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एक हजार से अधिक महामाया आवास अधूरे

Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
Unnao
Unnao Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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उन्नाव। जिले के अधिकारियों की लापरवाही से गरीबोें के कल्याण के लिए चलाई जा रहीं योजनाएं समय से पूरी नहीं हो पा रही हैं। फिलहाल बंद हो चुकी महामाया आवास योजना के पिछले वित्तीय वर्ष के एक तिहाई आवास अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। इनमें करीब दस प्रतिशत आवासों की तो नींव भी नहीं रखी गई है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे जिले के 3419 दलित परिवारों को वित्तीय वर्ष 2011-12 में महामाया आवास योजना के तहत आवास मुहैया कराने के लिए चुना गया था। इन लाभार्थियों को किस्तवार आवास निर्माण के लिए धनराशि भी समय से दिला दी गई। लेकिन अधिकारियों ने आवास निर्माण के लिए गरीबों को प्रेरित करना तक उचित नहीं समझा। नतीजतन वित्तीय वर्ष खत्म होने के लगभग डेढ़ माह बाद भी 1024 महामाया आवास अधूरे हैं। जिला विकास अधिकारी कार्यालय के अनुसार 3419 महामाया आवासों में से अभी तक मात्र 2395 आवास ही पूरे हो पाए हैं। इनमें से 328 आवासों की तो अभी नींव तक ही रखी गई है। जबकि 321 लिंटर स्तर और 575 छत स्तर पर पहुंच पाए हैं। हालांकि अधिकारियों के लिए आराम की बात यह है कि इस योजना में वर्तमान वित्तीय वर्ष में नया लक्ष्य तय नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार यह योजना अब किसी दूसरे नाम से शुरू किए जाने की तैयारियां शासन स्तर पर चल रही हैं। जिला विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने बताया फिलहाल यह योजना बंद कर दी गई है पिछले वर्ष के अधूरे आवास पूरे कराने के लिए दूसरी किस्त भी जारी की जा चुकी है। सभी विकास खंड अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि इन आवासों को जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
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