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सरकारी गोदाम से होती राशन की कालाबाजारी

Mon, 27 Mar 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Mon, 27 Mar 2017 11:58 PM IST
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Black marketing of ration from government godown
ब्लाक गोदाम में रखी सरकारी बोरियां और खुला पड़ा खाद्यान्न। - फोटो : अमर उजाला

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हाईवे स्थित शहर व सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक गोदाम में सरकारी खाद्यान्न की दोबारा पैकिंग का ‘खेल’ चल रहा है। गोदाम में आने वाले राशन की बोरियाें की सील तोड़कर खाद्यान्न दूसरी साधारण व पुरानी सरकारी मोहर लगी बोरियों में भरा जाता है। इसके बाद खुले बाजार में बेचकर लाखों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं।

इसमें कुछ बाहरी लोग विभागीय कर्मचारियों से मिलीभगत करके राशन बाजार में पहुंचा रहे हैं। कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर पुराने आरटीओ कार्यालय परिसर में स्थित आवश्यक खाद्य वस्तु निगम के ब्लाक गोदाम से शहर, शुक्लागंज व ब्लाक सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के कोटेदारों को राशन आवंटित किया जाता है। नियमानुसार इस ब्लाक गोदाम पर कोटेदार माह के अंतिम पखवारे में पहुंचते हैं और यहां से राशन की उठान करते हैं। वर्तमान समय में इस ब्लाक गोदाम में राशन की कालाबाजारी का तगड़ा खेल चल रहा है।
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सूत्रों की मानें तो यहां पर बाहरी लोगों का खासा दखल है। ये लोग गोदाम के कर्मचारियों-अधिकारियों से सेटिंग करके सरकारी राशन की बोरियों की सील तुड़वाकर दूसरी बोरियों में भरवाते हैं। इसके बाद इन बोरियों को खुले बाजार में बेचा जाता है। राशन की बिक्री से पैसे का बंदरबांट होता है। सूत्रों के मुताबिक इसमें विभागीय कर्मचारियों को भी बाकायदा एक बड़ा हिस्सा पहुंचाया जाता है।
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कैमरा देख मची भगदड़
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे ब्लाक गोदाम में बोरियां बदली जा रही थीं। इस काम में लगे लोग कैमरा देखते ही भागने लगे। पैकिंग कर रहे लोगों में एक महिला श्रमिक भी थी। सरकारी बोरियों की सील तोड़कर गेहूं और चावल दूसरी बोरियों में पलटा जा रहा था। कैमरा देखकर श्रमिक गोदाम से बाहर निकलने लगे। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने कैमरा बंद करने को कहा और न मानने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। कुछ ही देर में पूरा गोदाम खाली हो गया। एक मजदूर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हर माह गोदाम पर यही खेल होता है। सरकारी बोरों से राशन निकाल दूसरे बोरों में री-पैकिंग की जाती है।


यह गलत है, जानकारी करेंगे
आवश्यक वस्तु निगम के जिला प्रबंधक गौरीशंकर गुप्ता ने मामले की जानकारी से इनकार किया। उन्होंने बताया कि यदि एक-दो बोरी अनाज हो तो गड़बड़ी नहीं माना जाता। क्योंकि उतारते या रखते समय कुछ बोरियां फट जाती हैं। लेकिन अगर बोरियां ज्यादा मात्रा में हैं तो यह आपत्तिजनक है। उन्होंने बताया कि वह मामले की जानकारी करेंगे और गोदाम इंचार्ज से भी बात करेंगे।
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