{"_id":"5e3f028c8ebc3ee5c26357d3","slug":"bhagwant-nagar-unnao-news-knp5434072152","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवंतनगर कस्बे में स्थापित मिनी पेयजल योजनाएं शोपीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवंतनगर कस्बे में स्थापित मिनी पेयजल योजनाएं शोपीस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाटन। भगवंतनगर कस्बे में स्थापित की गई मिनी पेयजल योजनाएं पूरी तरह से शोपीस साबित हो रही हैं। मानक विहीन बोरिंग किए जाने के कारण अधिकांश में से गंदा पानी निकल रहा है। ऐसे में कैप-टी बोरिंग के नाम पर कई स्थानों पर महीनों से भूगर्भीय जल नालियों में बहाया जा रहा है।
शासन और प्रशासन द्वारा भूगर्भीय जल को संरक्षित करने के लिए तमाम प्रचार-प्रसार व दिशा-निर्देशों के बावजूद भगवंतनगर कस्बे में भूगर्भीय जल का दोहन धड़ल्ले से जारी है। कस्बे में नगर पंचायत की ओर से हाल ही में लगभग दो दर्जन से अधिक मिनी पेयजल योजनाओं की स्थापना की गई है। वार्डों में जरूरत के हिसाब से स्थापित की गई पानी टंकी मानकविहीन बोरिंग के कारण शोपीस जैसी बनी हुई है। स्थिति यह है कि लगभग आधा दर्जन सबमर्सिबल पंप टंकियों तक पानी ही नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
जबकि एक दर्जन से अधिक बोरिंग से गंदा पानी निकल रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के नियंत्रण में सबमर्सिबल पंप के स्विच होने के कारण भूगर्भीय जल कैप-टी के नाम पर दिन-रात नालियों में बहाया जा रहा है। नगर पंचायत इस मामले में कई शिकायतों के बावजूद अब तक ठेकेदार के विरुद्ध कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी है। सिर्फ कस्बा ही नहीं वार्ड संख्या 6 में बनी बरातशाला से संचालित अस्थायी नगर पंचायत कार्यालय में भी बोरिंग का बुरा हाल है। लगभग एक वर्ष पूर्व की गई बोरिंग से यहां अभी भी गंदा पानी निकल रहा है।
विज्ञापन
पानी को साफ करने के लिए पिछले करीब एक सप्ताह से इस बोरिंग से भी बराबर भूगर्भीय जल नगर पंचायत कर्मियों द्वारा नाली में बहाया जा रहा है। कस्बे वासियों ने स्थापित की गई सभी मिनी पेयजल योजना जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आशीष शुक्ला ने सभी बोरिंग की जांच कर संबंधित ठेकेदार से ठीक कराने की बात कही है।
विज्ञापन
शासन और प्रशासन द्वारा भूगर्भीय जल को संरक्षित करने के लिए तमाम प्रचार-प्रसार व दिशा-निर्देशों के बावजूद भगवंतनगर कस्बे में भूगर्भीय जल का दोहन धड़ल्ले से जारी है। कस्बे में नगर पंचायत की ओर से हाल ही में लगभग दो दर्जन से अधिक मिनी पेयजल योजनाओं की स्थापना की गई है। वार्डों में जरूरत के हिसाब से स्थापित की गई पानी टंकी मानकविहीन बोरिंग के कारण शोपीस जैसी बनी हुई है। स्थिति यह है कि लगभग आधा दर्जन सबमर्सिबल पंप टंकियों तक पानी ही नहीं पहुंचा पा रहे हैं।
विज्ञापन
जबकि एक दर्जन से अधिक बोरिंग से गंदा पानी निकल रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों के नियंत्रण में सबमर्सिबल पंप के स्विच होने के कारण भूगर्भीय जल कैप-टी के नाम पर दिन-रात नालियों में बहाया जा रहा है। नगर पंचायत इस मामले में कई शिकायतों के बावजूद अब तक ठेकेदार के विरुद्ध कोई कड़ा कदम नहीं उठा सकी है। सिर्फ कस्बा ही नहीं वार्ड संख्या 6 में बनी बरातशाला से संचालित अस्थायी नगर पंचायत कार्यालय में भी बोरिंग का बुरा हाल है। लगभग एक वर्ष पूर्व की गई बोरिंग से यहां अभी भी गंदा पानी निकल रहा है।
विज्ञापन
पानी को साफ करने के लिए पिछले करीब एक सप्ताह से इस बोरिंग से भी बराबर भूगर्भीय जल नगर पंचायत कर्मियों द्वारा नाली में बहाया जा रहा है। कस्बे वासियों ने स्थापित की गई सभी मिनी पेयजल योजना जांच कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आशीष शुक्ला ने सभी बोरिंग की जांच कर संबंधित ठेकेदार से ठीक कराने की बात कही है।