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सेवा समाप्ति पर शिक्षक नेताओं में आक्रोश
Unnao
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। निहालीखेड़ा स्थित स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य की सेवा समाप्ति का मामला गुरुवार को डीआईओएस की चौखट पर आ गया। प्रबंधक और प्रधानाचार्य दोनों की ओर से माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता भी पैरवी करने के लिए मौजूद रहे। डीआईओएस ने दोनो पक्षों से आवश्यक दस्तावेज अवलोकन के लिए मांगे हैं। इसके साथ ही स्कूल के अध्यापकों के रुके हुए वेतन को बहाल कराने में प्रबंधक सफल रहे।
प्रबंधक की ओर से माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से चयनित प्रधानाचार्य की सेवा समाप्ति किए जाने के मामले को लेकर गुरुवार को प्रबंधक और प्रधानाचार्य दोनों पक्ष के लोग डीआईओएस के समक्ष पहुंचे। प्रधानाचार्य की ओर से साथ आए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर तिवारी व जिलामंत्री दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोगों ने प्रबंधक की कार्रवाई को घोर असंवैधानिक और चयन बोर्ड की नियमावली के प्रतिकूल बताया। शिक्षक नेताआें ने ऐसे प्रबंधतंत्र को भंग कर प्राधिकार नियंत्रक नियुक्त किए जाने की मांग की। तिवारी ने बताया कि डीआईओएस ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य को माह जनवरी का पारित वेतन बैंक में स्थानांतरित न किए जाने की सुनवाई के लिए आमंत्रित किया था। इस दौरान करीब एक घंटे तक चली बहस में प्रबंधतंत्र की ओर से स्वयं के क्षत्रिय होने की बात का भी शिक्षक नेताओं ने विरोध किया। प्रबंधक पक्ष के संयुक्त मंत्री योगेश सिंह ने प्रधानाचार्य पर गबन का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक फरवरी से वेतन नहीं पा रहे हैं। उन्होंने चंदेल गुट के शिक्षक नेता रमाशंकर मिश्र मुन्ना, योगेश दीक्षित, मदनमोहन शुक्ल, देवस्वरूप त्रिवेदी आदि के प्रयासों से आज वेतन पारित कराए जाने की बात कही। डीआईओएस अमरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उनसे दस्तावेज ले लिए गए हैं। उन्होंने अवलोकन करने के बाद ही कुछ कह पाने की बात कही।
प्रबंधक की ओर से माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड से चयनित प्रधानाचार्य की सेवा समाप्ति किए जाने के मामले को लेकर गुरुवार को प्रबंधक और प्रधानाचार्य दोनों पक्ष के लोग डीआईओएस के समक्ष पहुंचे। प्रधानाचार्य की ओर से साथ आए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उमाशंकर तिवारी व जिलामंत्री दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोगों ने प्रबंधक की कार्रवाई को घोर असंवैधानिक और चयन बोर्ड की नियमावली के प्रतिकूल बताया। शिक्षक नेताआें ने ऐसे प्रबंधतंत्र को भंग कर प्राधिकार नियंत्रक नियुक्त किए जाने की मांग की। तिवारी ने बताया कि डीआईओएस ने प्रबंधक व प्रधानाचार्य को माह जनवरी का पारित वेतन बैंक में स्थानांतरित न किए जाने की सुनवाई के लिए आमंत्रित किया था। इस दौरान करीब एक घंटे तक चली बहस में प्रबंधतंत्र की ओर से स्वयं के क्षत्रिय होने की बात का भी शिक्षक नेताओं ने विरोध किया। प्रबंधक पक्ष के संयुक्त मंत्री योगेश सिंह ने प्रधानाचार्य पर गबन का आरोप लगाते हुए कहा कि विद्यालय के शिक्षक फरवरी से वेतन नहीं पा रहे हैं। उन्होंने चंदेल गुट के शिक्षक नेता रमाशंकर मिश्र मुन्ना, योगेश दीक्षित, मदनमोहन शुक्ल, देवस्वरूप त्रिवेदी आदि के प्रयासों से आज वेतन पारित कराए जाने की बात कही। डीआईओएस अमरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उनसे दस्तावेज ले लिए गए हैं। उन्होंने अवलोकन करने के बाद ही कुछ कह पाने की बात कही।
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