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Unnao News: आसिया का दो साल से नहीं था घर आना-जाना
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सफीपुर। लखनऊ के दुबग्गा आउटर रिंग रोड पर मिले महिला के शव की घटना में मृतका के पिता अजमेर गए हुए हैं। उनके घर पर ताला लगा हुआ है। वहीं महिला का चार साल से अपने घर वालों से कोई लेना-देना नहीं था। वह अपनी बेटी के साथ अलग किराये पर रहती थी। लखनऊ जाने से पहले बेटी को अजगैन कोतवाली के नवाबगंज में रहने वाली बहन के घर छोड़ा था।
सफीपुर कोतवाली के मोहल्ला कजियाना निवासी कमरुद्दीन की बेटी आसिया उर्फ नरगिस उर्फ टीना (25) का शव शनिवार को लखनऊ में पड़ा मिला था। पांच साल पहले आसिया ने अनुसूचित जाति के युवक से घर से भागकर प्रेम विवाह किया था और गाजियाबाद में रहने लगी थी, वहीं उसने बेटी उरूज फातिमा को जन्म दिया।
करीब दो साल बाद वह अपने घर लौट आई। पिता कमरुद्दीन के समझाने पर वह दूसरी शादी को राजी हुई। उसका विवाह माखी थानाक्षेत्र के गांव रुपऊ निवासी नासिर उर्फ अउवा पुत्र कल्लू से 21 फरवरी 2021 में कर दिया। एक रात ही आसिया वहां रह पाई, दूसरे दिन मायके आ गई। पति के काफी प्रयास के बाद वह दोबारा ससुराल जाने के लिए राजी नहीं हुई।
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इस हरकत से नाराज पिता ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया। आसिया बेटी के साथ किराये का कमरा लेकर रहने लगी। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव नवाबगंज निवासी बहन नसरीन आसिया से बातचीत करती थी, इसलिए उसका घर आना-जाना था। शनिवार सुबह आसिया उन्नाव जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके बाद शव लखनऊ में पड़ा मिला। वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
कोतवाल संदीप मिश्रा ने बताया कि लखनऊ पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया था पर पिता के अजमेर में होने की जानकारी मिली है। मृतका की बहन शाहीन को सूचना दे दी गई थी जो पोस्टमार्टम कराने रविवार सुबह लखनऊ गई थी।
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सफीपुर कोतवाली के मोहल्ला कजियाना निवासी कमरुद्दीन की बेटी आसिया उर्फ नरगिस उर्फ टीना (25) का शव शनिवार को लखनऊ में पड़ा मिला था। पांच साल पहले आसिया ने अनुसूचित जाति के युवक से घर से भागकर प्रेम विवाह किया था और गाजियाबाद में रहने लगी थी, वहीं उसने बेटी उरूज फातिमा को जन्म दिया।
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करीब दो साल बाद वह अपने घर लौट आई। पिता कमरुद्दीन के समझाने पर वह दूसरी शादी को राजी हुई। उसका विवाह माखी थानाक्षेत्र के गांव रुपऊ निवासी नासिर उर्फ अउवा पुत्र कल्लू से 21 फरवरी 2021 में कर दिया। एक रात ही आसिया वहां रह पाई, दूसरे दिन मायके आ गई। पति के काफी प्रयास के बाद वह दोबारा ससुराल जाने के लिए राजी नहीं हुई।
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इस हरकत से नाराज पिता ने उससे रिश्ता खत्म कर लिया। आसिया बेटी के साथ किराये का कमरा लेकर रहने लगी। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव नवाबगंज निवासी बहन नसरीन आसिया से बातचीत करती थी, इसलिए उसका घर आना-जाना था। शनिवार सुबह आसिया उन्नाव जाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके बाद शव लखनऊ में पड़ा मिला। वह छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
कोतवाल संदीप मिश्रा ने बताया कि लखनऊ पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया था पर पिता के अजमेर में होने की जानकारी मिली है। मृतका की बहन शाहीन को सूचना दे दी गई थी जो पोस्टमार्टम कराने रविवार सुबह लखनऊ गई थी।