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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के साथ बनेगी रिंग रोड
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर यातायात बढ़ने से हो रहे हादसों और जाम की समस्या से निजात के लिए एक्सप्रेसवे की परियोजना में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने की कवायद चल रही है। अब इस एक्सप्रेसवे के साथ एक रिंग रोड निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) 66 किमी लंबे मार्ग लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। इसके लिए जिले के 31 गांवों की 550 हेक्टेअर अधिग्रहित करेगी। दावा किया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे बनने से कानपुर और लखनऊ की दूरी सिर्फ 50 मिनट में तय की जा सकेगी। अब सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के किनारे रिंग रोड बनाए जाने को मंजूरी दे दी है। रिंग रोड के लिए कानपुर नगर, लखनऊ व कानपुर देहात के बीच उन्नाव को शामिल करते हुए कुल 95.750 किमी मार्ग का चयन किया गया है। इसके लिए शासन ने जिले में एसएलओ (स्पेशल लैंड एक्यूजीशन आफीसर) नामित कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
एसएलओ चंदन पटेल ने बताया कि प्रशासन को रिंग रोड निर्माण कराए जाने की जानकारी मिली है। फौरी तौर पर अभी 90 गांव के आसपास की जमीन चिह्नित की गई है। गांवों की विस्तृत जांच करने के बाद सूची तैयार की जाएगी। फिर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले किसानों और काश्तकारों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। सदर तहसील के अचलगंज, गंगाघाट के अलावा बीघापुर, हसनगंज व पुरवा तहसील क्षेत्र के गांव रिंग रोड के दायरे में आ रहे हैं।
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रिंग रोड बनने के बाद से शहर के अंदर भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी। कानपुर, लखनऊ के अलावा अयोध्या, सीतापुर, बाराबंकी, कानपुर देहात जाने के लिए भारी वाहन सीधे रिंग रोड पकड़कर बाहर से ही आवागमन कर सकेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक रिंग रोड निर्माण के बाद भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। अंदर न आने पर जाम व दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकेगी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) 66 किमी लंबे मार्ग लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। इसके लिए जिले के 31 गांवों की 550 हेक्टेअर अधिग्रहित करेगी। दावा किया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे बनने से कानपुर और लखनऊ की दूरी सिर्फ 50 मिनट में तय की जा सकेगी। अब सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के किनारे रिंग रोड बनाए जाने को मंजूरी दे दी है। रिंग रोड के लिए कानपुर नगर, लखनऊ व कानपुर देहात के बीच उन्नाव को शामिल करते हुए कुल 95.750 किमी मार्ग का चयन किया गया है। इसके लिए शासन ने जिले में एसएलओ (स्पेशल लैंड एक्यूजीशन आफीसर) नामित कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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एसएलओ चंदन पटेल ने बताया कि प्रशासन को रिंग रोड निर्माण कराए जाने की जानकारी मिली है। फौरी तौर पर अभी 90 गांव के आसपास की जमीन चिह्नित की गई है। गांवों की विस्तृत जांच करने के बाद सूची तैयार की जाएगी। फिर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले किसानों और काश्तकारों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। सदर तहसील के अचलगंज, गंगाघाट के अलावा बीघापुर, हसनगंज व पुरवा तहसील क्षेत्र के गांव रिंग रोड के दायरे में आ रहे हैं।
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रिंग रोड बनने के बाद से शहर के अंदर भारी वाहनों की एंट्री नहीं होगी। कानपुर, लखनऊ के अलावा अयोध्या, सीतापुर, बाराबंकी, कानपुर देहात जाने के लिए भारी वाहन सीधे रिंग रोड पकड़कर बाहर से ही आवागमन कर सकेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक रिंग रोड निर्माण के बाद भारी वाहन शहर के बाहर से ही निकल जाएंगे। अंदर न आने पर जाम व दुर्घटनाओं पर लगाम लग सकेगी।