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टूटे पुल, अधूरी सड़क जनता को समर्पित
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उन्नाव। पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम ने टूटे पुल, अधूरी सड़क और पुराने कामों का वर्चुअल लोकार्पण भी उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से करा दिया। सवाल करने पर अभियंता जवाब दे रहे हैं कि आवागमन शुरू होने के बावजूद अभी तक पुल का लोकार्पण न होने के कारण सूची में शामिल कर लिया गया था।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ से वर्चुअल लोकार्पण और शिलान्यास किया। शहर के नार्मल स्कूल मैदान में जनता को इसका सीधा प्रसारण दिखाया गया। लोकार्पण से ज्यादा शिलान्यास कार्य शामिल रहे। 35 करोड़ 65 लाख से बनीं 52.245 किलोमीटर की 41 सड़कों का लोकार्पण किया। 128.38 किमी लंबी 68 सड़कों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनके निर्माण पर 27 करोड़ 19 लाख 60 हजार रुपये खर्च होंगे। उन्होंने एक अरब 13 करोड़ आठ लाख 84 हजार रुपये लागत से जिले में बनाए गए जिन चार पुलों का लोकार्पण किया गया इनमें सिर्फ बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर गोसाकुतुब में शारदा नहर पर बना पुल ही नया है। यह पुल दो महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ है। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता, सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, वरिष्ठ भाजपा नेता आनंद अवस्थी और अधिकारी मौजूद रहे।
शहर में वित्तीय वर्ष 2017-18 में कचहरी रोड पर 30 करोड़ 47 लाख 96 हजार रुपये की लागत से 372.83 मीटर लंबा रेलवे क्रासिंग पुल बना था। बनने के बाद से ही इस पर आवागमन भी शुरू हो गया। ज्यादा आवागमन से डामर और गिट्टी उखड़ने से कई बार पैचिंग और मरम्मत भी हो चुकी है। इस पुल का भी सेतु निगम ने लोकार्पण करा दिया। सेतु निगम के अभियंताओं के अनुसार अभी इसका लोकार्पण नहीं हुआ था। इसलिए लोकार्पण की सूची में शामिल किया गया है।
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वर्ष 2018 में बीघापुर तहसील के गढ़ेवा-डोमरपुर-सरसौल कानपुर मार्ग पर 62 करोड़ 91 लाख 7 हजार की लागत से निर्मित पुल का भी मंगलवार को लोकार्पण किया गया। इस सेतु और संपर्क मार्ग का क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित 18 नवंबर 2019 को लोकार्पण कर चुके थे। दो महीने पहले गंगा की धारा मुड़ने से हुई कटान से पुल के पास की 100 मीटर सड़क बह गई थी। अब यहां सिर्फ पगडंडी ही बची है। कच्चे रास्ते से दो पहिया वाहन सवार ही आवागमन कर पा रहे हैं। उन्नाव और कानपुर के लोगों के लिए यह पुल निष्प्रयोज्य ही साबित हो रहा है।
पुरवा तहसील में असोहा-गोमापुर मार्ग वाया पाठकपुर में सई नदी पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5 करोड़, 55 लाख 3 हजार की लागत से बना पुल भी मरम्मत योग्य है। पुल के दोनों तरफ की पटरी खराब हो चुकी है। पुल की रैप रोड भी धंसी है। पूर्व सपा विधायक उदयराज यादव का दावा है कि पुल सपा सरकार में ही बनकर तैयार हो गया था। इस पर आवागमन भी शुरू हो गया था। भाजपा सरकार पुराने कामों को अपना दिखाकर लोगों को गुमराह कर रही है।
