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सिटी मजिस्ट्रेट को फैक्ट्री गेट पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:38 PM IST
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पुलिस बल के साथ अंदर जाते सीओ सिटी।
- फोटो : अमर उजाला
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दही चौकी स्थित मीट निर्यातक इंडैग्रो फूड फैक्ट्री में जांच करने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को फैक्ट्री के सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर रोक लिया। सिटी मजिस्ट्रेट को चेकिंग से रोके जाने की सूचना पर हड़कंप मच गया। सूचना पर सीओ सिटी और फैक्ट्री के प्रबंधक भी मौके पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने मैनेजर को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद जांच अधिकारी फैक्ट्री में दाखिल हुए। टीम ने वाटर डिस्चार्ज के नमूने लेने के साथ मीट पैकिंग व अन्य दस्तावेज तलब किए।
शासन के आदेश पर जिला प्रशासन जिले में स्थित सभी छह स्लाटर हाउसों की जांच करा रहा है। शनिवार को दो स्लाटर हाउसों में जांच हो चुकी है। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट डा. अशोक कुमार सिंह अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ इंडैग्रो फूड में जांच करने पहुंचे। साथ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीएन मिश्रा भी थे। वे जैसे ही गेट पर पहुंचे तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर न जाने दिया। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मियों ने अंदर जाने का प्रयास किया तोे उन्हें भी रोक दिया। इस पर हंगामा होने लगा।
यह देख सिटी मजिस्ट्रेट का भी पारा चढ़ गया। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को फटकार लगाई। मौके पर फैक्ट्री मैनेजर मोहम्मद जावेद व सीओ सिटी ह्नदेश कठेरिया भी पहुंच गए। सीओ ने गार्डों से तत्काल गेट खोलने को निर्देशित किया। सिटी मजिस्ट्रेट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व मीडियाकर्मी फैक्ट्री के अंदर इंट्री कर पाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्हें गार्डों ने गेट पर रोका था। डांटने-फटकारने और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने की ताकीद के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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तलब किए गए 15 दिन के रिकार्ड
जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई टीम ने लगातार दूसरे दिन दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित दो स्लाटर हाउसों में छापेमारी की। इस दौरान दोनों स्लाटरहाउसों से वाटर डिस्चार्ज का नमूना लेने के साथ ही पिछले 15 दिन का रिकार्ड तलब किया है। वहीं अधिकारियों ने सीसीटीवी के फुटेज भी लिए। सूबे की नई सरकार द्वारा अवैध बूचड़खानों पर शिकंजा कसने और वैध की कड़ाई से जांच पड़ताल कराने के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम गठित की है।
टीम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला प्रदूषण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, एआरटीओ व जिला अभिहित अधिकारी को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों ने संयुक्त रूप से लगातार दूसरे दिन रविवार को दही चौकी स्थित दो स्लाटर हाउस इंडैग्रो और स्टैंडर्ड फ्रोजन फूड एक्सपोर्ट में छापा मारा। सभी अधिकारियों ने अलग-अलग बिंदुवार गहनता से जांच पड़ताल की। प्रदूषण अधिकारी ने प्रदूषण से संबंधित बिंदुओं की बारीकी से जांच करते हुए वाटर डिस्चार्ज का नमूना लिया।
सीवीओ ने अंदर जाकर दोनों फैक्ट्रियों में पशुओं और अन्य बिंदुओं पर पड़ताल की। सूत्र बताते हैं कि दोनों बूचड़खानों से पिछले 15 में किए गए काम से संबंधित रिकार्ड और सीसीटीवी फुटेज लिए गए हैं। दोनों स्लाटरहाउसों में जानवर कटते नहीं मिले। इंडैग्रो में पैकिंग का काम चल रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शनिवार को इंडैग्रो में 288 और रविवार को 137 जानवर आए। जबकि इन्हें प्रतिदिन 1500 जानवरों की अनुमति है। इसीलिए उनसे पिछले 15 दिन का रिकार्ड तलब किया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के एक्ट के अनुसार जांच पड़ताल की है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। यहां बताते चले कि जिले में कुल 6 स्लाटर हाउस क्रियाशील हैं। डीएम ने जांच टीम को 28 मार्च तक सभी स्लाटरहाउसों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचने और अन्य बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
