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मां के गर्भ में भी ज्ञान ग्रहण करता है बालक
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:06 AM IST
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पुरवा विकासखंड के कुडेहरी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक आचार्य सतीश शुक्ला ने श्रोताओं को सदुपदेश दिए।
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मंगलवार को उन्होंने भक्तों को भगवान कृष्ण के परम भक्त प्रहलाद का पावन चरित्र सुनाया। बताया कि नारद की कृपा से बालक प्रहलाद मां के गर्भ में हरि भक्त हो गए थे।
आचार्य ने भक्तों को शिक्षा देते हुए बताया कि जब भी कोई स्त्री गर्भवती हो तो उसे धर्मयुक्त और विवेकयुक्त कार्य करने चाहिए। भक्त प्रह्लाद की कथा से हमें ज्ञान मिलता है कि जीव जब मां के गर्भ में भी ज्ञान ग्रहण करता है। इसलिए माता का स्वभाव और विचार स्वच्छ होने चाहिए।
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कहा कि जो भी स्त्री इन नियमों का पालन करती है तो उसका बालक धर्मात्मा होता है। जीवन भर धर्मार्थ बनकर कुल को तो तारता ही है साथ ही परमगति को भी प्राप्त करता है।
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