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Unnao News: पटरियों के नीचे भरी गई गिट्टी, कटान रोकने को लगाई गईं रेत भरी बोरियां
Sat, 21 Jun 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sat, 21 Jun 2025 12:59 AM IST
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उन्नाव/सफीपुर। उन्नाव-बालामऊ रेल मार्ग पर दरौली गांव स्थित रेलवे अंडरपास में पानी भरने से गुरुवार को पटरियों के नीचे से मिट्टी और गिट्टी धंस गई थी। शुक्रवार को तकनीकी टीम ने पटरियों के नीचे गिट्टी भरवाई। दोनों तरफ रेत भरी बोरियां भी लगाई गईं। अंडरपास में भरे पानी को पंपसेट से निकाला गया। फिलहाल ट्रेनों को काॅशन देकर निकाला जा रहा है।
कानपुर से बालामऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 54336 गुरुवार शाम 5:10 बजे को सफीपुर स्टेशन से आगे दरौली गांव के सामने पहुंची थी। तभी अंडरपास के सामने रेलवे ट्रैक के नीचे की गिट्टी धंसी देख इसी गांव निवासी युवक सृजन ने बकरी चरा रहे आमिर की लाल टीशर्ट लेकर चालक को खतरे का संकेत दिया था। ट्रैक की फौरी मरम्मत कर 42 मिनट बाद ट्रेन को बालामऊ के लिए रवाना किया जा सका था। शुक्रवार को रेलवे के निर्माण निरीक्षक दिनेश कुमार और सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र पटेल पहुंचे। ट्रैक की जांच करने के बाद टीम को लगाकर अंडरपास में भरा पानी निकलवाया। इसके बाद मिट्टी और गिट्टी भरवाकर ट्रैक को दुरुस्त कराया। ट्रैक के दोनों तरफ रेत भरी बोरियां भी रखवाई गईं हैं ताकि गिट्टी न फैले।
रेलवे कर्मियों ने पूरे दिन ट्रैक की मरम्मत की और मशीन से पैकिंग का काम किया। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि बारिश के कारण सफीपुर में ओवरहॉलिंग का काम नहीं कराया गया। दरौली के पास ट्रैक पर काम किया गया है। ट्रैक पर किसी प्रकार कोई खतरा नहीं है।
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सजगता पर सृजन मिश्रा को मिल रही शाबासी
खतरे का अंदेशा होने पर ट्रेन रुकवाने वाले सृजन मिश्रा ने बताया कि स्कूल में पढ़ा था कि कोई भी लाल वस्तु दिखाने पर ट्रेन रुक जाती है। यहां जब पटरी पर खड़ा हुआ तो वह काफी नीचे लच रही थी। इसके अलावा पटरी के नीचे गिट्टी नहीं थी। इस कारण खतरे वाली बात लगी तो पास में बकरी चरा रहे बच्चे की लाल टी शर्ट उतारकर दिखा दिया। बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि ट्रेन चालक ने सराहना की थी। कल से लगातार फोन करके लोग सराहना कर रहे हैं।
अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर बढ़ी निगरानी
दौराली गांव की धटना के बाद कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-रायबरेली रेल रूट पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जहां-जहां अंडरपास हैं, वहां की निगरानी शुरू कर दी गई। इसके अलावा अंडरपास के आसपास पटरियों की जांच भी कराई जा रही है। पीडब्ल्यूआई रमेश ने बताया कि ट्रैक की जांच नियमित की जाती है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
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कानपुर से बालामऊ जाने वाली ट्रेन नंबर 54336 गुरुवार शाम 5:10 बजे को सफीपुर स्टेशन से आगे दरौली गांव के सामने पहुंची थी। तभी अंडरपास के सामने रेलवे ट्रैक के नीचे की गिट्टी धंसी देख इसी गांव निवासी युवक सृजन ने बकरी चरा रहे आमिर की लाल टीशर्ट लेकर चालक को खतरे का संकेत दिया था। ट्रैक की फौरी मरम्मत कर 42 मिनट बाद ट्रेन को बालामऊ के लिए रवाना किया जा सका था। शुक्रवार को रेलवे के निर्माण निरीक्षक दिनेश कुमार और सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र पटेल पहुंचे। ट्रैक की जांच करने के बाद टीम को लगाकर अंडरपास में भरा पानी निकलवाया। इसके बाद मिट्टी और गिट्टी भरवाकर ट्रैक को दुरुस्त कराया। ट्रैक के दोनों तरफ रेत भरी बोरियां भी रखवाई गईं हैं ताकि गिट्टी न फैले।
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रेलवे कर्मियों ने पूरे दिन ट्रैक की मरम्मत की और मशीन से पैकिंग का काम किया। सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि बारिश के कारण सफीपुर में ओवरहॉलिंग का काम नहीं कराया गया। दरौली के पास ट्रैक पर काम किया गया है। ट्रैक पर किसी प्रकार कोई खतरा नहीं है।
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सजगता पर सृजन मिश्रा को मिल रही शाबासी
खतरे का अंदेशा होने पर ट्रेन रुकवाने वाले सृजन मिश्रा ने बताया कि स्कूल में पढ़ा था कि कोई भी लाल वस्तु दिखाने पर ट्रेन रुक जाती है। यहां जब पटरी पर खड़ा हुआ तो वह काफी नीचे लच रही थी। इसके अलावा पटरी के नीचे गिट्टी नहीं थी। इस कारण खतरे वाली बात लगी तो पास में बकरी चरा रहे बच्चे की लाल टी शर्ट उतारकर दिखा दिया। बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि ट्रेन चालक ने सराहना की थी। कल से लगातार फोन करके लोग सराहना कर रहे हैं।
अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर बढ़ी निगरानी
दौराली गांव की धटना के बाद कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-रायबरेली रेल रूट पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जहां-जहां अंडरपास हैं, वहां की निगरानी शुरू कर दी गई। इसके अलावा अंडरपास के आसपास पटरियों की जांच भी कराई जा रही है। पीडब्ल्यूआई रमेश ने बताया कि ट्रैक की जांच नियमित की जाती है। किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।