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पत्नी उत्पीड़न में पांच साल की कैद
Unnao
Updated Sun, 19 Jan 2014 05:49 AM IST
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उन्नाव। पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने पर युवक को 5 साल के सश्रम कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। पति की प्रताड़ना से ऊबकर महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
लखनऊ बंथरा के गड़रियनखेड़ा निवासी मुन्नालाल पुत्र अबशान ने माखी थानाक्षेत्र में विजयकुमार के खिलाफ बेटी पुष्पा को मानसिक रुप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए 5 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुन्नालाल ने बताया था कि पति की प्रताड़ना से ऊबकर पुष्पा ने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के समय पुष्पा गर्भवती थी। विजयकृष्ण पुष्पा पर आरोप लगा रहा था कि उसके पेट में बच्चा तभी आ गया था जब वह मायके में रह रही थी। पति की ओर से गंभीर आरोप लगने पर पुष्पा ने आत्महत्या कर ली। पुष्पा के आत्महत्या कर लेने की घटना में जिला जज एसके सिंह सुनवाई कर रहे थे। सुनवाई करते हुए जिला जज एसके सिंह ने विजयकृष्ण को आरोपी माना। उन्होेंने कहा कि विजयकृष्ण ने पत्नी पुष्पा पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए। इससे उसने आत्महत्या कर ली। दोषी मानते हुए जिला जज एसके सिंह ने विजयकृष्ण को 5 साल सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता विनोद पाठक पैरवी कर रहे थे।
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लखनऊ बंथरा के गड़रियनखेड़ा निवासी मुन्नालाल पुत्र अबशान ने माखी थानाक्षेत्र में विजयकुमार के खिलाफ बेटी पुष्पा को मानसिक रुप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए 5 जून 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुन्नालाल ने बताया था कि पति की प्रताड़ना से ऊबकर पुष्पा ने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के समय पुष्पा गर्भवती थी। विजयकृष्ण पुष्पा पर आरोप लगा रहा था कि उसके पेट में बच्चा तभी आ गया था जब वह मायके में रह रही थी। पति की ओर से गंभीर आरोप लगने पर पुष्पा ने आत्महत्या कर ली। पुष्पा के आत्महत्या कर लेने की घटना में जिला जज एसके सिंह सुनवाई कर रहे थे। सुनवाई करते हुए जिला जज एसके सिंह ने विजयकृष्ण को आरोपी माना। उन्होेंने कहा कि विजयकृष्ण ने पत्नी पुष्पा पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए। इससे उसने आत्महत्या कर ली। दोषी मानते हुए जिला जज एसके सिंह ने विजयकृष्ण को 5 साल सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता विनोद पाठक पैरवी कर रहे थे।
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