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आसान नहीं होगी ओडीएफ की डगर
Updated Sun, 25 Nov 2018 12:24 AM IST
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उन्नाव। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को 30 नवंबर तक ओडीएफ घोषित करने की डगर आसान नहीं होगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि जिले को मिले 2,82271 शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक सिर्फ 2,33525 शौचालयों का ही निर्माण पूरा हो सका है।
पंचायतीराज विभाग अधूरे शौचालयों से जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित करने की कोशिश में जुटा है। डीएम, सीडीओ के कड़े निर्देशों का असर ग्राम स्तरीय अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है। शौचालय अधूरे होने से ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
विकास खंडाें में शौचालय निर्माण का काम तेजी नहीं पकड़ रहा है। बड़ी संख्या में शौचालय अधूरे हैं। शासन व प्रशासन की सख्ती के बाद भी शौचालय निर्माण में तेजी नहीं है। पुरवा के त्रिपुरारपुर में शौचालय निर्माण का काम सुस्त है। राज मिस्त्रियों की संख्या बढ़ाने के आदेश के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
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पुरवा विकासखंड के सलेथू, चमियानी, विशुनखेड़, मिर्जापुर, अटवट, छूलामऊ, त्रिपुरारपुर में शौचालय निर्माणाधीन हैं। ऐसा ही हाल नवाबगंज, मौरावां का भी है। मौरावां के हरिप्रसाद खेड़ा मजरे के महारानीखेड़ा में जिन शौचालयों का निर्माण हो चुका है। उनका प्रयोग बर्तन व कंडे भरने में हो रहा है। उधर जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र यादव समय से शौचालयों का निर्माण पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
42 हजार शौचालयों का निर्माण शेष
जिले को पूरी तरह ओडीएफ घोषित होने में 282271 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। अब तक फोटो अप लोडिंग लगभग 2,33525 शौचालयों के होने का दावा किया जा रहा है। इसके अनुसार अभी भी 42856 शौचालयों का निर्माण शेष है।
ग्राम प्रधान ने गिरा दिया शौचालय
अजगैन। बिछिया ब्लाक के कोईथर में ग्राम प्रधान ने निर्माण पूरा होने के बाद शौचालय सिर्फ इस बात पर गिरा दिया, क्योंकि वह निर्धारित स्थान से दूसरी जगह बनाया गया था। पीड़ित परिवार ने प्रधान के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। बिछिया विकासखंड की ग्रामसभा कुईथर में ग्राम प्रधान पर सुरेश ने शौचालय गिराने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि उसका शौचालय निर्धारित स्थान से अलग बन गया था। प्रधान को जानकारी हुई तो वह कुछ लोगों के साथ पहुंचे और शौचालय तोड़ दिया। ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उसने अब मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल का सहारा लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र यादव ने बताया मामला उनकी जानकारी में नहीं है। पता लगाया जाएगा।
अधिकांश शौचालय अधूरे, कुछ को पूर्ण दिखाने की खानापूरी
2,82271 के सापेक्ष अब तक 2,33525 शौचालयों का निर्माण हो सका पूरा
30 नवंबर तक सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने का है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
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पंचायतीराज विभाग अधूरे शौचालयों से जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित करने की कोशिश में जुटा है। डीएम, सीडीओ के कड़े निर्देशों का असर ग्राम स्तरीय अधिकारियों पर नहीं दिख रहा है। शौचालय अधूरे होने से ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।
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विकास खंडाें में शौचालय निर्माण का काम तेजी नहीं पकड़ रहा है। बड़ी संख्या में शौचालय अधूरे हैं। शासन व प्रशासन की सख्ती के बाद भी शौचालय निर्माण में तेजी नहीं है। पुरवा के त्रिपुरारपुर में शौचालय निर्माण का काम सुस्त है। राज मिस्त्रियों की संख्या बढ़ाने के आदेश के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
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पुरवा विकासखंड के सलेथू, चमियानी, विशुनखेड़, मिर्जापुर, अटवट, छूलामऊ, त्रिपुरारपुर में शौचालय निर्माणाधीन हैं। ऐसा ही हाल नवाबगंज, मौरावां का भी है। मौरावां के हरिप्रसाद खेड़ा मजरे के महारानीखेड़ा में जिन शौचालयों का निर्माण हो चुका है। उनका प्रयोग बर्तन व कंडे भरने में हो रहा है। उधर जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र यादव समय से शौचालयों का निर्माण पूरा करने का दावा कर रहे हैं।
42 हजार शौचालयों का निर्माण शेष
जिले को पूरी तरह ओडीएफ घोषित होने में 282271 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। अब तक फोटो अप लोडिंग लगभग 2,33525 शौचालयों के होने का दावा किया जा रहा है। इसके अनुसार अभी भी 42856 शौचालयों का निर्माण शेष है।
ग्राम प्रधान ने गिरा दिया शौचालय
अजगैन। बिछिया ब्लाक के कोईथर में ग्राम प्रधान ने निर्माण पूरा होने के बाद शौचालय सिर्फ इस बात पर गिरा दिया, क्योंकि वह निर्धारित स्थान से दूसरी जगह बनाया गया था। पीड़ित परिवार ने प्रधान के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। बिछिया विकासखंड की ग्रामसभा कुईथर में ग्राम प्रधान पर सुरेश ने शौचालय गिराने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि उसका शौचालय निर्धारित स्थान से अलग बन गया था। प्रधान को जानकारी हुई तो वह कुछ लोगों के साथ पहुंचे और शौचालय तोड़ दिया। ब्लाक स्तरीय अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उसने अब मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल का सहारा लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र यादव ने बताया मामला उनकी जानकारी में नहीं है। पता लगाया जाएगा।
अधिकांश शौचालय अधूरे, कुछ को पूर्ण दिखाने की खानापूरी
2,82271 के सापेक्ष अब तक 2,33525 शौचालयों का निर्माण हो सका पूरा
30 नवंबर तक सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने का है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो