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खुद को इंस्पेक्टर बता एक लाख का माल ले उड़ा झांसेबाज
Unnao
Updated Mon, 15 Sep 2014 05:31 AM IST
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उन्नाव। इंस्पेक्टर और उसके हमराही बनकर एक इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पहुंचे तीन टप्पेबाजों ने अधिकारी को गिफ्ट देने के लिए करीब एक लाख का माल पैक कराया और दुकानदार को झांसा देकर भाग निकले। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर की आवास विकास कालोनी निवासी सरदार जसवीर सिंह की मोहल्ला पीतांबर नगर में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। रविवार को जसवीर बाहर गए थे दुकान पर उनका कर्मचारी विजय चौधरी ही था। शाम करीब चार बजे एक सफेद रंग की बोलेरो दुकान के सामने रुकी और उससे उतरे दो युवक दुकान के भीतर गए। उन्होंने विजय को बताया कि गाड़ी में इंस्पेक्टर साहब बैठे हैं। उन्हें कुछ इलेक्ट्रानिक सामान खरीदना है चलकर बात कर लो। विजय पहुंचा तो गाड़ी में बैठे युवक ने उससे पुलिसिया अंदाज में बात की और गाड़ी में बैठा लिया। विजय के मुताबिक गाड़ी में बैठा युवक सादी वर्दी में था लेकिन गाड़ी में एक वर्दी और इंस्पेक्टर की टोपी रखी थी। जिस समय वह गाड़ी के भीतर बैठा बदमाश चालान चिट काट रहा था। फोन पर बात करते हुए मुकदमा, चालान और कार्रवाई जैसी बातें कर रहा था। झांसेबाज ने विजय को बताया कि हाल ही में उसकी पोस्टिंग इस जिले में हुई है। साहब के लिए कुछ इलेक्ट्रानिक सामान खरीदना है। इसके बाद तीनों झांसेबाज दुकान के भीतर गए और तीन एलईडी, दो सीलिंग फैन, दो इलेक्ट्रानिक चूल्हा पैक कराया। सामान का कुल 96300 रुपये बने। बिल बना। ज्यादा बिक्री होने के कारण विजय ने बिल बनाने के दौरान ही दुकान मालिक के बेटे चरन सिंह को बुला लिया। सारा सामान पैक कराने के बाद बदमाश ने कहा कि इतना पैसा पास में नहीं है वह किसी को साथ भेज दे, पुलिस लाइन में साहब आवास पर चेक मिल जाएगी। दुकान स्वामी के बेटे चरन ने विजय को साथ भेज दिया। इसके बाद झांसेबाज ने किसी से फोन पर बात की और फोन रखने के बाद विजय को बताया कि साहब का आदेश है कि मोहल्ला पीडी नगर में एक दबिश देनी है। करीब पंद्रह मिनट लगेंगे। इसके बाद तीनों गाड़ी लेकर पीडी नगर पहुंच गए। यहां पर गाड़ी रोकने के बाद खुद को इंस्पेक्टर बताने वाले युवक ने पानी की बोतल लाने को कहा। विजय पानी की बोतल लेकर लौटा तो गाड़ी गायब थी। आसपास के दुकानदारों ने गाड़ी हाईवे की ओर जाने की जानकारी दी। दुकान स्वामी और उनके बेटे ने कोतवाली प्रभारी को घटना की जानकारी दी। विजय चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। कोतवाली प्रभारी धमेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि घटना की तफ्तीश कर जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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शहर की आवास विकास कालोनी निवासी सरदार जसवीर सिंह की मोहल्ला पीतांबर नगर में इलेक्ट्रानिक्स की दुकान है। रविवार को जसवीर बाहर गए थे दुकान पर उनका कर्मचारी विजय चौधरी ही था। शाम करीब चार बजे एक सफेद रंग की बोलेरो दुकान के सामने रुकी और उससे उतरे दो युवक दुकान के भीतर गए। उन्होंने विजय को बताया कि गाड़ी में इंस्पेक्टर साहब बैठे हैं। उन्हें कुछ इलेक्ट्रानिक सामान खरीदना है चलकर बात कर लो। विजय पहुंचा तो गाड़ी में बैठे युवक ने उससे पुलिसिया अंदाज में बात की और गाड़ी में बैठा लिया। विजय के मुताबिक गाड़ी में बैठा युवक सादी वर्दी में था लेकिन गाड़ी में एक वर्दी और इंस्पेक्टर की टोपी रखी थी। जिस समय वह गाड़ी के भीतर बैठा बदमाश चालान चिट काट रहा था। फोन पर बात करते हुए मुकदमा, चालान और कार्रवाई जैसी बातें कर रहा था। झांसेबाज ने विजय को बताया कि हाल ही में उसकी पोस्टिंग इस जिले में हुई है। साहब के लिए कुछ इलेक्ट्रानिक सामान खरीदना है। इसके बाद तीनों झांसेबाज दुकान के भीतर गए और तीन एलईडी, दो सीलिंग फैन, दो इलेक्ट्रानिक चूल्हा पैक कराया। सामान का कुल 96300 रुपये बने। बिल बना। ज्यादा बिक्री होने के कारण विजय ने बिल बनाने के दौरान ही दुकान मालिक के बेटे चरन सिंह को बुला लिया। सारा सामान पैक कराने के बाद बदमाश ने कहा कि इतना पैसा पास में नहीं है वह किसी को साथ भेज दे, पुलिस लाइन में साहब आवास पर चेक मिल जाएगी। दुकान स्वामी के बेटे चरन ने विजय को साथ भेज दिया। इसके बाद झांसेबाज ने किसी से फोन पर बात की और फोन रखने के बाद विजय को बताया कि साहब का आदेश है कि मोहल्ला पीडी नगर में एक दबिश देनी है। करीब पंद्रह मिनट लगेंगे। इसके बाद तीनों गाड़ी लेकर पीडी नगर पहुंच गए। यहां पर गाड़ी रोकने के बाद खुद को इंस्पेक्टर बताने वाले युवक ने पानी की बोतल लाने को कहा। विजय पानी की बोतल लेकर लौटा तो गाड़ी गायब थी। आसपास के दुकानदारों ने गाड़ी हाईवे की ओर जाने की जानकारी दी। दुकान स्वामी और उनके बेटे ने कोतवाली प्रभारी को घटना की जानकारी दी। विजय चौधरी की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। कोतवाली प्रभारी धमेंद्र कुमार रघुवंशी ने बताया कि घटना की तफ्तीश कर जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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