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न्याय के महाकुंभ मेें 66 हजार मामले निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:37 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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न्याय के महाकुंभ राष्ट्रीय लोक अदालत में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने अपने मामलों का निस्तारण कराया। वर्षों से कचहरी के चक्कर लगा रहे लोगों ने लोगों ने इतनी सहजता से समस्याओं के निस्तारण पर खुशी जाहिर की। वादों में पुलिस से संबंधित, बैंकों से संबंधित, प्रशासन, तहसील व बिजली के अलावा अन्य विभिन्न विभागों से संबंधित करीब 66 हजार मामलों का निस्तारण हुआ। लोक अदालत में मामले का निस्तारण होने पर यहां न्याय की गुहार लगाने पहुंचे उन वादकारियों के चेहरों पर मुस्कान दिखी जो यहां के चक्कर कई सालों से लगा रहे थे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश तूफानी प्रसाद ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद उन्होंने उन सभी न्यायालयों का निरीक्षण किया जहां लोक अदालत के तहत वादों की सुनवाई की जा रही थी। सभी अदालतों में भारी संख्या में वादकारियों की भीड़ रही। लोगों ने अपने-अपने अधिवक्ताओं व गवाहों आदि के साथ न्यायालयों में पहुंचकर वादों की सुनवाई करवाई। इस अदालत में अपर जिला जज दिनेश कुमार सिंह, विशेष न्यायाधीश गुलाब सिंह, अपर जिला जज संजीव यादव, सुरेंद्र सिंह, कुमुद पाल प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, जया पाठक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट, अपर जिला जज राम प्रकाश, मो. राशिद, जय सिंह पुंडीर, रिजवानुल हक, आशुतोष प्रथम, अमृता शुक्ला, आशा रानी सिंह, राकेश तिवारी, विष्णु प्रताप सिंह, नीतू यादव, अंकित शुक्ला, डा. सुनील कुमार सिंह, मीनाक्षी सोनकर, श्वेता चंद्रा आदि न्यायाधीशों ने अपनी-अपनी कोर्टों में कुल 1796 वादों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उन्नाव की सचिव व सिविल जज अमृता शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 66,243 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 18, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के 40, दीवानी के 31, आपराधिक 2390, एफआर के 41, भरण पोषण अधिनियम के 37 वाद, वैवाहिक 89, राजस्व व अन्य विभागों के 63,295 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के निस्तारित वादों में 16.15 लाख रुपये, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के निर्णीत वादों में 1 करोड़ 23 लाख रुपये की धनराशि के प्रमाण पत्र तैयार करने के आदेश दिए गए। सभी वादों के निस्तारण से एक लाख से अधिक लोग लाभांवित हुए।
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सदर तहसील में भी हुआ वादों का निस्तारण
सदर तहसील में तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने भी अपनी कोर्ट में वादों की सुनवाई की। इसके अलावा नायब तहसीलदार एके सरोज व मीनाक्षी द्विवेदी ने भी राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत वादों की सुनवाई कर इनका निस्तारण किया।
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पहले रहा सन्नाटा फिर बढ़ी भीड़
उन्नाव न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत में जुर्माना व समझौते में हजार व पांच सौ के नोट न लेने से लोग मायूस होकर लौटते रहे। अधिकतर वादों में सुनवाई व समझौते के बाद इनका निस्तारण होने में दिक्कत आती रही। लेकिन दोपहर करीब साढ़े बारह बजे हाईकोर्ट से मामलों के निस्तारण में हजार व पांच सौ के नोट लेने का आदेश आया इसके बाद अदालत में इन नोटों को लिया जाने लगा। इसकी जानकारी होते ही यहां लगे कैंपों में भीड़ बढ़ी और तेजी से वादों का निस्तारण होने लगा।