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पोस्ट ऑफिस से डाक टिकट व पोस्टकार्ड गायब
Unnao
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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उन्नाव। सरकारी विभागों में नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में फार्म भी भर रहे हैं। इन आवेदन फार्मों को भरने में डाक विभाग रोड़ा अटका रहा है। जिले के डाकघरों में ना तो डाक टिकट उपलब्ध हैं और ना ही पोस्टकार्ड। डाक विभाग की इस लापरवाही का फायदा शहर के फार्म विक्रेता उठा रहे हैं, जो फार्म के साथ डाकटिकट और पोस्टकार्ड कई गुना दामों पर बेच रहे हैं। आवेदनकर्ताओं के सामने भी इन्हें महंगे दामों पर खरीदने की मजबूरी है।
वर्तमान में भारतीय रेलवे विभाग के स्टेनोग्रेड में क्लर्क पद के लिए भर्तियां निकली हैं। इसके फार्म को रजिस्टर्ड डाक से भेजना होता है। इसमें आवश्यक डाकटिकट विभाग में उपलब्ध नहीं हैं। भारतीय रक्षा विभाग के सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो में सेल्समैन, मजदूर व फायरमैन पदों के लिए भी भर्ती होनी है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के मुंबई में क्लर्क पद के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं। इसमें पोस्टकार्ड व पोस्टल आर्डर आदि की भी फार्म की मांग की गई है। जबकि जीआईसी व जीजीआईसी में एलटी ग्रेड में टीचरों की भर्ती के लिए भी आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। इस फार्म के साथ भी पोस्टकार्ड भेजना आवश्यक है। सेना में भी आवेदन मांगे गए हैं। इन सभी विभागों के अलावा अन्य विभागों में भी निकाली गई भर्तियों में डाक विभाग की सेवाएं ली जा रही हैं। जबकि विभाग के पास वर्तमान में ना तो डाक टिकट उपलब्ध हैं और ना ही पोस्टकार्ड ही मिल रहे हैं। इससे फार्म आवेदक दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
विभाग में 15 रुपये के अलावा नहीं हैं डाकटिकट
अधिकारियों ने बताया कि जिले के डाकघरों में 15 रुपये की डाकटिकट के अलावा कोई भी डाक टिकट उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा पोस्टकार्ड की भी भीषण किल्लत चल रही है। उपभोक्ता का काम निपटाने के लिए किसी प्रकार से नकद भुगतान जमा करवाकर काम चलाया जा रहा है।
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5 रुपये में बिक रहा 50 पैसे वाला पोस्टकार्ड
मुख्य डाकघर से मात्र 50 मीटर की दूरी पर दुकानदार टिकटों को उनके दाम से दो से तीन गुना तक बिक्री कर रहे हैं पोस्टकार्ड को तो सीधे पांच रुपये में बेच रहे हैं। एक फार्म विक्रेता ने बताया कि वह लोग 3 से 4 रुपये में पोस्टकार्ड ब्लैक में डाकघर के कर्मचारियों से ही खरीद लेते हैं और फिर पांच रुपये में बेच देते हैं।
प्रतिमाह 3 से 4 लाख रुपये का बिकता है डाकटिकट
प्रधान डाकघर के हेड पोस्टमास्टर सियाराम गुप्ता ने बताया कि उनके पोस्टऑफिस में प्रतिमाह लगभग 3 से 4 लाख रुपये के डाकटिकट बिक जाते हैं। इस समय स्टॉक में कमी होेने के कारण डाकटिकट की बिक्री पर असर पड़ा है।
टिकट 15 का है तो कैसे दें 22 रुपये