शासन के आदेश पर जिला प्रशासन जिले में स्थित सभी छह स्लाटर हाउसों की जांच करा रहा है। शनिवार को दो स्लाटर हाउसों में जांच हो चुकी है। रविवार को सिटी मजिस्ट्रेट डा. अशोक कुमार सिंह अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ इंडैग्रो फूड में जांच करने पहुंचे। साथ में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. डीएन मिश्रा भी थे। वे जैसे ही गेट पर पहुंचे तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अंदर न जाने दिया। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मियों ने अंदर जाने का प्रयास किया तोे उन्हें भी रोक दिया। इस पर हंगामा होने लगा।
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यह देख सिटी मजिस्ट्रेट का भी पारा चढ़ गया। उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को फटकार लगाई। मौके पर फैक्ट्री मैनेजर मोहम्मद जावेद व सीओ सिटी ह्नदेश कठेरिया भी पहुंच गए। सीओ ने गार्डों से तत्काल गेट खोलने को निर्देशित किया। सिटी मजिस्ट्रेट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व मीडियाकर्मी फैक्ट्री के अंदर इंट्री कर पाए। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि उन्हें गार्डों ने गेट पर रोका था। डांटने-फटकारने और भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न होने की ताकीद के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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तलब किए गए 15 दिन के रिकार्ड
जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई टीम ने लगातार दूसरे दिन दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित दो स्लाटर हाउसों में छापेमारी की। इस दौरान दोनों स्लाटरहाउसों से वाटर डिस्चार्ज का नमूना लेने के साथ ही पिछले 15 दिन का रिकार्ड तलब किया है। वहीं अधिकारियों ने सीसीटीवी के फुटेज भी लिए। सूबे की नई सरकार द्वारा अवैध बूचड़खानों पर शिकंजा कसने और वैध की कड़ाई से जांच पड़ताल कराने के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने निरीक्षण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की टीम गठित की है।
टीम में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला प्रदूषण अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, एआरटीओ व जिला अभिहित अधिकारी को शामिल किया गया है। इन अधिकारियों ने संयुक्त रूप से लगातार दूसरे दिन रविवार को दही चौकी स्थित दो स्लाटर हाउस इंडैग्रो और स्टैंडर्ड फ्रोजन फूड एक्सपोर्ट में छापा मारा। सभी अधिकारियों ने अलग-अलग बिंदुवार गहनता से जांच पड़ताल की। प्रदूषण अधिकारी ने प्रदूषण से संबंधित बिंदुओं की बारीकी से जांच करते हुए वाटर डिस्चार्ज का नमूना लिया।
सीवीओ ने अंदर जाकर दोनों फैक्ट्रियों में पशुओं और अन्य बिंदुओं पर पड़ताल की। सूत्र बताते हैं कि दोनों बूचड़खानों से पिछले 15 में किए गए काम से संबंधित रिकार्ड और सीसीटीवी फुटेज लिए गए हैं। दोनों स्लाटरहाउसों में जानवर कटते नहीं मिले। इंडैग्रो में पैकिंग का काम चल रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि शनिवार को इंडैग्रो में 288 और रविवार को 137 जानवर आए। जबकि इन्हें प्रतिदिन 1500 जानवरों की अनुमति है। इसीलिए उनसे पिछले 15 दिन का रिकार्ड तलब किया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के एक्ट के अनुसार जांच पड़ताल की है। इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। यहां बताते चले कि जिले में कुल 6 स्लाटर हाउस क्रियाशील हैं। डीएम ने जांच टीम को 28 मार्च तक सभी स्लाटरहाउसों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं जांचने और अन्य बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।