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निगरानी में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मियों पर हो कार्रवाई
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विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते जिले के नोडल अधिकारी बनाए गए विशेष सचिव माध्यमि?
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोविड-19 में जिले के नोडल अधिकारी बनाए गए विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा उदयभानु त्रिपाठी की अध्यक्षता में विकास भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें बीडीओ व नगर पंचायत के ईओ शामिल हुए। विशेष सचिव ने कोरोना से बचाव के लिए बताई गई सावधानियों का पालन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि होम क्वारंटीन व्यक्तियों के आवास पर फ्लैग/पोस्टर चस्पा किया जाए। मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कराएं। घर के व्यक्तियों को क्वारंटीन व्यक्ति के संपर्क में न रहने दें। परिवार के किसी एक ही सदस्य का बाहर से सब्जी तथा अन्य सामान लाने-ले जाने के लिऐ अधिकृत कराएं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य प्रकार की बीमारी जैसे हाई ब्लड प्रेशर, सुगर, अस्थमा आदि से ग्रसित व्यक्तियों से दूर रहने, होम क्वारंटीन व्यक्ति के कपड़े व बर्तन परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखे जाएं। साथ ही अलग टॉयलेट/बाथरूम का प्रयोग करने और शौचालय की ब्लीचिंग से धुलाई के बाद ही परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा उसका उपयोग करने देने की सलाह दी जाए। होम क्वारंटीन व्यक्ति को 21 दिन तक घर से बाहर न निकलने के लिए सचेत करें।
क्वारंटीन व्यक्ति होम क्वारंटीन स्थल से बाहर नजर आए तो सभासद/प्रधान, सफाई हवलदार, आशा उससे जुर्माना वसूलें। कहा कि गांव या शहर में आने वाले संक्रमित की जानकारी देने में अगर अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतें तो किसी व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर संबंधित सरकारी कर्मचारी या मानदेय कर्मी पर कार्रवाई की जाए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई निगरानी समितियों का मॉनीटरिंग जरूर की जाए। कार्यालयों में भी अधिकारियों, कर्मचारियों को मास्क या गमछा प्रयोग करने पर जोर दिया जाए। इधर-उधर थूकने वालों से जुर्माना वसूला जाए।
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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि होम क्वारंटीन व्यक्तियों के आवास पर फ्लैग/पोस्टर चस्पा किया जाए। मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड कराएं। घर के व्यक्तियों को क्वारंटीन व्यक्ति के संपर्क में न रहने दें। परिवार के किसी एक ही सदस्य का बाहर से सब्जी तथा अन्य सामान लाने-ले जाने के लिऐ अधिकृत कराएं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य प्रकार की बीमारी जैसे हाई ब्लड प्रेशर, सुगर, अस्थमा आदि से ग्रसित व्यक्तियों से दूर रहने, होम क्वारंटीन व्यक्ति के कपड़े व बर्तन परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखे जाएं। साथ ही अलग टॉयलेट/बाथरूम का प्रयोग करने और शौचालय की ब्लीचिंग से धुलाई के बाद ही परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा उसका उपयोग करने देने की सलाह दी जाए। होम क्वारंटीन व्यक्ति को 21 दिन तक घर से बाहर न निकलने के लिए सचेत करें।
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क्वारंटीन व्यक्ति होम क्वारंटीन स्थल से बाहर नजर आए तो सभासद/प्रधान, सफाई हवलदार, आशा उससे जुर्माना वसूलें। कहा कि गांव या शहर में आने वाले संक्रमित की जानकारी देने में अगर अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतें तो किसी व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर संबंधित सरकारी कर्मचारी या मानदेय कर्मी पर कार्रवाई की जाए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई निगरानी समितियों का मॉनीटरिंग जरूर की जाए। कार्यालयों में भी अधिकारियों, कर्मचारियों को मास्क या गमछा प्रयोग करने पर जोर दिया जाए। इधर-उधर थूकने वालों से जुर्माना वसूला जाए।
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