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यूपी: रौतापुर गंगा तट पर गड्ढों में दफनाए जा रहे शव, गंगा का जलस्तर बढ़ा तो बढ़ेगी मुसीबत
Thu, 13 May 2021 10:22 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 13 May 2021 10:22 AM IST
सार
लोगों ने लकड़ियां महंगी होने के कारण शवों को गड्ढों में दफना दिया। कुछ शवों से मिट्टी भी हट गई है। यहां पर आवारा कुत्ते भी नजर आए।
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रौतापुर गांव के पास गंगारेती में दफन किए गए शव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शुक्लागंज में ग्राम रौतापुर स्थित गंगातट पर रोक के बावजूद एक माह के अंदर करीब चार सौ शवों को गड्ढा खोद कर दफना दिया गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने पर शव उतराएंगे साथ ही गंगाजल भी प्रदूषित होगा। ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना संक्रमित शव भी गड्ढों में दफनाए गए हैं।
कोतवाली क्षेत्र के रौतापुर ग्राम स्थित गंगातट पर दस अप्रैल से दस मई के बीच शवों की संख्या ज्यादा रही। लोगों ने लकड़ियां महंगी होने के कारण शवों को गड्ढों में दफना दिया। कुछ शवों से मिट्टी भी हट गई है। यहां पर आवारा कुत्ते भी नजर आए।
गंगा में जैसे ही पानी बढ़ेगा यही शव गंगा नदी में उतराते नजर आएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि रौतापुर गंगा तट किनारे शवों को दफनाए जाने की सूचना नहीं है। मामले की जांच कराकर इस पर रोक लगाने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी।
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ये पुलिस का काम नहीं
सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने कोतवाली गंगाघाट प्रभारी अरविंद कुमार सिंह को मिट्टी में शव दफनाए जाने पर रोक लगाते हुए वहां सूचना बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, बुधवार को भी स्थितियां जस की तस रहीं। घाट किनारे दो शव आज भी दफनाए गए।
इस बारे में कोतवाल ने बताया कि निर्देश जरूर दिए गए लेकिन यह पुलिस का काम नहीं है। यह काम नगर पालिका का है। वही सूचना आदि से संबंधित बोर्ड वहां लगवाए। घाट पर पुलिस को भेजा गया था स्थानीय पंडों को स्पष्ट कहा गया कि कोई भी शव यहां न दफनाए जाएं।
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कोतवाली क्षेत्र के रौतापुर ग्राम स्थित गंगातट पर दस अप्रैल से दस मई के बीच शवों की संख्या ज्यादा रही। लोगों ने लकड़ियां महंगी होने के कारण शवों को गड्ढों में दफना दिया। कुछ शवों से मिट्टी भी हट गई है। यहां पर आवारा कुत्ते भी नजर आए।
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गंगा में जैसे ही पानी बढ़ेगा यही शव गंगा नदी में उतराते नजर आएंगे। सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने बताया कि रौतापुर गंगा तट किनारे शवों को दफनाए जाने की सूचना नहीं है। मामले की जांच कराकर इस पर रोक लगाने के साथ ही कार्रवाई की जाएगी।
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ये पुलिस का काम नहीं
सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटेल ने कोतवाली गंगाघाट प्रभारी अरविंद कुमार सिंह को मिट्टी में शव दफनाए जाने पर रोक लगाते हुए वहां सूचना बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन, बुधवार को भी स्थितियां जस की तस रहीं। घाट किनारे दो शव आज भी दफनाए गए।
इस बारे में कोतवाल ने बताया कि निर्देश जरूर दिए गए लेकिन यह पुलिस का काम नहीं है। यह काम नगर पालिका का है। वही सूचना आदि से संबंधित बोर्ड वहां लगवाए। घाट पर पुलिस को भेजा गया था स्थानीय पंडों को स्पष्ट कहा गया कि कोई भी शव यहां न दफनाए जाएं।