पुरवा तहसील के असोहा ब्लाक में 27 सितंबर 2021 को बेहटा-भादिन-मिर्रीकला से निहालखेड़ा संपर्क मार्ग का शिलान्यास किया गया था। यहां उप मुख्यमंत्री के शिलान्यास का पत्थर भी लगा है। एक किलोमीटर लंबे मार्ग का तीन महीने बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि मंगलवार को उप मुख्यमंत्री ने इस अधूरे मार्ग का भी वर्चुअल लोकार्पण कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग ने कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी। जिन कार्यों का लोकार्पण किया जाना था उनकी न तो सूची दी गई न संस्तुति ली गई। जानकारी कर एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को लखनऊ से वर्चुअल लोकार्पण और शिलान्यास किया। शहर के नार्मल स्कूल मैदान में जनता को इसका सीधा प्रसारण दिखाया गया। लोकार्पण से ज्यादा शिलान्यास कार्य शामिल रहे। 35 करोड़ 65 लाख से बनीं 52.245 किलोमीटर की 41 सड़कों का लोकार्पण किया। 128.38 किमी लंबी 68 सड़कों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनके निर्माण पर 27 करोड़ 19 लाख 60 हजार रुपये खर्च होंगे। उन्होंने एक अरब 13 करोड़ आठ लाख 84 हजार रुपये लागत से जिले में बनाए गए जिन चार पुलों का लोकार्पण किया गया इनमें सिर्फ बांगरमऊ-संडीला मार्ग पर गोसाकुतुब में शारदा नहर पर बना पुल ही नया है। यह पुल दो महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ है। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता, सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर, वरिष्ठ भाजपा नेता आनंद अवस्थी और अधिकारी मौजूद रहे।
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शहर में वित्तीय वर्ष 2017-18 में कचहरी रोड पर 30 करोड़ 47 लाख 96 हजार रुपये की लागत से 372.83 मीटर लंबा रेलवे क्रासिंग पुल बना था। बनने के बाद से ही इस पर आवागमन भी शुरू हो गया। ज्यादा आवागमन से डामर और गिट्टी उखड़ने से कई बार पैचिंग और मरम्मत भी हो चुकी है। इस पुल का भी सेतु निगम ने लोकार्पण करा दिया। सेतु निगम के अभियंताओं के अनुसार अभी इसका लोकार्पण नहीं हुआ था। इसलिए लोकार्पण की सूची में शामिल किया गया है।
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वर्ष 2018 में बीघापुर तहसील के गढ़ेवा-डोमरपुर-सरसौल कानपुर मार्ग पर 62 करोड़ 91 लाख 7 हजार की लागत से निर्मित पुल का भी मंगलवार को लोकार्पण किया गया। इस सेतु और संपर्क मार्ग का क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित 18 नवंबर 2019 को लोकार्पण कर चुके थे। दो महीने पहले गंगा की धारा मुड़ने से हुई कटान से पुल के पास की 100 मीटर सड़क बह गई थी। अब यहां सिर्फ पगडंडी ही बची है। कच्चे रास्ते से दो पहिया वाहन सवार ही आवागमन कर पा रहे हैं। उन्नाव और कानपुर के लोगों के लिए यह पुल निष्प्रयोज्य ही साबित हो रहा है।
पुरवा तहसील में असोहा-गोमापुर मार्ग वाया पाठकपुर में सई नदी पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5 करोड़, 55 लाख 3 हजार की लागत से बना पुल भी मरम्मत योग्य है। पुल के दोनों तरफ की पटरी खराब हो चुकी है। पुल की रैप रोड भी धंसी है। पूर्व सपा विधायक उदयराज यादव का दावा है कि पुल सपा सरकार में ही बनकर तैयार हो गया था। इस पर आवागमन भी शुरू हो गया था। भाजपा सरकार पुराने कामों को अपना दिखाकर लोगों को गुमराह कर रही है।
पुरवा तहसील के असोहा ब्लाक में 27 सितंबर 2021 को बेहटा-भादिन-मिर्रीकला से निहालखेड़ा संपर्क मार्ग का शिलान्यास किया गया था। यहां उप मुख्यमंत्री के शिलान्यास का पत्थर भी लगा है। एक किलोमीटर लंबे मार्ग का तीन महीने बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि मंगलवार को उप मुख्यमंत्री ने इस अधूरे मार्ग का भी वर्चुअल लोकार्पण कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग ने कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी। जिन कार्यों का लोकार्पण किया जाना था उनकी न तो सूची दी गई न संस्तुति ली गई। जानकारी कर एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र कुमार, जिलाधिकारी
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