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शहरों की तर्ज पर विकसित होंगे गांव
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ग्रामीण विकास को लेकर बैठक करते डीएम रवींद्र कुमार। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला प्रशासन शहरों की तर्ज पर गांवों को विकसित कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए डीएम ने सीडीओ व डीपीआरओ को आदेश जारी किए हैं। डीएम ने कहा कि पंचायत सचिव रोजाना गांव जाए और ग्रामीणों से मिलकर हालचाल पूछें। ग्रामवासियों की समस्याएं दूर की जाएं। प्रतिदिन की सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट ली जाए।
विकास भवन सभागार में डीएम रवींद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में 50 लाख से ऊपर के चल रहे निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्य व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कहा कि प्रत्येक गांव में खाद के गड्ढे खुदवाए जाएं। कचरा प्रबंधन के लिए गांव को शहरों की तर्ज पर बनाया जाए। तालाबों का पुनरुद्धार कराया जाए। सूखे तालाबों की खुदाई कराकर सौंदर्यीकरण कराएं। योजनाओं का लाभ पात्रों को देने के लिए ब्लॉकस्तर पर कैंप लगाए जाएं। पात्रों को योजना से जोड़ा जाए। प्रत्येक व्यक्तिगत लाभार्थी के लिए पंचायत सचिव पूरी तत्परता से काम करें। सभी शासकीय भवनों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ा जाए। गांव में बन रहे बड़े नए भवनों में भी वाटर हार्वेस्टिंग बने। निर्माणाधीन कार्योें को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराएं। निर्माणाधीन कार्यों की जांच थर्ड पार्टी से भी कराई जाएगी। सीवीओ और एसडीएम को गो आश्रयस्थलों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। एडीओ पंचायत से कहा कि किसी भी सचिव के पास प्रधान का डोंगल नहीं होना चाहिए। खंड विकास अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने व विकास कार्यों में प्रगति बढ़ाने के आदेश दिए।
डीएम ने बैठक में अटल भूजल योजना का जिक्र करते हुए पानी के संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि पानी बर्बाद करने वालों को गांवों में चिह्नित किया जाएगा। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को अधूरे कार्यों को जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ दिव्यांशु पटेल, सीएमओ डॉ. सत्य प्रकाश, पीडी यशवंत कुमार, डीडीओ मनीष कुमार मौजूद रहे।
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विकास भवन सभागार में डीएम रवींद्र कुमार ने विकास भवन सभागार में 50 लाख से ऊपर के चल रहे निर्माण कार्यों, मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्य व रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कहा कि प्रत्येक गांव में खाद के गड्ढे खुदवाए जाएं। कचरा प्रबंधन के लिए गांव को शहरों की तर्ज पर बनाया जाए। तालाबों का पुनरुद्धार कराया जाए। सूखे तालाबों की खुदाई कराकर सौंदर्यीकरण कराएं। योजनाओं का लाभ पात्रों को देने के लिए ब्लॉकस्तर पर कैंप लगाए जाएं। पात्रों को योजना से जोड़ा जाए। प्रत्येक व्यक्तिगत लाभार्थी के लिए पंचायत सचिव पूरी तत्परता से काम करें। सभी शासकीय भवनों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़ा जाए। गांव में बन रहे बड़े नए भवनों में भी वाटर हार्वेस्टिंग बने। निर्माणाधीन कार्योें को गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराएं। निर्माणाधीन कार्यों की जांच थर्ड पार्टी से भी कराई जाएगी। सीवीओ और एसडीएम को गो आश्रयस्थलों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। एडीओ पंचायत से कहा कि किसी भी सचिव के पास प्रधान का डोंगल नहीं होना चाहिए। खंड विकास अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने व विकास कार्यों में प्रगति बढ़ाने के आदेश दिए।
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डीएम ने बैठक में अटल भूजल योजना का जिक्र करते हुए पानी के संरक्षण पर जोर दिया। कहा कि पानी बर्बाद करने वालों को गांवों में चिह्नित किया जाएगा। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को अधूरे कार्यों को जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ दिव्यांशु पटेल, सीएमओ डॉ. सत्य प्रकाश, पीडी यशवंत कुमार, डीडीओ मनीष कुमार मौजूद रहे।
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