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चेते नहीं तो फट जाएगा ‘वाटर बम’
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 07 May 2016 12:45 AM IST
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पानी की टंकी के पिलरों से बाहर निकली सरिया
- फोटो : अमर उजाला
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हाकिम नहीं चेते तो शहर की घनी आबादी में कभी भी ‘वाटर बम’ फट सकता है। वजह साफ है। शहर के सिविल लाइंस में बनी पानी की इस टंकी के पिलर जर्जर हो चुके हैं। इनका प्लास्टर टूट चुका है। सरिया बाहर आ गई हैं। हजारों लीटर क्षमता वाली इस टंकी की मरम्मत नहीं करवाई गई तो इसके ढहने से हजारों लोग चपेट में आएंगे। इस गंभीर समस्या की ओर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। टंकी क ी मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही जा रही है।
नगर पालिका के जलकल विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से जर्जर पिलरों पर खड़ी पानी की टंकी कभी भी ‘वाटर बम’ बन सकती हैै। टंकी ढही तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में जल प्रलय आएगी। इसकी चपेट में हजारों लोग आ सकते हैं। शहर के मोहल्ला मौहारी बाग स्थित 1.32 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी के पिलर जर्जर हो चुके हैं। इनका प्लास्टर कई जगहों से टूटकर गिर गया है। भीतर की सरिया खुलकर बाहर निकल आई हैं।
ऐसे में पिलर 132 किलोलीटर क्षमता की इस टंकी का बोझ सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। विभागीय जानकारोें की मानें तो यह टंकी करीब पांच दशक से अधिक पुरानी है। बनने के बाद से अभी तक इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे टंकी जर्जर होती गई। क्षेत्रीय निवासियों के मुताबिक टंकी बनी थी तो यहां बस्ती विकसित नहीं थी । मौजूदा समय में घनी बस्ती बस गई है। इस क्षेत्र की आबादी अब हजारों में है। ऐसे में टंकी के धराशायी होने पर जल प्रलय सी आएगी।
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यहां से जुड़े हैं सिविल लाइंस सहित पॉश इलाके
जहां यह टंकी बनी है, वहां सिविल लाइंस के अलावा एसपी ऑफिस, कचहरी, पुलिस लाइन, कब्बाखेड़ा, केवटा तालाब सहित अन्य घने मोहल्ले बसे हैं।
जल्द होगी मरम्मत
टंकी कमजोर हो गई है। पानी की आवश्यकता को देखते हुए टंकी को पूरा लोड करवाया जा रहा है। इसकी मरम्मत का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही मरम्मत करवाई जाएगी।
पीके जौहरी, जलकल अभियंता, नगर पालिका उन्नाव।
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नगर पालिका के जलकल विभाग के अधिकारियों की उदासीनता से जर्जर पिलरों पर खड़ी पानी की टंकी कभी भी ‘वाटर बम’ बन सकती हैै। टंकी ढही तो घनी आबादी वाले क्षेत्र में जल प्रलय आएगी। इसकी चपेट में हजारों लोग आ सकते हैं। शहर के मोहल्ला मौहारी बाग स्थित 1.32 लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी के पिलर जर्जर हो चुके हैं। इनका प्लास्टर कई जगहों से टूटकर गिर गया है। भीतर की सरिया खुलकर बाहर निकल आई हैं।
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ऐसे में पिलर 132 किलोलीटर क्षमता की इस टंकी का बोझ सहन करने की स्थिति में नहीं हैं। विभागीय जानकारोें की मानें तो यह टंकी करीब पांच दशक से अधिक पुरानी है। बनने के बाद से अभी तक इसकी मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। इससे टंकी जर्जर होती गई। क्षेत्रीय निवासियों के मुताबिक टंकी बनी थी तो यहां बस्ती विकसित नहीं थी । मौजूदा समय में घनी बस्ती बस गई है। इस क्षेत्र की आबादी अब हजारों में है। ऐसे में टंकी के धराशायी होने पर जल प्रलय सी आएगी।
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यहां से जुड़े हैं सिविल लाइंस सहित पॉश इलाके
जहां यह टंकी बनी है, वहां सिविल लाइंस के अलावा एसपी ऑफिस, कचहरी, पुलिस लाइन, कब्बाखेड़ा, केवटा तालाब सहित अन्य घने मोहल्ले बसे हैं।
जल्द होगी मरम्मत
टंकी कमजोर हो गई है। पानी की आवश्यकता को देखते हुए टंकी को पूरा लोड करवाया जा रहा है। इसकी मरम्मत का प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही मरम्मत करवाई जाएगी।
पीके जौहरी, जलकल अभियंता, नगर पालिका उन्नाव।