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मियां-बीबी ने मिलकर चमकाया गांव का कोना-कोना
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फखरापुर गांव में बनी सीसी रोड। संवाद
- फोटो : UNNAO
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फतेहपुर चौरासी। ग्राम पंचायत फखरापुर में कराए गए विकास कार्यों ने शहर को फेल कर दिया है। दो दशक में यहां चमाचम सड़के बनवाई गईं। बिजली कनेक्शन कराए गए। शौचालय और पक्के आवास बनवाए गए। स्कूल खोले गए। लगातार प्रधान रहे पति और पत्नी ने विकास कार्य कराकर एक मिसाल कायम की है।
अनुसूचित जाति (एससी) बहुल्य ग्राम पंचायत फखरापुर में वर्ष 2000 में श्यामवती ग्राम प्रधान चुनी गई थीं। उस समय उनकी उम्र महज 21 साल थी। उस समय ग्राम पंचायत में न तो बिजली थी और न ही आने जाने के लिए सही रास्ते। हफीजाबाद-बरुआघाट मार्ग से गांव के लिए एक किमी कंकड़ मार्ग था। बाकी मजरों में कच्चे मार्ग थे। इनसे निकलना मुश्किल था। बारिश के दौरान कच्चे मार्ग दलदल में तब्दील हो जाते थे। नगहरी व फखरापुर में एक-एक प्राथमिक विद्यालय था। प्रधान बनते ही श्यामवती के सामने इतनी सारी समस्याओं का निपटारा कराना मुश्किल था लेकिन इसके बाद भी श्यामवती ने हार नहीं मानी। उन्होंने गांव में विकास कार्य कराने की योजना पर काम शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने गांव में बिजली लाने की कवायद शुरू की। ब्लाक से लेकर तहसील और फिर जिलास्तरीय अधिकारियों से मिलकर फखरापुर के साथ छह मजरों का विद्युतीकरण कराकर बिजली पहुंचाई। गांव के मुख्य संपर्क मार्ग का डामरीकरण कराया। फिर गांव के अंदर सीसी, इंटरलाकिंग मार्गों का निर्माण कराया। जल निकासी के लिए दोनों तरफ नालियां बनवाईं हैं। (संवाद)
वर्ष 2005 से लगातार उनके पति पुत्तीलाल गौतम प्रधान रहे। इस दौरान वह पति के साथ मिलकर विकास कार्य कराती रहीं। अब फिर गांव की बागडोर श्यामवती के हाथों में आ गई। श्यामवती का कहना है कि जनता ने लगातार उन पर और पति पर विश्वास जताया है तो उन्होंने भी जनता का विश्वास टूटने नहीं दिया। ग्राम पंचायत में 400 शौचालय व 500 पक्के आवास भी बनवाए। सामुदायिक शौचालय के साथ दो सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया जा चुका है।
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प्रधान श्यामवती ने शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। दो प्राथमिक व दो उच्च प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुरू कराकर ग्राम पंचायत की तस्वीर बदल दी। श्यामवती ने बताया कि गांव में राजकीय इंटर कालेज, पुस्तकालय, गोशाला एवं मिनी स्टेडियम के लिए प्रयासरत हैं। इसके निर्माण की मांग शासन से कर चुकी हैं।
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अनुसूचित जाति (एससी) बहुल्य ग्राम पंचायत फखरापुर में वर्ष 2000 में श्यामवती ग्राम प्रधान चुनी गई थीं। उस समय उनकी उम्र महज 21 साल थी। उस समय ग्राम पंचायत में न तो बिजली थी और न ही आने जाने के लिए सही रास्ते। हफीजाबाद-बरुआघाट मार्ग से गांव के लिए एक किमी कंकड़ मार्ग था। बाकी मजरों में कच्चे मार्ग थे। इनसे निकलना मुश्किल था। बारिश के दौरान कच्चे मार्ग दलदल में तब्दील हो जाते थे। नगहरी व फखरापुर में एक-एक प्राथमिक विद्यालय था। प्रधान बनते ही श्यामवती के सामने इतनी सारी समस्याओं का निपटारा कराना मुश्किल था लेकिन इसके बाद भी श्यामवती ने हार नहीं मानी। उन्होंने गांव में विकास कार्य कराने की योजना पर काम शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने गांव में बिजली लाने की कवायद शुरू की। ब्लाक से लेकर तहसील और फिर जिलास्तरीय अधिकारियों से मिलकर फखरापुर के साथ छह मजरों का विद्युतीकरण कराकर बिजली पहुंचाई। गांव के मुख्य संपर्क मार्ग का डामरीकरण कराया। फिर गांव के अंदर सीसी, इंटरलाकिंग मार्गों का निर्माण कराया। जल निकासी के लिए दोनों तरफ नालियां बनवाईं हैं। (संवाद)
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वर्ष 2005 से लगातार उनके पति पुत्तीलाल गौतम प्रधान रहे। इस दौरान वह पति के साथ मिलकर विकास कार्य कराती रहीं। अब फिर गांव की बागडोर श्यामवती के हाथों में आ गई। श्यामवती का कहना है कि जनता ने लगातार उन पर और पति पर विश्वास जताया है तो उन्होंने भी जनता का विश्वास टूटने नहीं दिया। ग्राम पंचायत में 400 शौचालय व 500 पक्के आवास भी बनवाए। सामुदायिक शौचालय के साथ दो सामुदायिक भवनों का निर्माण भी कराया जा चुका है।
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प्रधान श्यामवती ने शिक्षा को भी प्राथमिकता दी। दो प्राथमिक व दो उच्च प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुरू कराकर ग्राम पंचायत की तस्वीर बदल दी। श्यामवती ने बताया कि गांव में राजकीय इंटर कालेज, पुस्तकालय, गोशाला एवं मिनी स्टेडियम के लिए प्रयासरत हैं। इसके निर्माण की मांग शासन से कर चुकी हैं।

फखरापुर गांव में बने पक्के आवास व मार्ग। संवाद- फोटो : UNNAO

ग्राम प्रधान श्यामवती। संवाद- फोटो : UNNAO