हेड पोस्टऑफिस में रजिस्ट्री कराने पहुंच रामेश्वर तिवारी ने बताया कि उन्हें रजिस्ट्री करने के लिए 22 रुपये की डाकटिकट लेनी थी लेकिन पोस्टऑफिस में मात्र 15 रुपये की ही डाक टिकट उपलब्ध है। इस कारण से उनके पास तीस रुपये खर्च करने या फिर बाजार से टिकट खरीदने के अलावा कोई भी दूसरा विकल्प नहीं बचा है। वहीं एक अन्य छात्र दिनेश कुमार गौतम ने कहा कि उसे 27 रुपये से स्पीड पोस्ट करवानी है लेकिन डाकटिकट न होने के कारण 15-15 रुपयों की दो टिकटें लगाकर स्पीड पोस्ट करवानी पड़ी।
यह भी हैं विकल्प
उन्नाव। पोस्टमास्टर सियाराम गुप्ता ने बताया कि डाक टिकट न होने पर वह लोग आवेदक से टिकट के बराबर पैसा लेकर टिकटों के स्थान पर रजिस्ट्री अथवा स्पीड पोस्ट की स्लिप लगा देते हैं। जो डाक टिकट का काम करती है। लेकिन आवेदक संशय होने की बात कहकर ऐसा कम ही कराते हैं।
सिर्फ आश्वासन देकर चले गए सहायक डाक अधीक्षक
बीघापुर। नगर पंचायत बीघापुर स्थित डाक घर में लगभग तीन महीनों से डाक टिकट, लिफाफों की कमी व आए दिन प्रिंटर खराब होने के कारण स्पीड पोस्ट, इलेक्ट्रानिक मनी आर्डर (ईएमओ) आदि करने में ग्राहकों को हो रही कठिनाइयों के चलते गुरुवार को सहायक डाक अधीक्षक, उन्नाव एसके सिंह ने जांच पड़ताल की। समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
डाकघर उन्नाव के सहायक अधीक्षक एस के सिंह ने बताया कि हमारे छपाई विभाग में कुछ समस्या होने के कारण स्टेशनरी छप नहीं पा रही थी इस लिए डाक टिकट आदि की कुछ समय के लिए अनुपलब्धता हो गई थी। अब दूर कर लिया गया है। खराब पड़े प्रिंटर को जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा और ग्राहकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। डाक घर में कूडे़े के लगे ढेरों को देखकर पोस्ट मास्टर को भी फटकार लगाई। उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस जो कि सरकारी/अर्धसरकारी कर्मचारियों के लिए विभाग ने 1884 से प्रारंभ कर रखा है, जिसके अंतर्गत कम प्रीमियम जमा कर के अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा कर मुक्त भुगतान, आयकर में धारा 80-सी के अंतर्गत छूट मिलती है।
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वर्तमान में भारतीय रेलवे विभाग के स्टेनोग्रेड में क्लर्क पद के लिए भर्तियां निकली हैं। इसके फार्म को रजिस्टर्ड डाक से भेजना होता है। इसमें आवश्यक डाकटिकट विभाग में उपलब्ध नहीं हैं। भारतीय रक्षा विभाग के सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो में सेल्समैन, मजदूर व फायरमैन पदों के लिए भी भर्ती होनी है। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के मुंबई में क्लर्क पद के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं। इसमें पोस्टकार्ड व पोस्टल आर्डर आदि की भी फार्म की मांग की गई है। जबकि जीआईसी व जीजीआईसी में एलटी ग्रेड में टीचरों की भर्ती के लिए भी आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। इस फार्म के साथ भी पोस्टकार्ड भेजना आवश्यक है। सेना में भी आवेदन मांगे गए हैं। इन सभी विभागों के अलावा अन्य विभागों में भी निकाली गई भर्तियों में डाक विभाग की सेवाएं ली जा रही हैं। जबकि विभाग के पास वर्तमान में ना तो डाक टिकट उपलब्ध हैं और ना ही पोस्टकार्ड ही मिल रहे हैं। इससे फार्म आवेदक दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
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विभाग में 15 रुपये के अलावा नहीं हैं डाकटिकट
