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Unnao News: झोपड़ी में लगी भीषण आग, मासूम समेत तीन झुलसे
Sun, 26 Apr 2026 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:53 PM IST
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नवाबगंज (उन्नाव)। जमुनाखेड़ा गांव में रविवार शाम अज्ञात कारणों से एक टिन शेड और झोपड़ी में आग लग गई। आग से मासूम सहित परिवार के तीन लोग झुलस गए। घर में रखा अनाज, कपड़े और नगदी सहित सब जल गया। सूचना के एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
दही थानाक्षेत्र के जमुनाखेड़ा गांव निवासी जफर गांव में ही टिनशेड और झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रहते हैं। रविवार शाम चार बजे अचानक उसकी झोपड़ी से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। पीड़ित जफर ने बताया कि जब आग लगी, तब उसकी पत्नी जलीशा और मासूम भतीजा तौफीक झोपड़ी के अंदर ही थे, वह आग की लपटों के बीच घिर गए। उन्हें चीखता सुन पिता शहाबुद्दीन उन्हें बचाने के लिए आग के बीच कूद पड़े। बचाने के प्रयास में पत्नी, भतीजा और पिता तीनों झुलस गए। आग की लपटें देख पड़ोसी दौड़े, ग्रामीणों ने तुरंत बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उन्हें सफलता नहीं मिली। फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। तीनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने पिता शहाबुद्दीन और मासूम तौफीक को जिला अस्पताल रेफर किया है। जफर ने बताया कि अग्निकांड ने परिवार अब खुले आसमान के नीचे ला दिया है। झोपड़ी में 15 क्विंटल गेहूं, परिवार के सारे कपड़े, बिस्तर और एक संदूक में रखे 25 हजार रुपये जल गए।
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दही थानाक्षेत्र के जमुनाखेड़ा गांव निवासी जफर गांव में ही टिनशेड और झोपड़ी डालकर परिवार के साथ रहते हैं। रविवार शाम चार बजे अचानक उसकी झोपड़ी से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। पीड़ित जफर ने बताया कि जब आग लगी, तब उसकी पत्नी जलीशा और मासूम भतीजा तौफीक झोपड़ी के अंदर ही थे, वह आग की लपटों के बीच घिर गए। उन्हें चीखता सुन पिता शहाबुद्दीन उन्हें बचाने के लिए आग के बीच कूद पड़े। बचाने के प्रयास में पत्नी, भतीजा और पिता तीनों झुलस गए। आग की लपटें देख पड़ोसी दौड़े, ग्रामीणों ने तुरंत बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उन्हें सफलता नहीं मिली। फायर ब्रिगेड की टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। तीनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने पिता शहाबुद्दीन और मासूम तौफीक को जिला अस्पताल रेफर किया है। जफर ने बताया कि अग्निकांड ने परिवार अब खुले आसमान के नीचे ला दिया है। झोपड़ी में 15 क्विंटल गेहूं, परिवार के सारे कपड़े, बिस्तर और एक संदूक में रखे 25 हजार रुपये जल गए।
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