वकीलों का कार्य बहिष्कार खत्म, वादकारियों को राहत

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Wed, 13 Jan 2021 11:57 PM IST
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बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित बैठक में बोलते एडीएम राकेश कुमार सिंह व मौजूद अन्य।
बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित बैठक में बोलते एडीएम राकेश कुमार सिंह व मौजूद अन्य। - फोटो : UNNAO

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उन्नाव। डीडीसी (उप संचालक चकबंदी) पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए 22 दिन राजस्व न्यायालयों और लगातार दूसरे दिन सभी न्यायालयों का बहिष्कार कर वकीलों ने बुधवार को कचहरी और कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। वकीलों के तेवर देख अफसर हरकत में आए। दोपहर एक बजे एडीएम सहित अन्य अधिकारी बार एसोसिएशन भवन पहुंचे और वकीलों से बातचीत की। प्रभारी डीडीसी ने अपने किए पर खेद जताया तो वकीलों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। हड़ताल वापस होने से हजारों वादकारियों को राहत मिली है। 22 दिन से चल रहे कार्य बहिष्कार से पांच हजार मुकदमों की सुनवाई टल रही थी।
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वकीलों के प्रदर्शन और अनिश्चितकाल के लिए न्यायिक कार्य न करने की चेतावनी के बाद दोपहर एक बजे एडीएम राकेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल व प्रभारी डीडीसी (उपसंचालक चकबंदी)/एडीएम न्यायिक राकेश कुमार गुप्ता बार एसोसिएशन सभागार पहुंचे। प्रभारी डीडीसी ने कहा कि अगर उनकी वजह से किसी अधिवक्ता के सम्मान को ठेस पहुंची है वह खेद व्यक्त करते हैं। पूरा प्रयास करेंगे के भविष्य में ऐसा न हो। एडीएम राकेश कुमार ने कार्य बहिष्कार के खत्म करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वादकारियों को काफी परेशानी हो रही है।

वादों में एक पक्ष के खिलाफ आदेश जारी करना न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। बार और बेंच को अपने दायित्वों का भी ध्यान रखना होता है। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने भी बार और बेंच के बीच सामंजस्य बनाकर काम करने पर जोर दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामशंकर सिंह यादव ने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण कराना संगठन का दायित्व है। अधिवक्ताओं के सम्मान व स्वाभिमान के लिए आंदोलन का भी फैसला लेना पड़ता है। उन्होंने कार्य बहिष्कार समाप्त करने की घोषणा की। बैठक में महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह जीतू, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ल, चंद्रमूल सिंह, नरेंद्र अवस्थी, दीप नारायण त्रिवेदी, गिरीश मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष फजल करीम, ज्योत्सना गोयल, सुशील शुक्ल, राजेश सिंह, राम सुमेर सिंह, अमरेश वर्मा मौजूद रहे।
वादकारी बोले, नहीं हो रही थी सुनवाई
पेशी के लिए चकबंदी न्यायालय पहुंचे नौरंगाबाद निवासी रामकिशन ने बताया कि वह पांच दिन से तारीख लेकर लौट रहे हैं। अब कार्य बहिष्कार खत्म होने पर मुकदमे की सुनवाई हो सकेगी। रऊ करना गांव निवासी गुलाब सिंह ने बताया कि एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय में भूमि संबंधी वाद चल रहे हैं। दो दिन तारीख लगी, लेकिन कार्य बहिष्कार के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।

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