अधिकारियों ने बताया कि जिले के डाकघरों में 15 रुपये की डाकटिकट के अलावा कोई भी डाक टिकट उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा पोस्टकार्ड की भी भीषण किल्लत चल रही है। उपभोक्ता का काम निपटाने के लिए किसी प्रकार से नकद भुगतान जमा करवाकर काम चलाया जा रहा है।
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5 रुपये में बिक रहा 50 पैसे वाला पोस्टकार्ड
मुख्य डाकघर से मात्र 50 मीटर की दूरी पर दुकानदार टिकटों को उनके दाम से दो से तीन गुना तक बिक्री कर रहे हैं पोस्टकार्ड को तो सीधे पांच रुपये में बेच रहे हैं। एक फार्म विक्रेता ने बताया कि वह लोग 3 से 4 रुपये में पोस्टकार्ड ब्लैक में डाकघर के कर्मचारियों से ही खरीद लेते हैं और फिर पांच रुपये में बेच देते हैं।
प्रतिमाह 3 से 4 लाख रुपये का बिकता है डाकटिकट
प्रधान डाकघर के हेड पोस्टमास्टर सियाराम गुप्ता ने बताया कि उनके पोस्टऑफिस में प्रतिमाह लगभग 3 से 4 लाख रुपये के डाकटिकट बिक जाते हैं। इस समय स्टॉक में कमी होेने के कारण डाकटिकट की बिक्री पर असर पड़ा है।
टिकट 15 का है तो कैसे दें 22 रुपये
हेड पोस्टऑफिस में रजिस्ट्री कराने पहुंच रामेश्वर तिवारी ने बताया कि उन्हें रजिस्ट्री करने के लिए 22 रुपये की डाकटिकट लेनी थी लेकिन पोस्टऑफिस में मात्र 15 रुपये की ही डाक टिकट उपलब्ध है। इस कारण से उनके पास तीस रुपये खर्च करने या फिर बाजार से टिकट खरीदने के अलावा कोई भी दूसरा विकल्प नहीं बचा है। वहीं एक अन्य छात्र दिनेश कुमार गौतम ने कहा कि उसे 27 रुपये से स्पीड पोस्ट करवानी है लेकिन डाकटिकट न होने के कारण 15-15 रुपयों की दो टिकटें लगाकर स्पीड पोस्ट करवानी पड़ी।
यह भी हैं विकल्प
उन्नाव। पोस्टमास्टर सियाराम गुप्ता ने बताया कि डाक टिकट न होने पर वह लोग आवेदक से टिकट के बराबर पैसा लेकर टिकटों के स्थान पर रजिस्ट्री अथवा स्पीड पोस्ट की स्लिप लगा देते हैं। जो डाक टिकट का काम करती है। लेकिन आवेदक संशय होने की बात कहकर ऐसा कम ही कराते हैं।
सिर्फ आश्वासन देकर चले गए सहायक डाक अधीक्षक
बीघापुर। नगर पंचायत बीघापुर स्थित डाक घर में लगभग तीन महीनों से डाक टिकट, लिफाफों की कमी व आए दिन प्रिंटर खराब होने के कारण स्पीड पोस्ट, इलेक्ट्रानिक मनी आर्डर (ईएमओ) आदि करने में ग्राहकों को हो रही कठिनाइयों के चलते गुरुवार को सहायक डाक अधीक्षक, उन्नाव एसके सिंह ने जांच पड़ताल की। समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
डाकघर उन्नाव के सहायक अधीक्षक एस के सिंह ने बताया कि हमारे छपाई विभाग में कुछ समस्या होने के कारण स्टेशनरी छप नहीं पा रही थी इस लिए डाक टिकट आदि की कुछ समय के लिए अनुपलब्धता हो गई थी। अब दूर कर लिया गया है। खराब पड़े प्रिंटर को जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा और ग्राहकों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। डाक घर में कूडे़े के लगे ढेरों को देखकर पोस्ट मास्टर को भी फटकार लगाई। उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस जो कि सरकारी/अर्धसरकारी कर्मचारियों के लिए विभाग ने 1884 से प्रारंभ कर रखा है, जिसके अंतर्गत कम प्रीमियम जमा कर के अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा कर मुक्त भुगतान, आयकर में धारा 80-सी के अंतर्गत छूट मिलती है।