट में किया जाएगा। इससे बनने वाली गैस का उपयोग गोशाला में बिजली, पानी व अन्य व्यवस्थाएं पूरी करने में किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा बायोगैस सयंत्र व बायोस्लरी प्रबंधन का डीपीआर तैयार करके पंचायतीराज विभाग को दिया जाएगा। डीपीआरओ बजट की व्यवस्था कराएंगे। वर्तमान समय में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पैतृक गांव कानपुर देहात के परौंख में बायोगैस प्लांट लगा है। अगस्त माह में पंचायतीराज विभाग के दो कर्मचारियों ने गांव में जाकर इसकी स्थापना और संचालन की जानकारी ली थी। अब इन्हीं कर्मचारियों की देखरेख में इसे आगे बढ़वाया जाएगा।
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