फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Banks reached five hundred notes, relief

बैंकों में पहुंचा पांच सौ का नोट, लोगों को राहत

Wed, 30 Nov 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Wed, 30 Nov 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
Banks reached five hundred notes, relief
बड़ा चौराहा स्थित एसबीआई एटीएम पर पैसा निकालने वालों की लगी लाइन - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
 नोट बंदी के 21 दिनों बाद जब शहर की बैंकों में 500 का नया नोट आया तो लोगों ने छुट्टे की समस्या हल होने की उम्मीद जताई। लोगों में एक ओर जहां पांच सौ के नए नोट को देखने की उत्सुकता रही तो दूसरी ओर दो हजार का नोट का छुट्टा न हो पाने की परेशानी से भी राहत मिली। सोमवार को बैंकों से खाली हाथ लौटे लोग मंगलवार को करेंसी की उम्मीद लेकर लाइन में लगे और जब उन्हें पांच सौ नोट मिला तो उन्हें नोटों की किल्लत से राहत मिली। हालांकि एटीएम में लगी लाइन अभी भी कम होेने का नाम नहीं ले रही है।

 आठ नवंबर को नोट बंदी के फैसले के बाद ही लोग नोटों की किल्लत से जूझ रहे हैं। बंदी के कुछ दिनों बाद दो हजार का नोट तो बैंकों में मिलने लगा था, लेकिन लोगों को इसके छुट्टे न मिलने से परेशानी कम नहीं हो रही थी। सोमवार को बैंकों में रुपये लेने पहुंचे लोगाें को करेंसी न होने के चलते मायूस होकर वापस लौटना पड़ा था। इसके बाद मंगलवार को जब लोग बैंकों में पहुंचे तो उन्हें पांच सौ का नया नोट बैंक कर्मचारियों ने दिया। पांच सौ का नया नोट मिलने से लोगों में एक उत्सुकता भी रही कि अब छुट्टा की समस्या दूर होगी।
विज्ञापन


उन्नाव बाईपास स्थित मिठाई दुकानदार कमलेश वर्मा ने बताया कि उनका खाता बाईपास स्थित बैंक ऑफ इंडिया में है। वह बीते करीब एक सप्ताह से बैंक के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उन्हें रुपये नहीं मिल रहे थे। मंगलवार को वह जब बैंक पहुंचे तो उन्हें बैंक से पांच सौ के नए नोट मिले। अब उन्हें दुकान में आवश्यक सामान की खरीदारी में आ रही दिक्कत खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटी की शादी के लिए नहीं मिल रहे पांच हजार
असोहा। असोहा ब्लाक के मदारीखेड़ा निवासी छेदीलाल की लड़की की शादी एक दिसंबर को होनी है। जिसमें खर्च के लिए छेदीलाल ने धान बेचकर बैंक में 5 हजार रुपये जमा किए थे। पैसे निकालने के लिए छेदीलाल अब कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन बैंक कर्मी कैश ना होने की बात कहकर उसे बैरंग लौटा रहे हैं। छेदीलाल ने बताया की अपने खाते में जमा पांच हजार रुपये निकालने को वह बैंक कर्मियों के हाथ जोड़ते फिर रहे हैं, लेकिन उसकी कोई सुन नहीं रहा है।


कैश खत्म होने पर भीड़ ने की नारेबाजी
भगवंतनगर कसबा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही से ग्रामीणों का गुस्सा चरम पर है। बैंक में पिछले सप्ताह किए गए कम भुगतान के चलते मंगलवार सुबह से ही उपभोक्ता बैंक के सामने डट गए। 10 बजे खुलने वाली बैंक सवा ग्यारह बजे तक नहीं खुली तो उपभोक्ता आक्रोशित हो गए और नारेबाजी करने लगे। साढ़े ग्यारह बजे बैंक खुली, मगर दोपहर दो बजे ही कैश खत्म हो गया। इससे आक्रोशित भीड़ ने कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों को समझाने में पुलिस ने मशक्कत की।

बीघापुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की पंजाब नेशनल बैंक में कई दिन से नगदी न होने के बाद मंगलवार सुबह से ही लोग हो-हल्ला करते रहे। 24 हजार की चेक लेकर वापस लौटते लोग मायूस दिखे। वहीं लोगों को केवल 2 हजार ही भुगतान किया गया। वहीं आर्यावर्त ग्रामीण बैंक बारा व ऊंचगांव स्टेट बैंक में भी भुगतान का संकट किसानों, मजदूरों, व्यापारियों व आम लोगों को झेलना पड़ा।

 गंजमुरादाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे की बैंक आफ  इंडिया में पांच दिन बाद कैश आया तो लोगों के चेहरे पर खुशी दिखी। हालांकि बैंक को मिले मात्र बीस लाख रुपये लाइन में लगे लोगों के लिए पूरे नहीं पड़े और बड़ी संख्या में लोगों को निराश लौटना पड़ा।


 औरास प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र की बैंकों में पांच दिन बाद आई करेंसी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई। बैंकों ने लोगों को दो-दो हजार रुपये देकर किसी तरह से काम चलाया। कसबा स्थित पंजाब नैशनल बैंक में पांच दिन बाद उपभोक्ताओं को भुगतान किया गया। इससे पहले यहां बीते बुधवार को लोगों को एक-एक हजार रुपया बांटा गया था। मैनेजर श्याम गोपाल ने बताया कि सोमवार को जो पैसा मिला था वह भीड़ को देखते हुए काफी कम था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed